दो चीजें तरक्की करने से रोकती हैं- अड़ियल रुख और ठहर जाना

कामयाबी के लिए जरूरी विचारों में लचीलापन

एजुकेशन डेस्क।  अपनी दिमागी ताकत को ज्यादा इस्तेमाल से रोकने वाली दो महत्वपूर्ण बातें होती हैं। एक- अड़ियल रुख और दूसरा- एक स्तर पर पहुंचकर ठहर जाना। अड़ियल रुख को दूसरे शब्दों में व्यवहार का कड़ा हो जाना भी कहा जा सकता है। यह खास तौर पर ऐसे व्यक्ति द्वारा महसूस किया जाता है, जो अपने विचारों को लेकर हठी, कठोर और न बदलने वाला हो। यह एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो किसी व्यक्ति या बात के प्रति किसी निष्कर्ष पर पहुंचकर फिर उसके बारे में विचार बदलने को कतई तैयार नहीं होता। इस पूर्वाग्रह को सोचने का मशीनी तरीका भी कहा जाता है। इसके ठीक विपरीत सोच वाले ज्यादा खुले और लचीले व्यवहार के होते हैं। इसे परिस्थिति के अनुरूप बदलने वाला आम विचार कहा जाता है। इस तरह के लोग हर नई जानकारी को हासिल करने के प्रति खुली सोच रखते हैं। वे नए विचार और नए घटनाक्रम को लेकर उत्सुक होते हैं और उसमें रुचि रखते हैं। वे इस बात को लेकर ज्यादा चिंतित होते हैं कि क्या सही है, बजाय इसके कि कौन सही है। 


अगर कोई आकर किसी नए विचार को बेहतर साबित कर दे तो वे पुराने विचार को छोड़ने के लिए तैयार रहते हैं। वे इस बात को लेकर ज्यादा चिंतित होते हैं कि नए विचार से उनकी समस्या को कैसे हल किया जा सकता है या लक्ष्य को कैसे हासिल किया जा सकता है। मेनिंगर इंस्टिट्यूट के अनुसार 21वीं सदी में कामयाबी के लिए आपको जिस गुण की सबसे ज्यादा जरूरत होगी वो है, विचारों का लचीलापन। लचीलापन नई चीजों को आज़माने की तैयारी दिखाता है। इसका मुख्य अर्थ यह भी है कि आपके भीतर पुरानी और दकियानूसी बातों को छोड़कर, नए और ज्यादा प्रभावी विचारों को लगातार अपनाने की योग्यता है। 

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