पैशन को कभी नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि उसका पीछा करना चाहिए: अमीश त्रिपाठी

हर उस रुकावट से आगे बढ़ जाइए, जो लगातार आपके सपनों का रास्ता रोक रही हो

First Person। मैने एक बैंकर के रूप में अपने कॅरिअर की शुरुआत की थी और आज मैं एक लेखक हूं। यह बहुत लंबी और आश्चर्यचकित करने वाली यात्रा है। एक बैंकर का एक फिक्शन राइटर बनना आश्चर्यजनक तो हो सकता है, लेकिन इसे लंबा सफर कैसे कहेंगे। इसे कुछ इस तरह समझ सकते हैं। मैंने जो किताबें लिखीं उनका संबंध इतिहास से है, लेकिन मैं मैथ्स का स्टूडेंट रहा हूं। अपनी पहली किताब लिखने से पहले मैंने जीवन में कोई कहानी तक नहीं लिखी थी। मेरी पहली किताब भगवान शिव के बारे में थी, लेकिन कॉलेज  के दिनों से ही मैं नास्तिक था। इसके बावजूद मैं एक ऐसी किताब लिख पाया, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया।


सुनिए दिल की आवाज
- आप क्या बनना चाहते हैं यह आप जानते हैं। आपका अंतरमन आपको बार-बार बताता भी है कि आप किसलिए बने हैं। मुझे बचपन से ही इतिहास से प्रेम था। यह विषय मुझे हमेशा आकर्षित करता रहा है, लेकिन एक इतिहासकार बनना मेरी नजर में कॅरिअर के लिहाज से बहुत अच्छा आॅप्शन नहीं था इसलिए मैं एक बैंकर बन गया। लेकिन तब भी मेरे मन की आवाज ने मेरा पीछा नहीं छोड़ा। वह लगातार मुझे प्रेरित करती रही। इसी बीच मैंने फैसला किया कि मैं लिखूंगा। मुझे लगता है हमें अपने पैशन को कभी नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि उसका पीछा करना चाहिए। मैंने भी यही किया। अपनी नौकरी के साथ मैं लिखने लगा। मैंने हर उस काम को छोड़ दिया, जो मेरे लेखन में रुकावट बन रहा था। हां लेकिन अपने सपनों को पूरा करने के लिए टाइम मैनेजमेंट जरूरी है।


खशी भी महत्वपूर्ण है
- जब मेरी किताब पूरी हुई तो उसे लेकर मैं ढेरों प्रकाशकों के पास गया। सभी ने मेरी किताब छापने से इंकार कर दिया। मेरे एक अच्छे दोस्त ने मुझसे कहा कि मैंने एक ऐसी किताब लिखी है, जो धार्मिक होने के कारण युवाओं को आकर्षित नहीं करेगी। भगवान शिव को लेकर नई दृष्टि होने के कारण यह बुजुर्गाें द्वारा नकार दी जाएगी। साधारण अंग्रेजी में होने की वजह से इसे कोई साहित्यिक दर्जा भी प्राप्त नहीं होगा। आखिर में मैंने और मेरे एजेंट ने मिलकर इसे प्रकाशित किया और यह सफल रही। अगर यह सफल नहीं भी होती तो भी मैं उतना ही खुश होता जितना कि आज हूं।
- जब आप अपना पैशन फाॅलो करते हैं तो सफलता और असफलता कोई मायने नहीं रखती। इसलिए मेरी आप से गुजारिश है कि अपने जीवन के अर्थ को खोजने का प्रयास करें। सफलता और असफलता बहुत बाद की बात है। खुशी सबसे महत्वपूर्ण है और एेसा करते हुए आप देखेंगे कि सफलता आपके कदम चूम रही है।

 

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