किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स बना सकते हैं हॉस्पिटल मैनेजमेंट में कॅरिअर

हेल्थकेयर सेक्टर के तेजी से बढ़ने के कारण इसमें ऐसे लोगों की जरूरतें भी बढ़ी हैं, जो इसे मैनेज कर सकें।

एजुकेशन डेस्क। भारत में हेल्थकेयर सेक्टर कमाई और नौकरी दोनों लिहाज से बड़ा क्षेत्र है। इस सेक्टर में पिछले कुछ वर्षों में तेजी देखने को मिली है। देश में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही अलग- अलग राज्य की सरकारें हॉस्पिटल खोलने के अलावा छोटे क्लीनिक खोलने पर जोर दे रही हैं। हेल्थकेयर सेक्टर के तेजी से बढ़ने के कारण इसमें ऐसे लोगों की जरूरतें भी बढ़ी हैं, जो इसे मैनेज कर सकें।

 

हॉस्पिटल मैनजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए मौके इसलिए बढ़ रहे हैं। 
- हॉस्पिटल की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए ऐसे प्रोफेशनल की जरूरत होती है, जो इसे मैनेज कर सकें और यहीं पर हॉस्पिटल मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन की भूमिका होती है।
- हॉस्पिटल मैनेजमेंट में हॉस्पिटल से जुड़ी चीजों प्लान करना, ऑर्गनाइज करना, स्टाफ रिक्रूट करना, कोऑर्डिनेशन बनाना, चीजों को कंट्रोल करना हेल्थ सर्विसेस को बेहतर बनाना शामिल है।
- हॉस्पिटल चौबीसो घंटे खुले रहते हैं। ऐसे में हॉस्पिटल की छोटी सी छोटी को मैनेज करना और भी जरूरी हो जाता है।
- हॉस्पिटल मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को हॉस्पिटल के संसाधनों को भी मैनेज करना होता है, ताकि सर्विसेस के साथ समझौता किए बिना हॉस्पिटल फायदे में बना रहा। हॉस्पिटल को इकोनॉमकली मैनेज करना भी इसमें शामिल है।
- आमतौर पर हॉस्पिटल को मैनेज करने का काम डॉक्टर ही करते आ रहे थे, लेकिन उन्हें इसकी कोई ट्रेनिंग नहीं मिलती इसलिए कई बार असुविधाओं का सामना भी करना पड़ता था।
- लेकिन अब ट्रेंड बदल रहा है और हॉस्पिटल मैनजमेंट के लिए प्रोफेशनल्स को महत्व दिया जा रहा है। देश में हेल्थकेयर सेक्टर जितना तेजी से विकसित हो रहा है, उतना ही लोग बेहतर सुविधाओं की अपेक्षा कर रहे हैं।


कैसे मिलेगा प्रवेश
50 फीसदी अंकों के साथ किसी भी स्ट्रीम से बैचलर डिग्री करने वाले छात्र इसका कोर्स कर सकते हैं। हालांकि कुछ संस्थानों में प्रवेश के लिए 12वीं में बायोलॉजी विषय जरूरी होता है। पोस्टग्रेजुएट स्तर पर प्रवेश के लिए मास्टर ऑफ मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसमें मेडिकल और नॉन मेडिकल दोनों एकेडमिक बैकग्राउंड के छात्र प्रवेश ले सकते हैं। इसके अलावा छात्र हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेश में एमबीए भी कर सकते हैं। बैचलर डिग्री के बाद पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा में भी प्रवेश ले सकते हैं।

कहां कर सकते हैं  
- जॉब इसे क्षेत्र में सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल दोनों में कॅरिअर बना सकते हैं। इसके अलावा क्लीनिक कंसल्टिंग फर्म्स, हेल्थ इंश्योरेंस ऑर्गनाइजेशन, नर्सिंग होम, मेंटल हेल्थ ऑर्गनाइजेशन, पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट, रिहैबिलिटेशन सेंटर और एनजीओ में कॅरिअर बना सकते हैं। 

क्या होगा सैलरी पैकेज
- इस क्षेत्र में फ्रेशर को 12-15 हजार रुपए प्रति माह का सैलरी पैकेज मिल सकता है। कुछ वर्षों के बाद सैलरी पैकेज 35 से 45 हजार रुपए प्रति माह तक का हो सकता है। बड़े कॉर्पाेरेट हॉस्पिटल में सैलरी इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।

कहा कर सकते हैं कोर्स

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ
मेडिकल साइंसेस, दिल्ली
http://www.aiims.ac.in

अपोलो इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटल
एडमिनिस्ट्रेशन
http://www.apolloiha.ac.in

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल
साइंसेस, मुंबई
http://www.tiss.edu
 बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,
पिलानी
http://www.bits-pilani.ac.in 

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