सही टाइम आता है बस धैर्य बनाए रखें : सिद्धांत चतुर्वेदी

वेब सीरीज से एक्टिंग कॅरिअर की शुरुआत करने वाले सिद्धांत एक क्वालिफाइड सीए है

First Person। गली बॉय फिल्म मेरी लाइफ में एक टर्निंग पॉइंट की तरह साबित हुई जिससे आज मेरी एक अलग पहचान भी बन चुकी है। अब मैं जहां भी जाता हूं, लोग मुझे एम सी शेर कहकर बुलाते हैं। ऐसा कम ही देखने में आता है कि किसी सपोर्टिंग एक्टर काे दर्शकों का इतना प्यार मिले जो मुझे इस फिल्म से मिला है। अपनी इस सफलता से मैंने सीखा कि किसी भी क्षेत्र में हीरो बनने का एक ही फॉर्मूला है कि जिस तरह मैंने अपनी एक्टिंग पर ध्यान दिया, ठीक वैसे ही आप बस अपने काम पर ध्यान दें। ध्यान रखें कि आपको हीरो बनाना पब्लिक के हाथ में होता है जबकि अपनी कला और काम को बेहतर बनाना पूरी तरह आपके हाथों में होता है। 

सीए बनने के बाद शुरू की एक्टिंग
सिनेमा से मेरा प्यार बहुत कम उम्र में ही शुरू हो गया था। तब मैं लिखता जरूर था, लेकिन एक्टिंग के बारे में नहीं सोचा था। मैं जब नवीं क्लास में था, तब मैंने अपनी पहली कविता लिखी और फिर लिखना जारी रहा। एक्टिंग से मेरा परिचय ही बहुत देर से हुआ। दरअसल मैं अपने पिता की तरह सीए बनना चाहता था और उसके लिए मैंने पढ़ाई भी की थी, लेकिन कॉलेज में जब ड्रामा टीम से मिला, तब मुझे लगा कि मुझे भी एक्टिंग करके देखनी चाहिए। कुछ नाटक किए भी लेकिन इस दौरान मैंने पढ़ाई पर अपना फोकस भी बनाए रखा। सीए बनने के बाद मुझे लगा कि अब एक्टिंग के बारे में गंभीरता से सोचा जा सकता है।

पिता ने निभाया मेरे जीवन में एम सी शेर का किरदार
इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने के कारण मैं स्ट्रगल के लिए तैयार था। जब पहले ऑडिशन में मैं फेल हो गया, तब ऑडिशन जूरी मेंबर ने मुझे सलाह दी कि पहले कैमरा फेस करना सीखो, फिर ऑडिशन के लिए आओ। इसके बाद ऐसा कई बार हुआ। इस दौरान मेरे पिता ने मुझे काफी हिम्मत दी। हर बार जब मैं किसी ऑडिशन में रिजेक्ट होकर घर पहुंचता, तो वे कहते कि धैर्य से आगे बढ़ते रहो, कभी अपनी कीमत कम मत आंकना, उन्होंने हर तरह से मेरा ख्याल रखा। आखिरकार एक वेब सीरीज से मेरे एक्टिंग कॅरिअर की शुरुआत हुई। उस वेब सीरीज की सक्सेस पार्टी में मेरी मुलाकात जोया अख्तर से हुई और उन्होंने मुझे फिल्म का हिस्सा बनने का मौका दिया।

अमिताभ बच्चन से मिला प्रशंसा पत
चार साल के संघर्ष और बहुत से रिजेक्शन्स के बाद आज मैं यहां पहुंच पाया हूं। मेरी इस यात्रा में सबसे बड़ा रोल मेरे पिता के विश्वास और मेरे धैर्य का रहा। दरअसल सफल होने के लिए आपको यह यकीन रखना होता है कि आपका टाइम आएगा और जरूर आएगा। इस एक रोल ने मेरी जिंदगी बदल दी है। मेरे लिए बहुत खास पल था जब बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने मुझे प्रशंसा पत्र दिया जिसे मैंने अपने पिता के हाथों में दिया। मेरे पिता उस पत्र को पढ़कर कुछ कह तो न सके, लेकिन वे उस दिन सबसे अधिक खुश हुए।
 

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