रिसर्च या टीचिंग तक ही सीमित नहीं है फिलॉसफी का स्कोप

फिलॉसफी कोई एक विषय न होकर बहुत सारे विषयों का समूह है।

एजुकेशन डेस्क। फिलॉसफी यानी दर्शनशास्त्र एक ऐसा सब्जेक्ट है जो आपके अंदर इतनी समझ पैदा कर देता है कि आप सही और सटीक विश्लेषण करने के लिए तैयार हो जाते हैं। यह आपको जीवन की वास्तविकता और उसकी प्रकृति, समाज के प्रति दृष्टिकोण रखना आदि सिखाता है। यह आपको न केवल प्रोफेशनल बनने की दिशा में तैयार करता है, बल्कि बिजनेस में आपको स्थापित करने की ओर भी लेकर जाता है। दर्शनशास्त्र का अध्ययन हमारे लिए कोई नया विषय नहीं है।

हालांकि कुछ समय पहले इस क्षेत्र में जॉब्स की कमी आने के कारण स्टूडेंट्स इससे दूरी बनाने लगे थे, लेकिन जैसा कि कहा जाता है कि इतिहास हमेशा अपने आप को दोहराता है, इन दिनों बहुत-से युवा देश की सामाजिक-राजनीतिक फंक्शनिंग को समझ रहे हैं, ऐसे में इस सब्जेक्ट को लेकर एक बार फिर सेस्टूडेंट्स में क्रेज दिखाई दे रहा है। चूंकि मनुष्यों की तर्क और वाद-विवाद करने की आदत और आवश्यकता हमेशा से ही रही है और इस आवश्यकता की पूर्ति दर्शनशास्त्र बखूबी करता है। 

फिलॉसफी कोई एक विषय न होकर बहुत सारे विषयों का समूह है जिसमें हिस्ट्री, साइकोलॉजी, पॉलिटिक्स जैसे सब्जेक्ट्स के साथ ही लॉजिक्स, एथिक्स और भारतीय धर्म व वर्ल्ड शामिल हैं। इस विषय का अध्ययन करने के लिए स्टूडेंट्स के मन में इसके प्रति जुनून और समझ पैदा करने की इच्छा होना आवश्यक है, क्योंकि दर्शनशास्त्र में हर विषय से संबंधित कुछ न कुछ मिल ही जाता है।

क्यों चुनें फिलॉसफी
- यह सब्जेक्ट, जनरल व फंडामेंटल समस्याओं के अध्ययन का विषय माना जाता है जो वास्तविकता, उपस्थिति, उपयोगिता, समझ, कारण, मन-बुद्धि और भाषा से जुड़े हुए हैं। बहुत-से लोग इस सब्जेक्ट को सिर्फ अपने शौक के लिए चुनते हैं या फिर टीचिंग या पर्सनल मैनेजमेंट के लिए अपनाते हैं। यहां यह समझना जरूरी है कि जो लोग अपनी दिलचस्पी के चलते फिलॉसफी चुनते हैं वे इसे बेहतर रूप से समझ सकते हैं।

यहां से शुरू होगी राह
- आप अपनी ग्रेजुएशन डिग्री में फिलॉसफी सब्जेक्ट चुन सकते हैं। आप इसमें मास्टर्स की पढ़ाई भी कर सकते हैं। आप एमफिल और पीएचडी जैसी डिग्रीज भी हासिल कर सकते हैं। इस सब्जेक्ट को बहुत-सी यूनिवर्सिटीज कॉम्बिनेशन कोर्स के रूप में पढ़ाती हैं जैसे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, बीएससी फिलॉसफी एंड इकोनॉमिक्स, बीएससी फिलॉसफी, लॉजिक एंड साइंटिफिक मैथड, बीएससी पॉलिटिक्स, फिलॉसफी एंड इकोनॉमिक्स और बीएससी पॉलिटिक्स एंड फिलॉसफी जैसे कोर्स ऑफर करता है। यहां ये कॉम्बिनेशन डिग्री कोर्स, एमएससी में भी चुन सकते हैं। ऑक्सफोर्ड सहित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज इस विषय में शॉर्टटर्म कोर्सेज भी करवाती हैं।

ये स्किल्स भी होनी जरूरी हैं
- यह सब्जेक्ट आपको किसी भी टॉपिक को अलग-अलग एंगल से देखने के लिए तैयार करता है। ऐसे में इसके लिए स्टूडेंट्स में क्रिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसी स्किल्स के होने के साथ ही उनकी कम्यूनिकेशन स्किल्स, रिसर्च वर्क पर कमांड और विषय के प्रति झुकाव होना बेहद जरूरी है। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में पार्टिसिपेट करना आपके कई डाउट्स को दूर कर सकता है।

अवसरों की दुनिया
- पेशेवर योग्यताओं से अलग होने के बावजूद दर्शनशास्त्र का अध्ययन आपके लिए अवसरों की नई दुनिया तैयार करता है। एक दार्शनिक (फिलॉसफर) के लिए लेखन, शिक्षण और रिसर्चप्रमुख जॉब फील्ड है। इसके अतिरिक्त एस्पीरेंट्स मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, कम्प्यूटर साइंस, लॉ जैसेक्षेत्रों में भी अपना कॅरिअर चमका सकते हैं। इसके साथ ही पब्लिक रिलेशंस, पॉलिसी एनालिसिस, पत्रकारिता, कंसल्टिंग, सरकारी नौकरियां, सोशल वर्क जैसे काम भी फिलॉसफी ग्रेजुएट्स और पोस्ट ग्रेजुएट्स के लिए खुले हैं। पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग जैसेक्षेत्रों में एस्पीरेंट्स अपनी एनालिटिकल स्किल्स और विचारों को बेहतर बनाकर अपने आपको स्थापित कर सकते हैं। इनके अतिरिक्त आप यूपीएससी, एमपीएससी जैसी संस्थाओं की ओर से आयोजित विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाएं जैसे आईएएस, आईपीएस, आईएफएस आदि देकर देश सेवा भी कर सकते हैं। स्टूडेंट्स इस सब्जेक्ट में अपनी ग्रेजुएशन के बाद किसी भी ऑर्गेनाइजेशन के एचआर विभाग में एडवाइजर्स, लॉबिस्ट (एक्टिविस्ट) और स्पेशलिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं।

यहां से करें पढ़ाई
- क्रास्ट कॉलेज, बैंगलुरू
- गार्डन सिटी कॉलेज, बैंगलुरू
- जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, दिल्ली
- सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता
- यूनिवर्सिटी ऑफ मुम्बई, मुम्बई
- सेंट स्टीफन्स कॉलेज, दिल्ली
- लोयोला कॉलेज, चेन्नई
- फर्ग्यूसन कॉलेज, पुणे।

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