UPSC Prelims 2018: इकोनॉमिक्स सेक्शन ने स्टूडेंट्स को किया परेशान

यूपीएससी की मेन्स एग्जाम 1 अक्टूबर 2018 को आयोजित की जाएगी। 

 

एजुकेशन डेस्क। संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज का प्रिलिम्स एग्जाम देशभर में रविवार को एक साथ आयोजित किया गया। ई-एडमिट कार्ड को लेकर हुए बदलाव के साथ यह एग्जामपहली बार आयोजित की गई थी। इस एग्जाम में देशभर के 3 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हुए थे।। एक्सपर्ट के मुताबिक इकोनॉमिक्स सेक्शन में बैंकिंग से जुड़े सवालों ने कैंडिडेट्स को काफी परेशान किया। ओवरऑल पेपर बेसिक लेवल का था। गौरतलब है कि यह एग्जाम 750 पदों के लिए कंडक्ट किया गया। यूपीएससी की मेन्स एग्जाम1 अक्टूबर 2018 को आयोजित की जाएगी। 

हिस्ट्री से जुड़े सवाल ज्यादा 
एक्सपर्ट लक्ष्मीशरण मिश्र के मुताबिक एग्जाममें दो बड़े बदलाव देखने को मिले। करीब पांच साल बाद हिस्ट्री से जुड़े 20 सवाल पूछे गए। अभी तक केवल स्कूल लेवल की हिस्ट्री ही पूछी जाती थी, लेकिन इस बार हिस्ट्री के सवालों का स्तर बढ़ा है। 

पिछले साल से अधिक हो सकता है कटऑफ 
सेकंड पेपर में इकोनॉमिक्स से जुड़े सवालों ने कैंडिडेट्स को परेशान किया। इस बार बैंकिंग सेक्टर से जुड़े अधिक सवाल पूछे गए। वहीं करेंट अफेयर्स से जुड़े 15 सवाल कम पूछे गए। यही वजह है कि इस बार कटऑफ पिछले साल की तुलना में कुछ अधिक होने की संभावना है। 

एग्जाम सेंटर पर दो पाली में हुआ यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 
-  हर शहर में बनाए गए एग्जाम केंद्रों पर पहली बार जैमर्स लगाए थे और कैंडिडेट्स की एंट्री का समय 9.20 तक रखा गया था। इससे पहले अब तक प्रारंभिक एग्जाम में जैमर्स का उपयोग नहीं किया गया था।
-  यह एग्जाम दो पालियों में हुई। पहली पाली सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक रही। इसके लिए कैंडिडेट्स को 9.20 बजे तक एग्जाम केंद्रों में प्रवेश दिया गया। दूसरी पाली दोपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक रही। इस बार एक्जाम में आधे से अधिक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
   
200 नंबर का रहा पेपर 
- पहला पेपर जीएस का रहा, इसमें 100 सवाल पूछे गए जो 200 नंबर के थे। इसी तरह दूसरा सी-सैट का हुआ, जिसमें 80 सवाल आए। यह भी 200 नंबर के रहे। 
- सी-सैट का पेपर क्वालिफाइंग है, इसमें 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। 5 साल बाद हिस्ट्री से जुड़े 20 सवाल पूछे गए। अभी तक स्कूल लेवल की हिस्ट्री ही पूछी जाती थी। 

कठिन रहा जीएस का पेपर 
- एग्जामदेने आए यतीश अग्निहोत्री ने बताया कि जीएस का पेपर 2 वर्षों की अपेक्षा ज्यादा कठिन रहा है। इस बार सवाल ज्यादा घुमाकर पूछे गए और इतिहास से संबंधित सवाल ज्यादा आए। 
- परीक्षार्थी गौरव त्रिवेदी का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार योजनाओं से संबंधित सवालों की संख्या कम रही। परीक्षार्थी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार करंट अफेयर से संबंधित सवाल भी 3 साल पहले के पूछे गए। 

1 अक्टूबर को मेन्स परीक्षा 
- यह एक्जाम 750 पदों के लिए कराया गया। यूपीएससी की मेन्स एग्जाम1 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। 
 

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