करियर काउंसलर से जानें किस तरह करें सरकारी नौकरी की तैयारी

भारत में सरकारी नौकरी युवाओं के बीच बनी फर्स्ट चाॅइस।

एजुकेशन डेस्क। हर साल तकरीबन 12 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं। पिछले साल आयोग को जॉइंट बैचलर स्तर की परीक्षा के लिए 38 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। 2.8 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार इस साल रेल्वे की 90,000 रिक्तियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होंगे। भारत में सरकारी नौकरी युवाओं के बीच जॉब सिक्योरिटी के अलावा कई अन्य सुविधाओं की वजह से भी फर्स्ट चाॅइस बनी हुई है। हालांकि अगर आप बीस साल पहले इस सिनेरियो को देखते तो आपको निजी क्षेत्र एक अवसरों वाला कॅरिअर विकल्प महसूस होता। इसने भारतीय युवाओं के बीच अपनी जगह फिर से बना ली है।


पिछले कुछ सालों में सरकारी नौकरी के कामकाज में तेज गति से बदलाव और क्रिएटिविटी आई है,
- हालांकि मौजूदा दौर में एप्लीकेशंस की बढ़ती संख्या के चलते किसी भी सरकारी एग्जाम को क्रैक करना आसान नहीं है।
- वैसे भी हर परीक्षा का एक कठिनाई स्तर होता है और उसे पार कर पाना चल्लेंजिंग होता है।
 - यही वजह है कि आमतौर पर इन परीक्षाओं मेंसफलता के लिए एक से ज्यादा प्रयास करने पड़ते हैं। ऐसे में अगर आपके मन में सरकारी नौकरी का सपना है तो जरूरी है कि आप विशेष सावधानी बरतें। 
- इस बीच एक रास्ता यह भी हो सकता है कि कोई भी सरकारी परीक्षा पास करने तक प्राइवेट नौकरी के विकल्प का चयन कर अपना भविष्य सुरक्षित कर लें और इसके साथ अपनी तैयारी जारी रखें। 
- बैकअप के रूपमें प्राइवेट नौकरी आपको कई तरह के अनुभव देते हुए आपके आत्मविश्वास को भी बरकरार रखती है। साथ ही यहां काम के दौरान आप अपनी कम्यूनिकेशन व इंटरपर्सनल स्किल्स को भी बेहतर बना सकते हैं। 


 अगर सरकारी नौकरी आपका लक्ष्य है तो यहां दिए गए पॉइंट्स आपके काम आ सकते हैं -

समान तैयारी वाली परीक्षाओं को चुनें

- सबसे पहले तय करें कि आप किस प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी करना चाहते हैं और उसका कठिनाई स्तर क्या  है? 
- यह जानना भी जरूरी है कि क्या आप उस कठिनाई स्तर के लिए खुद को तैयार कर सकेंगे? 
- हर प्रतियोगी परीक्षा का अपना पैटर्न और सिलेबस होता है।इसलिए तैयारी भी उस हिसाब से करनी होगी।
-हालांकि कई ऐसी परीक्षाएं हो सकती हैं, जिनमें समान तैयारी से काम चल सकता है।
- उदाहरण के तौर पर अगर आईबीपीएस आपका लक्ष्य है तो आप एसबीआई पीओ, एसबीआई क्लर्क के लिए
भी अप्लाय कर सकते हैं।
- इसी तरह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में आपकी नॉलेज इतनी मजबूत हो जाती है कि आप समान ज्ञान के आधार पर अन्य परीक्षाओं जैसे पीसीएस आदि के लिए भी कोशिश कर सकते हैं।


कम प्रतिस्पर्धा वाले विकल्प कौनसे हैं?
- आईबीपीएस, एसबीआई, एसएससी, आरआरबी, टीईटी और सिविल सेवा जैसी लोकप्रिय सरकारी  एक्साम्स में
पोस्ट  कम और कॉम्पिटिटर काफी अधिक होते हैं।
- ऐसे में आप थोड़ा स्मार्ट बनकर उन अन्य एक्साम्स को चुनें जिनमें कम्पटीशन का स्तर बाकी की तुलना में काम है। 
- सीडब्ल्यूसी, सीसीएल, सीएमपीडीआई, बीआरबीएनएमपीएल जैसे संस्थान साल में एक बार संबंधित वेकेंसी के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करते हैं और बहुत से लोगों को इस बारे में जानकारी ही नहीं होती।


स्ट्रीम अनुसार एग्जाम का चयन
- अपनी स्ट्रीम के हिसाब से अपने मजबूत क्षेत्रों को जानकर भी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।
- उदाहरण के तौर पर साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स एसएससी सीजीएल एग्जाम के लिए तैयारी कर सकते हैं। 
- इसी तरह कॉमर्स स्टूडेंट्स एसबीआई पीओ, नाबार्ड, एसबीआई क्लर्क आदि एग्जाम्स की तैयारी कर सकते हैं। हिस्ट्री व ज्योग्राफी स्टूडेंट्स किसी भी एसएससी एग्जाम की परीक्षा दे सकते हैं।


हर पोस्ट का अलग सिलेबस
- कई परीक्षाओं में अलग-अलग पोस्ट के लिए अलग-अलग सिलेबस होता है, ऐसे में आप जिस पोस्ट की तैयारी कर रहे हैं उसी अनुसार सिलेबस पढ़ें।
- साथ ही तैयारी का मटीरियल सावधानीपूर्वक चुनें। मटीरियल 
- ऐसा हो, जो कम से कम शब्दों में ज्यादा नॉलेज दे सके।
- इसके अलावा जिस एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं उससे जुड़ी तमाम जानकारी आपके पास होनी चाहिए
 - मसलन क्वालिफिकेशन,वेकेंसी, कटऑफ आदि।


कुछ काम के पॉइंट्
- शुरुआत मॉक टेस्ट से करें। वे आपके मजबूत और कमजोर पक्षों को हाइलाइट करने के साथ-साथ बताएंगे कि कौनसे टॉपिक्स के लिए आपको ज्यादा प्रैक्टिस करनी होगी और कहां आपको ज्यादा समय देना होगा।
- रेफरेंस बुक्स, नोट्स, सैंपल पेपर व प्रीवियस पेपर्स इकट्‌ठा करें। प्राइवेट जॉब की जरूरत के मुताबिक फ्लेक्सीबल वीकेंड क्लासेज से लेकर ऑफलाइन कोचिंग सेंटर जैसे विकल्प भी मौजूद हैं, जिनकी मदद से
आप अपनी तैयारी को धार दे सकते हैं।
-जरूरी नहीं कि एक बार में रिजल्ट पॉजिटिव आए। ऐसे में ज्यादा दबाव में न आएं, धैर्य रखें। साथ ही प्रयास नियमित रूप से करें।
 

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