NEET: आंसर-की हुई अपलोड, 27 मई तक करें चैलेंज, यह है प्रोसेस

कैंडिडेट्स आंसर-की को ऑनलाइन चैलेंज कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें हर आंसर पर 1000 रुपए फीस देनी होगी।

एजुकेशन डेस्क, कोटा | मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET की आंसर-की शुक्रवार को जारी हो चुकी है। इसके साथ ही रिकॉर्डेड रिस्पोंस और टेक्स्ट बुकलेट कोड की सुविधा भी स्टूडेंट्स को दिया जाएगा। तीनों ही दस्तावेज 25 मई से लेकर 27 मई शाम पांच बजे तक नीट की वेबसाइट पर डिस्प्ले होंगे। कैंडिडेट्स 27 तारीख तक एक हजार रुपए का शुल्क जमा करवाकर सीबीएसई को अपनी आपत्ति भेज सकते हैं। आंसर-की डिस्प्ले होने से लेकर 27 मई शाम 5 बजे तक भेजे गए चैलेंज ही सीबीएसई की ओर से स्वीकार किए जाएंगे। 

NEET 2018 की बड़ी बातें

दो हजार से ज्यादा सेंटर्स

- इस साल इस एग्जाम में 13,26,725 कैंडिडेट्स हिस्सा लिया। इनमें से 5,80,648 मेल कैंडिडेट्स और 7,46,076 कैंडिडेट्स शामिल हुए। जबकि एक ट्रांसजेंडर भी शामिल हुआ।
- इस एग्जाम के लिए देशभर के 136 शहरों में 2,225 एग्जाम सेंटर्स बनाए गए थे। 

पहली बार 20 कोड में आया था पेपर

- इस साल देश के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 556 से कम नंबर पर ही ऑल इंडिया कोटे से एडमिशन मिल जाएगा। इसके साथ ही इस साल मार्क्स रेंज में भी गिरावट तय मानी जा रही है। एक्सपर्ट के अनुसार इस साल का पेपर पिछले साल से आसान जरूर था, लेकिन कुछ पार्ट को काफी क्वालिटेटिव रखा गया। उधर, 2 से 3 सवालों में बोनस की उम्मीद की जा सकती है। इस कारण सीबीएसई के पास काफी आपत्तियां जा सकती हैं। 
- पिछले साल ऑल इंडिया कोटे से 556 नंबर आने पर सरकारी कॉलेजों में एडमिशन मिला था। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि काउंसलिंग में अच्छे तरीके से भाग लेने व सीटों का गणित जानने पर इससे कम नंबर पर एडमिशन मिलने की गुजांइश है। इस साल कट ऑफ भी गिरेगा। खास बात यह रही कि पहली बार पेपर 20 कोड में आया है। पिछले साल 12 कोड में ही पेपर आया था। 

क्यों होता है NEET?

- साल 2016 से पहले तक मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम को ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट (AIPMT) कहा जाता था। जिसमें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों की 15% एमबीबीएस और बीडीएस की सीटों को भरा जाता था, जबकि बाकी की 85% सीटें स्टेट गवर्नमेंट अपने एंट्रेंस एग्जाम के जरिए भरती थी। इसके साथ ही प्राइवेट कॉलेज भी अलग से एंट्रेंस टेस्ट लेते थे।
- इतने सारे एग्जाम्स की जगह 2017 में NEET का कॉन्सेप्ट आया और इसी साल पहली बार देशभर में ये एग्जाम हुआ। इस एग्जाम के जरिए ही स्टूडेंट्स को प्राइवेट और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। 
- NEET एग्जाम के जरिए AIIMS, JIPMER और AFMC को छोड़कर बाकी सभी गवर्नमेंट और प्राइवेट मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। 

कितना हो सकता है इस साल का कटऑफ?

- एक्सपर्ट के अनुसार, NEET 2018 में ज्यादातर क्वेश्चंस एनसीईआरटी की बुक से पूछे गए थे, जबकि 10 क्वेश्चंस ट्रिकी रहे।
- माना जा रहा है कि किसी भी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए इस साल 135 तक का कटऑफ जा सकता है। हालांकि गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए 510 से ज्यादा मार्क्स की जरुरत होगी।

5 जून को आएगा रिजल्ट

- NEET एग्जाम का रिजल्ट 5 जून को डिक्लेयर किया जाएगा। इसके बाद ही काउंसलिंग और बाकी की प्रोसेस शुरू होगी।

180 में से 110 ईजी क्वेश्चंस 

- नीट एक्सपर्ट चितरंजन कुमार ने बताया कि फिजिक्स के पेपर में 24 सवाल 12वीं और 21 सवाल 11वीं के सिलेबस से पूछे गए थे। केमेस्ट्री सेक्शन स्कोरिंग रहा, इसमें 20 सवाल 12वीं और 24 सवाल 11वीं के सिलेबस से आया था। 
- बायोलॉजी का सेक्शन एवरेज था, लेकिन इसमें दो से तीन चैप्टर के कॉन्सेप्ट मिलाकर सवाल पूछे गए। इसमें 46 सवाल 12वीं से और 44 सवाल 11वीं के सिलेबस से आए।
- पूरे पेपर में 170 सवाल एनसीईआरटी बेस्ड और बाकी के 10 ट्रिकी और इंटरलिंक टॉपिक्स से रहे। कुल 180 सवालों में से 110 सवाल आसान, 45 मॉडरेट और 25 सवाल हाई डिफिकल्टी लेवल के रहे। 
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