एपीआई के महत्व को ध्यान में रखकर तैयार किया पोस्टमैन

अभिनव अस्थाना ने इस स्टार्टअप की जरूरत याहू में अपनी इंटर्नशिप के दौरान महसूस की

Success Story। लगभग एक दशक पहले कम्प्यूटर एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) का उपयोग शुरू कर देने वाले अभिनव अस्थाना ने बिट्स पिलानी से ग्रेजुएशन किया। कम उम्र में ही कम्प्यूटर में उनकी रुचि को ध्यान में रखते हुए उनके सिविल इंजीनियर पिता घर पर कम्प्यूटर ले आए। अपने पिता को कम्प्यूटर पर मेनफ्रेम प्रोग्रामिंग करते देख अभिनव भी इसके प्रति आकर्षित होने लगे। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से अभिनव ने बेसिक प्रोग्रामिंग और विजुअल से संबंधित बेसिक्स सीखे। इंटरनेट के नियमित उपयोग ने अभिनव को नए अनुभव प्रदान किए और जल्द ही वे वेबसाइट्स बनाने लगे।

इंटरनेट पर उपलब्ध गाइड्स और वीडियो ट्यूटोरियल्स की सहायता से उन्होंने एचटीएमएल, सीएसएस, फ्लैश, पीएचपी जैसी कम्प्यूटर लैंग्वेज पर अपनी कमांड बनाई। इस तरह आठवीं क्लास में आने तक उन्होंने कम्प्लीट वेब एप्लिकेशंस सीख लीं। इस क्षेत्र में उनकी रुचि के कारण उनके ऐसे ही फ्रेंड्स भी बनते चले गए। हालांकि यह प्लेटफॉर्म अभिनव का दूसरा स्टार्टअप है। इससे पहले वे वर्ष 2010 में याहू में इंटर्नशिप के दौरान टेलीपोर्टमी नामक स्टार्टअप भी शुरू कर चुके हैं। पोस्टमैन को लेकर अभिनव का कहना है, "यह डिजाइनिंग और प्रोग्रामिंग के प्रति मेरी रुचि ही थी जो मुझे प्रॉडक्ट डिजाइन के क्षेत्र में ले आई।'

एक कम्प्लीटटूलचेन सर्विस
आज लगभग चार मिलियन डेवलपर्स को सर्विस देने वाला यह प्लेटफॉर्म दुनियाभर की कम्पनियों से प्रॉजेक्ट लेकर उन पर काम करता है। एक प्लेटफॉर्म के तौर पर पोस्टमैन के लिए यह कहा जा सकता है कि यह प्लेटफॉर्म, एपीआई डेवलपर्स के लिए एक कम्प्लीट टूलचेन है। इसके साथ ही एक बेहतर और फ्लेक्सिबल टूल के रूप में यह स्टार्टअप, एपीआई के माध्यम से कनेक्टेड सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विसेज उपलब्ध करवाता है।

इस तरह रखी स्टार्टअप की नींव
याहू के साथ इंटर्नशिप करने के दौरान अभिनव को एपीआई के महत्व का पता चला। यहां उनकी मुलाकात अंकित सोबती से हुई। उस समय दोनों एक एप का फ्रंट-एंड आर्किटेक्चर डिजाइन कर रहे थे और उन्हें अक्सर एपीआई पर काम करना पड़ता था। उस दौरान उन्होंने महसूस किया कि एपीआई डेवलपमेंट को सपोर्ट करने वाले टूल्स मिसिंग थे जिन्हें सेट करने के लिए उन्हें कोड राइटिंग करनी पड़ रही थी। उन्होंने उन कोड्स को क्रोम वेबस्टोर पर पोस्ट किया। इस तरह उन्होंने इस एपीआई मैनेजमेंट कम्पनी की शुरुआत का निर्णय लिया जिसके नेटफ्लिक्स, सिस्को, माइक्रोसॉफ्ट, सोनी जैसे क्लाइंट्स हैं। पोस्टमैन डिजाइनिंग में इसके प्रॉडक्ट मैनेजर और को-फाउंडर अभिजित काने का योगदान भी कम नहीं है जो अभिनव के स्टार्टअप टेलीपोर्टमी में इंटर्न रह चुके थे।
 

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