Success Strategy / गोल्स लिखने से सफलता की संभावना 42 फीसदी ज्यादा होगी

स्टडीज कहती हैं कि अगर आप किसी चीज के बेहतर रिजल्ट्स चाहते हैं तो उसे पेपर पर लिख लें

एजुकेशन डेस्क। डोमिनिकन यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में साइकोलॉजी के प्रोफेसर डाॅ गेल मैथ्यूज द्वारा की गई एक स्टडी के अनुसार गोल्स को कागज पर लिखने के कई फायदे हो सकते हैं। उन्होंने 23 से 72 साल के लोगों पर एक स्टडी की जिनमें आंत्रप्रेन्योर्स, एजुकेटर्स, हैल्थकेयर प्रोफेशनल्स, आर्टिस्ट्स, लॉयर्स और बैंकर्स भी शामिल थे। उन्होंने उन्हें दो ग्रुप्स में बांटा जिनमें से एक ने पेपर पर अपने गोल्स लिखे और दूसरे ने अपने गोल्स नहीं लिखे। जिन लोगों ने अपने गोल्स को लिखा वे उन्हें प्राप्त कर पाए। इस प्रयोग से वे पता कर पाए कि जब भी हम किसी चीज के बेहतर रिजल्ट्स चाहें तो उन्हें लिख लें। लिस्ट बनाकर हम उन्हें पूरा करने के लिए अधिक मेहनत करते हैं। उन्होंने पाया कि लिखने से आपके गोल्स प्राप्त करने की संभावना 42 प्रतिशत बढ़ जाती है। डाॅ गेल आगे यह भी सुझाते हैं कि अपने गोल्स को किस क्रम में कागज पर लिखें।

एक साल के अपने सपनों को लिखें
पंद्रह मिनट का टाइमर सेट करके अपनेसबसे जरूरी गोल्स, ड्रीम्स और प्रोजेक्ट्स को लिख लें जिन्हें आप पहलेसाल में पा लेना चाहते हैं। साथ ही उन चीजों की भी लिस्ट बना लेंं जो आपको गोल्स तक पहुंचने में मदद करेंगी जैसे आप क्या बदलना चाहेंगे, क्या शुरू करना चाहेंगेया क्या नया सीखना चाहेंगे।

सपने सच करने के लिए करें प्रयास
अपने सपनों की लिस्ट को देखें। हो सकता है उसमें कुछ पॉइंट्स ऐसे भी हों जो आपको डर या उत्साह से भर दें। उन पर गौर करें और जो काम आपको अपने सपने सच करने में मदद करता हो उसी काम से शुरू करें। बार-बार खुद से पूछते रहें कि जो आप कर रहे हैं वह आपके लिए किस तरह जरूरी है और उससे आपके जीवन में कितने बदलाव आने वाले है। 

एक बार में एक सपना चुनें
हो सकता है कि सपनों की लिस्ट में आपने बहुत कुछ लिखा हो, लेकिन इस स्टेज पर आकर अपनी कोई एक फाइनल चॉइस तय कर लेनी चाहिए। ऐसा करके आप अपने व्यवहार में उसे अपना सकेंगे, साथ ही अपने अंदर सपनों को सच करने का विश्वास भी जगा पाएंगे। इसके अलावा आपको फोकस करने और मानसिक रूप से एक गोल के लिए मजबूत रहने में भी मदद मिलेगी।

हर दिन का एक गोल बनाएं
अपनेसपनों को पानेया सच बनाने के लिए आपको हर दिन का एक गोल निर्धारित करना चाहिए। उदाहरण के लिए अगर आप कोई किताब लिख रहे हैं तो फिर इसके लिए सबसे पहलेयह तय करें कि आप हर दिन कितनी देर तक और कितने शब्द लिखेंगे। इसके अतिरिक्त इमोशनल डिसिप्लिन और आदतें भी हमें गोल की तरफ ले जाती हैं। इस तरह आप अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
 

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