UPSC Prelims 2018: पेपर रहे टफ, 1 पद पर 383 कैंडिडेट्स दावेदार

यह एग्जाम केवल स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में ली जाती है। इस एग्जाम के मार्क्स मेन्स के लिए क्वालीफाई कैंडिडेट में नहीं जोड़े जाते हैं।

एजुकेशन डेस्क। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) ने 2018 में होने वाली सिविल सर्विसेस प्रीलिम्स के एग्जाम खत्म हो चुके हैं। एग्जाम के लिए दो पेपर अलग- अलग पारियों में हुए। पहला पेपर सुबह परीक्षा साढ़े 9 से साढ़े 11 और दूसरा पेपर दोपहर ढाई से साढ़े 4 बजे तक था। स्टूडेंट्स करे अनुसार इस साल का पेपर पिछले साल की तुलना में टफ रहा। इस एग्जाम में देशभर के 3 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। इस एग्जाम के जरिए IAS, IFS और IPS ऑफिसर को शॉर्टलिस्ट किया जाता है। यूपीएससी की सिविल सर्विस एग्जाम तीन स्टेज में होती है। पहली स्टेज पर प्रीलिम्स एग्जाम , फिर मेन्स और फिर इंटरव्यू के जरिए कैंडिडेट्स का सिलेक्शन विभिन्न पदों के लिए किया जाता है। 

ऐसा था पेपर-1 का पैटर्न

सेक्शन        

क्वेश्चन

इतिहास, कला और संस्कृति

19

अर्थव्यवस्था

17

राजनीति

14

पर्यावरण और इकोलॉजी

14

भूगोल

12

अन्य (विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अंतर्राष्ट्रीय संगठन, वर्तमान मामलों) 

24

कुल 100

 

स्टूडेंट्स के अनुसार इस साल टफ था एग्जाम

- स्टूडेंट्स ने कहा कि इस साल के पेपर पिछले साल के मुकाबले थोड़े टफ थे ।
- पेपर के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किए गए पर कुछ प्रश्न पहली बार आए, जो पेपर के सपराइजिंग ऐलीमेंट थे।
- क्वेश्चन पेपर थोड़ा डिफरेंट था खास कर कुछ प्रश्न बहुत ही अलग तरीके से पूछें गए थे। जिसकी  वजह से पेपर पिछले साल की तुलना में थोड़ी चटफ लगा।

इस साल कुछ सिलेबस के सेक्शन से क्वेश्चन नहीं आए।

- राजनीति में पहली लोक सभा के  बारें में प्रश्न पूछें गए जो एग्जाम पहले कभी नहीं आए ।
- नेशनल सेंपल सर्वे ऑर्गनाइजेशन के कुछ क्वेश्चन आए कि चार साल पहले के डॉक्यूमेंट के बारें में सवाल पूछें गए। जबकि इन सेक्शन से सवाल नहीं पूछे जाते।

इस साल गिर सकता ही कट-ऑफ

- पिछले साल के तुलना में इस साल को कटऑफ कुछ प्वाइंट नीचे गिर सकता है । 
- पिछले साल जनरल कैटेगिरी का कटऑफ 105.3 था।

 

ऐसे होता है सिविल सर्विसेस में सिलेक्शन
- एग्जाम में तीन स्टेज से गुजरना होता है। 
- पहली स्टेज में प्रीलिम्स एग्जाम लिया जाता है, जिसमें ऑब्जेक्टिव के पैटर्न में सवाल पूछे जाते हैं। जो कैंडिडेट इस एग्जाम को क्लियर करता है वे मेन्स एग्जाम के लिए क्वालीफाई होते हैं। 
- दूसरी स्टेज में मैन्स का पेपर लिया जाता है, जो रिटन फॉर्म में होता है। इसे क्लियर करने वाले तीसरी स्टेज के लिए क्वालिफाय होते हैं। 
- तीसरी स्टेज में कैंडिडेट को इंटरव्यू की प्रोसेस से गुजरना होता हैं। जो कैंडिडेट इन तीनों स्टेजों को क्लियर करता है। वे वीभिन्न पदों के लिए मार्क्स के हिसाब से सिलेक्ट होता है। 

 

प्रीलिम्स एग्जाम
- प्रीलिम्स एग्जाम में ऑब्जेक्टिव के दो पेपर होते हैं। इसमें कैंडिडेट को दानों पेपर को मिलाकर 400 मार्क्स में से ज्यादा से ज्यादा स्कोर करना होते हैं।    
- यह एग्जाम केवल स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में ली जाती है। इस एग्जाम के मार्क्स मेन्स  के लिए क्वालीफाई  कैंडिडेट में नहीं जोड़े जाते हैं। 
- पेपर में दिए हुए सवालों के गलत जवाब देने पर नेगेटिव मार्किंग भी हाती है। 

 

मेन्स एग्जाम 
- यूपीएससी की सिविल सर्विस एग्जाम में एक कैंडिडेट्स की रैंकिंग मेन्स और इंटरव्यू एग्जाम के टोटल मार्क्स पर निर्भर करती है। इंटरव्यू के कुल मार्क्स 275 हैं, जबकि मेन्स परीक्षा के 1750। 
- लिखित परीक्षा मेन्स में कुल 9 पेपर होते हैं। लेकिन उनमें से केवल 7 पेपर के मार्क्स अंतिम मेरिट रैंकिंग के लिए जोड़े जाएगें। बाकी दो सिर्फ क्वालीफाइंग पेपर होंगे। 

 

पिछले 10 सालों की तुलना में इस साल सबसे कम पद

साल पद
2008 881
2009 989
2010 965
2011 880
2012 1037
2013 1000
2014 1291
2015 1129
2016 1079
2017 980
2018 780

 

- पिछले 5 सालों में 40% गिरा है पदों को आंकड़ा।
- 2017 में  13,366 कैंडिडेट्स में क्लियरर किया था यूपीएससा-प्री का एग्जाम।
- 2017 में 2568 कैंडिडेंट्स को इंटरव्यू के लिय चयनित किया था।

 

ड्यूटी में लगे अफसरों से मांगा नो रिलेशन सर्टिफिकेट 
- आयोग इस बार इतना सख्त है कि उसने ड्यूटी में लगे अधिकारियों से नो रिलेशन सर्टिफिकेट मांगा है, जिसमें पूछा है कि जहां वह ड्यूटी कर रहे हैं, वहां कोई भी उनका रिश्तेदार, परिचित परीक्षा देने के लिए नहीं बैठा है। 

10 मिनट पहले आना जरूरी 
- अपर कलेक्टर, अपर आयुक्त, उपायुक्त से लेकर एसडीएम स्तर तक के अधिकारी की ड्यूटी लगाई है। पहले नियम था कि परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट बाद भी पहुंचता तो उसे बैठने की मंजूरी मिल जाती थी। 
- इस बार नियम बदलते हुए साफ कहा है कि परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पहले तक आने वाले को ही मंजूरी मिलेगी। सुबह परीक्षा साढ़े 9 से साढ़े 11 बजे तक है और दूसरा पेपर दोपहर ढाई से साढ़े 4 बजे तक है। 

 

ऐसे कर सकते हैं एडमिट कार्ड डाउनलोड

- एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in या upsconline.nic.in पर जाएं।
- यहां होमपेज पर 'ई-एडमिट कार्ड' का नया सेक्शन दिखाई देगा, इस पर क्लिक करें।
- इसके बाद कैंडिडेट्स अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा। यहां से कैंडिडेट्स अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

ऑफिशियल वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें

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