RGPV/ विवि में संचालित कोई भी कोर्स ऐसा नहीं, जो NBA मापदंड पर खरा उतरा

सालों से खाली पड़े हैं 50 फीसदी से भी ज्यादा फैकल्टी के पद

एजुकेशन डेस्क। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) जिसे प्रदेश के अन्य टेक्निकल इंस्टीट्यूट के लिए आर्दश स्थापित करने थे, उसी के हाल बेहाल हैं। 800 करोड़ के फंड वाले विवि में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। नतीजा- छात्रों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा नहीं मिल रही है। बीते 5 साल से फैकल्टी की भर्ती नहीं हुई है। इससे पहले जो नियुक्तियां हुईं वे विवादों में रही हैं। विवि कैंपस में संचालित सबसे प्रमुख यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) में टीचिंग सहित विभिन्न रेगुलर पदों में से 50% से ज्यादा खाली हैं। आरजीपीवी परिसर में तीन संस्थान संचालित हो रहे हैं। यूआईटी के अलावा इनमें यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट और पॉलिटेक्निक भी शामिल हैं। इनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। इसके चलते टेक्निकल एजुकेशन में टीचिंग में कॅरियर बनाने के लिए पीएचडी कर चुके युवाओं को पद खाली होने के बाद भी रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

लैब के भी हाल खस्ता :
 विवि के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और पैट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग विभाग में आवश्यक लैब ही नहीं है। इसके अलावा कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग समेत अन्य विभागों की लैब में मूलभूत उपकरण और सॉफ्टवेयर ही नहीं है।

विवि तय ही नहीं कर पा रहा है कि किन कोर्स के लिए एक्रिडिटेशन कराएं
12 साल बीत गए, लेकिन विवि किसी भी कोर्स का एक्रीडिटेशन नहीं करा सका है। स्थिति यह है कि एनबीए के मापदंड के अनुसार विवि में संचालित कोई भी एेसा कोर्स नहीं है, जो एनबीए के मापदंड पर खरा उतरता हो। इसके लिए सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट तैयार की जाती है। जिसमें मालूम होता है कि इंस्टीट्यूट की स्थिति क्या है, जबकि आरजीपीवी को प्रदेश के अन्य इंस्टीट्यूशन में संचालित कोर्स का एक्रिडिटेशन कराने के लिए नोडल संस्था बनाया गया है, लेकिन आरजीपीवी खुद ही इस मामले में असफल है। पिछले दो साल में हुईं तमाम बैठकों के बाद भी विवि यह ही तय नहीं कर पा रहा है कि किन कोर्स का एक्रिडिटेशन कराने आवेदन करना है।

मार्च 2020 तक एनबीए करा लेंग

2 साल से एनबीए से एक्रीडिटेशन नहीं मिला है?
सिविल, मैकेनिकल, आईटी इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स की एनबीए की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मार्च 2020 तक विभागों का एनबीए करा लिया जाएगा। 50% से अधिक पद खाली हैं? 
आरक्षण का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसके कारण नियुक्तियां नहीं कर पा रहे थे। उच्च शिक्षा संस्थानों में आरक्षण की प्रक्रिया के संदर्भ में जीएडी ने 100 पाइंट का रोस्टर जारी किया है। जल्द ही रिक्त पदों पर भर्तियां करेंगे।

विवि खाली पदों पर नियुक्तियां करे तो कई युवाओं को मिल जाएं रोजगार के अवसर

इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

पद

स्वीकृत

खाली

प्रोफेसर

15

07

एसोसिएट प्रोफेसर

34

20

असिस्टेंट प्रोफेसर

60

27

असिस्टेंट वर्कशॉप

   

सुपरीडेंट

02

02

प्राेग्रामर

01

01


यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट

पद

स्वीकृत

खाली

संचालक

03

03

प्रोफेसर

07

06

एसोसिएट प्रोफेसर

21

18

असिस्टेंट प्रोफेसर

31

23

सीनियर सिस्टम एनालिस्ट

01

01

रिसर्च एसोसिएट

06

06


पॉलिटेक्निक

पद

स्वीकृत

खाली

प्राचार्य

01

01

विभागाध्यक्ष

04

03

टीपीओ

01

01

व्याख्याता

27

25

वर्कशॉप सुपरीडेंट

01

01

लाइब्रेरियन

01

01

 

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