नीट की काउंसिलिंग 12 से, ऑल इंडिया कोटे की सीटों के लिए होंगे दो राउंड 

मेडिकल-डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा नीट 2018 (NEET 2018) के नतीजे 4 जून को घोषित हुए थे।

एजुकेशन डेस्क, रायपुर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने मेडिकल-डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए जरूरी प्रवेश परीक्षा नीट 2018 (NEET 2018) के नतीजे 4 जून को घोषित किए थे। इस बार रिजल्ट 54% रहा। प्रवेश परीक्षा 6 मई को आयोजित की गई थी जिसमें 13 लाख 26 हजार स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। इस बार दिल्ली में पढ़ाई करने वाली बिहार की कल्पना कुमारी 720 में से 691 नंबर लाकर पहले स्थान पर रहीं। मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए काउंसिलिंग 12 जून से शुरू होने जा रही हैं। 

12 जून से काउंसिलिंग होगी शुरू
- मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए काउंसिलिंग का दौर 12 जून से शुरू होगा। काउंसलिंग होने के बाद स्टूडेंट्स अपनी सीट को नहीं छोड़ पाएंगे। अगर स्टूडेंट्स काउंसिलिंग में शामिल होंगे तो उन्हें नामांकन लेना होगा। 
- पहले ऑल इंडिया कोटे के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 15 फीसदी सीटों पर काउंसिलिंग दो राउंड में होगी। ऑल इंडिया के कोटे के तहत दूसरी काउंसिलिंग में चुने गए स्टूडेंट्स बेहतर कॉलेज पाने के लिए अपनी सीट खाली नहीं कर पाएंगे। 
- जबकि पहले स्टूडेंट्स के पास तीसरी काउंसिलिंग का विकल्प होता था। लेकिन इस बार केवल दो ही काउंसिलिंग का मौका मिलेगा। ऑल इंडिया कोटे के तहत 15 फीसदी सीटें अगर दो काउंसिलिंग में नहीं भर पाएंगी तो बची सीटें स्टेट कोटे में ट्रांसफर हो जाएगी। 
- ऑल इंडिया कोटे की बची सीटों पर फिर स्टेट कोटे के 85 फीसदी सीटों के साथ काउंसिलिंग होगी। यह प्रक्रिया फिर स्टेट कोटे के तहत होगी। उल्लेखनीय है कि स्टेट कोटे के तहत राज्य सरकार द्वारा काउंसिलिंग की जाएगी।
- ऑल इंडिया कोटे के तहत देशभर के सभी मेडिकल कॉलेजों में 15 फीसदी सीटों पर और 85 फीसदी सीटों पर राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज में नामांकन लिए जाएंगे। 


नीट काउंसिलिंग के दौरान ले जाने होंगे ये डॉक्यूमेंट्स

- एडमिट कार्ड
- रैंक लेटर और ऑल इंडिया कोटा रैंक लेटर
- 10वीं क्लास की मार्कशीट (बर्थ डेट के लिए)
- 12वीं क्लास की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
- आईडी प्रूफ
- 8 पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र

 

इस साल का ऐसा रहा रिजल्ट 

- इस साल NEET एग्जाम में 13,26,725 से ज्यादा कैंडिडेट्स ने हिस्सा लिया। इसमें 7,46,076 फीमेल कैंडिडेट्स और 5,80,648 कैंडिडेट्स शामिल हैं। जबकि एक ट्रांसजेंडर कैंडिडेट ने भी NEET एग्जाम दिया था।
-  इस साल 720 में से 691 नंबर लाकर बिहार की कल्पना कुमारी ने टॉप किया है। इस साल सीबीएसई के ज्यादातर एग्जाम में लड़कियों का दबदबा रहा। नीट-2018 में भी लड़कियों लड़कों के मुकाबले ज्यादा क्वालिफाई हुईं। 
- इस साल 6 लाख 34 हजार 897 छात्रों ने 50 परसेंटाइल हासिल किए, जबकि पिछले साल 5 लाख 43 हजार 473 छात्रों ने 50 परसेंटाइल हासिल किए थे।
- इस साल का पासिंग परसेंटेज करीब 54% रहा। 

 

टॉप-50 में सिर्फ 14 लड़कियां

- नीट में इस साल टॉप-50 में सिर्फ 14 लड़कियां ही शामिल हैं। हालांकि क्वालिफाइंग के मामले में लड़कियां लड़कों से आगे रहीं।
- इस साल 5 लाख 53 हजार 849 लड़कों ने एग्जाम दिया, जिसमें से 3 लाख 12 हजार 399 ने क्वालिफाय किया।
- वहीं 7 लाख 16 हजार 72 लड़कियों ने एग्जाम दिया था, जिसमें से 4 लाख 2 हजार 162 लड़कियों ने क्वालिफाय किया।
- हालांकि लड़कों से 1 लाख 62 हजार 229 ज्यादा लड़कियां इस परीक्षा में शामिल हुईं थीं।


 

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अगर दो राउंड के बाद भी ऑल इंडिया कोटे की सीटें खाली रहीं तो बचीं हुईं सीटें स्टेट कोटे में ट्रांसफर हो जाएंगी।

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