आपकी क्रिएटिविटी दिलाएगी आपको बेहतरीन सैलरी पैकेज

फिक्की-केपीएमजी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष भारत का क्रिएटिव आर्ट बाजार 14.6 बिलियन का हो चुका है।

एजुकेशन डेस्क। अगर आप मेडिकल, इंजीनियरिंग या करियर के ऐसे ही पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा कुछ रचनात्मक चुनना चाहते हैं तो यह आपके लिए अच्छा दौर है। देश का आर्ट मार्केट, जो अभी तक कुछ मुट्ठी भर लोगों तक सीमित था, पिछले सालों में काफी विस्तृत हुआ है। फिक्की-केपीएमजी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष भारत का क्रिएटिव आर्ट बाजार 14.6 बिलियन का हो चुका है। डिजिटाइजेशन और ऑनलाइन मार्केट ने भी इस क्षेत्र को मजबूती दी है। जिसके चलते देश में अब उन क्षेत्रों में भी अवसरों के दरवाजे खुलने लगे हैं, जिन्हें अब तक सुनहरे करियर के तौर पर नहीं देखा जाता था। लगातार बढ़ रही इस इंडस्ट्री ने रचनात्मक पेशेवरों के लिए अपनी क्रिएटिविटी के माध्यम से कॅरिअर बनाने का रास्ता खोल दिया है। अब इस सेक्टर में भी संबंधित विशेषज्ञों की अच्छी मांग पैदा हो रही है जिसके लिए फिलहाल पर्याप्त पेशेवर नहीं हैं।

कौनसे क्षेत्र देंगे नौकरी 
- पिछले सालों में विजुअल आर्ट्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स, नॉन कॉमर्शियल सिनेमा, साहित्य, हैरिटेज और परम्परागत हस्तकला का बाजार काफी बढ़ा है। इस सेक्टर की ग्रोथ इतनी तेज है कि 2020 तक यह बढ़कर 31 मिलियन डॉलर का हो जाने वाला है। इसके चलते जल्द ही यह रोजगार पैदा करने वाला एक मजबूत सेक्टर बन जाएगा। ऐसे में अगर आप रचनात्मक हैं तो अपनी क्रिएटिविटी को धार देने का यह सही समय है। यहां उन ऑफबीट जॉब्स का जिक्र है, जो आपके कॅरिअर को नई ऊंचाई प्रदान कर सकते हैं। 

आर्ट हिस्टोरियन 
- भारत का इतिहास बहुत समृद्ध है और इससे जुड़ी कलात्मक चीजों को पूरी दुनिया में बेहद पसंद किया जाता है। डिग्री के साथ इतिहास से संबंधित कलात्मक पहलुओं की बारीक जानकारी आपको ऑक्शन हाउसेज, आर्ट गैलरी और आर्ट म्यूजियम में अनुभव के आधार पर 2 से 5 लाख तक का पैकेज दिलवा सकती है। नमन आहूजा और आर. शिव कुमार भारत के जाने-माने आर्ट हिस्टोरियंस हैं।

ग्लास आर्टिस्ट 
- शीशे से जुड़े कलात्मक काम की मुरीद पूरी दुनिया रही है। बड़े होटल्स की लॉबी से लेकर ड्रॉइंग रूम तक ग्लास के काम की मांग होने लगी है। ग्लास को लेकर नए डिजाइन और क्रिएटिव आर्ट में नए प्रयोग यूरोप में बहुत पहले से हो रहे हैं, लेकिन भारत में इसका ट्रेंड हाल में शुरू हुआ है। समय के साथ यहां भी उत्कृष्ट पेशवरों की मांग होने लगी है। इस क्षेत्र में रश्मि डे ने ग्लास आर्टिस्ट व आंत्रप्रेन्योर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। 

आर्ट थैरेपिस्ट 
- आर्ट थैरेपी भारत में अपेक्षाकृत एक नया विकल्प है। आर्ट थैरेपी की मदद से लोगों की मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है। तेजी से बढ़ रहे तनाव, सदमे, फोबिया और ऐसी परेशानियों से निजात दिलाने के लिए आर्ट थैरेपी एक प्रभावशाली भूमिका निभा रही है। आर्ट थैरेपिस्ट इन लोगों को अपने डर को रंगों व तस्वीरों के माध्यम से अभिव्यक्त करने में मदद करते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में रुझान वाले पेशेवरों के लिए यहां अच्छे मौके उपलब्ध हो रहे हैं। 

फूड स्टाइलिंग 
- भारत की फूड इंडस्ट्री में रेस्टोरेंट चेन्स और होटल ग्रुप्स ने बड़ा बदलाव किया है। इनसे जुड़े प्रोफेशनल्स अपने ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाने के प्रेजेंटेशन को लेकर बहुत सतर्क हो गए हैं और उसे ज्यादा से ज्यादा सुंदर दिखाने के लिए फूड स्टाइलिंग का सहारा ले रहे हैं। होटल मैनेजमेंट कोर्स में शेफ के साथ अब फूड स्टाइलिंग कोर्सेज को भी तवज्जो दी जाने लगी है। सिर्फ फूड स्टाइलिंग को लेकर ट्रेनिंग स्कूल्स खुलने लगे हैं। ऐसे में यहां सिर्फ अच्छा खाना बनाने से काम नहीं चलेगा बल्कि उसे सुंदर दिखाने के लिए भी बारीकियां सीखनी होंगी। नितिन टंडन इस क्षेत्र का बड़ा नाम हैं। 

फाइबर आर्टिस्ट 
- धागों से कलात्मक वस्तुएं बनाने का काम फाइबर आर्टिस्ट के माध्यम से किया जा रहा है। धागों को लेकर भारत में रोज नए प्रयोग हो रहे हैं। अच्छे फाइबर आर्टिस्ट के काम की कीमत हजारों में शुरू होकर लाखों तक पहुंच रही है। इंटीरियर डिजाइनिंग में फाइबर आर्टिजन का रोल अहम होता जा रहा है। शिवानी अग्रवाल और पुनीत कौशिक फाइबर आर्ट में उभरते हुए नाम हैं। 

Next News

PCM के स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग के अलावा यहां बना सकते हैं अपना करियर

इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली जेईई मेन के लिए आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या लगातार कम हो रही है। 

बच्चों को उनकी मर्जी का सब्जेक्ट चुनने दें: एक्सपर्ट्स

दैनिक भास्कर के दो दिवसीय एजुकेशन और करियर फेयर के अंतिम दिन सैकड़ों स्टूडेंट्स को एक्सपर्ट्स ने बताए करियर ऑप्शन।

Array ( )