12वीं के बाद स्पोर्ट्स में खेलें या खिलाएं, इन डिफरेंट जोन में करें कॅरियर को रिफॉर्म

स्पोर्ट्स में मैदान के बाहर कॅरियर बनाने के लिए हर स्पोर्ट का डीप नॉलेज होना जरूरी है। इसके बाद किसी इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।

एजुकेशन डेस्क। एक समय था जब लोग कहा करते थे खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराब लेकिन अब समय बदल चुका है। अब स्पोर्ट्स में भी करियर के नए रास्ते खुल रहे है। स्पोर्टस अब सिर्फ खेलने तक ही लिमिटेड नहीं रह गया है। इस फील्ड में भी आगे बढ़ने के कई सारे ऑप्शन मौजूद हैं। दरअसल सेंट्रल गवर्नमेंट की मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स द्वारा हालिया आयोजित 'खेलो इंडिया स्कीम' के बेनिफिट्स ने स्पोर्ट्स की तरफ लोगों का आकर्षण और बढ़ा दिया है। तो एक बेहतर कॅरियर के पहले जानें क्या हैं इसमें कॅरियर ऑप्शन। 

कॉर्पोरेट अपॉरच्युनिटीज

स्पोर्ट्स क्लब तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों का इसमें इंटरेस्ट बढ़ा है। लिहाजा बड़ी कंपनियां भी इन क्लबों की तरफ रुख कर रही हैं। कंपनियां खुद को ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए जुट रही हैं। ऐसे में भविष्य में उन्हें स्किल्ड मैनेजर की जरूरत पड़ेगी। बिजनेस मैनेजमेंट के अंतर्गत जल्द ही स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की स्ट्रीम भी सामने आएगी।

स्पोर्ट्स गुड्स मेनुफ़ैक्चरिंग

स्पोर्ट्स इक्विपमेंट्स/गुड्स को बनाने स्किल्ड और एक्सपीरियंस एक्सपर्ट की जरूरत होती है। कुछ कंपनियां जो स्पोर्ट्स इक्विपमेंट/गुड्स के प्रोडक्शन करती हैं, वहां एक्सपर्ट्स की जरूरत होती है। स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत अब ऐसे बहुत से स्टार्टअप्स हैं जो स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग का काम कर रहे हैं। इस फील्ड में भी रोजगार के बहुत से अवसर आने की उम्मीद है।

स्पोर्ट्स राइटिंग 

जिन लोगों को खेल और लिखने में दिलचस्पी है लेकिन वह सीधे तौर पर स्पोर्ट्स में शामिल नहीं होना चाहते, ऐसे लोग स्पोर्ट्स राइटिंग में करियर बना सकते हैं। इसके लिए आप सीधे तौर पर अखबारों या मैग्जीन की तरफ रुख कर सकते हैं। आप चाहते हैं तो फ्रीलांस राइटिंग भी कर सकते हैं।

फिटनेस कंसल्टेंसी

हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रीशन और मेडिकल फील्ड में लोगों के बढ़ते रुझान को देखते हुए कंसल्टेंट्स की डिमांड बढ़ रही है। हेल्थ और फिटनेस बिजनेस में स्कोप बढ़ रहा है। बहुत से पेरेंट्स अपने बच्चों को अच्छा स्पोर्ट्समैन बनाने के लिए इंडिविजुअल फिटनेस प्रोग्राम अपना रहे हैं। इस तरह के प्रोग्राम भी खिलाड़ियों के लिए करियर के अच्छे ऑप्शन खोल रहे हैं।

स्पोर्ट्स एडजूडिकेटर

हर खेल में रेफरी या अम्पायर की जरूरत पड़ती है। जिस तरह अब अपने देश में खेलकूद को लेकर प्रयोग हो रहे हैं, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि जितनी ज्यादा टूर्नामेंट्स होंगी उतनी संख्या में रेफरी/अम्पायरों की जरूरत बढ़ेगी। हां, स्पोर्ट्स एडजूडिकेटर बनने के लिए खेल के नियमों की अच्छी जानकारी होनी जरूरी है।

मेंटॉरिंग करियर

आजकल ट्रेनर के तौर पर भी करियर के लिए कई राहें हैं। स्कूल भी अपने यहां अच्छे मेंटॉर के लिए जगह निकाल रहे हैं। यही नहीं, आप खुद की कोचिंग भी खोल सकते हैं। बहुत सारे पेरेंट्स अपने बच्चों को कोचिंग देने के लिए अच्छे ट्रेनर के पास उनका एडमिशन करवाते हैं। ऐसे में अगर आपको स्पोर्ट्स में इंट्रेस्ट है और आप खिलाड़ी हैं, तो मेंटॉर की तरह करियर बना सकते हैं।

ऐथलेटिक करियर

खेलों में सबसे अच्छा करियर फील्ड में स्पोर्ट्समैन का होता है। सिर्फ खेलते हुए ही नहीं बल्कि फील्ड के बाहर भी आपको खिलाड़ी होने भर से रोजगार के बेहतर मौके उपलब्ध हो सकते हैं। बतौर खिलाड़ी, आप खेल प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन से वाहवाही बटोरेंगे तो खेल में प्रदर्शन के साथ-साथ कमाने के जरिए भी बढ़ेंगे।

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