रोजाना 13 घंटे पढ़ाई कर बनी नीट की टॉपर, कार्डियोलॉजिस्ट बनना है सपना

कल्पना ने दिल्ली में रहकर इसकी तैयारी की। बायोलॉजी में 360 में से 360 अंक के साथ 99.99 पर्सेंटाइल हासिल किए।

एजुकेशन डेस्क, पटना। सीबीएसई ने सोमवार को NEET 2018 का रिजल्ट जारी कर दिया। बिहार के शिवहर जिले की कल्पना कुमारी ऑल इंडिया टॉपर बनी है। NEET में 720 अंक की परीक्षा हुई थी, जिसमें कल्पना को 691 अंक मिले हैं।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) देश भर के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एडमिशन के लिए एनईईटी की परीक्षा लेती है। कल्पना ने दिल्ली में रहकर इसकी तैयारी की। उसे 99.99 फीसदी अंक मिले हैं। कल्पना को फिजिक्स के 180 में से 171 अंक, केमिस्ट्री में 160 और बायोलॉजी में 360 में से 360 अंक मिले हैं। बेटी की सफलता की खबर मिलते ही कल्पना की मां, उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।


रोजाना नौ घंटे पढ़ा करती थी कल्पना
- बिहार के शिवहर जिले की कल्पना ने 12वीं बिहार बोर्ड से की है। 6 जून को उनका 12वीं बोर्ड का रिजल्ट आना बाकी है। कोचिंग के लिए वह साल में तीन-चार बिहार से दिल्ली आती थीं। कल्पना के माता-पिता टीचर हैं। कल्पना कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। वह एम्स दिल्ली से एमबीबीएस करना चाहती हैं। 11वीं और 12वीं की सब्जेक्ट की पढ़ाई के लिए चार घंटे और कोचिंग में सिखाए गए सवाल के लिए वह पांच घंटे पढ़ती थीं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई करते वक्त सिर्फ सोचें कि आपको सपने पूरे करने हैं, मंजिल अपने आप मिल जाएगी।


डॉक्टर ही बनना था
-10वीं तक जवाहर नवोदय विद्यालय से पढ़ाई करनेवाली कल्पना की इच्छा बचपन से ही डॉक्टर बनने की थी। कल्पना की बड़ी बहन भारती इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस क्वालिफाई कर चुकी हैं, जबकि भाई आईआईटी गुवाहाटी में मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। कल्पना के चाचा देवेश मिश्रा ने बताया कि कल्पना दो साल से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रही थी। कल्पना की घर में सबसे छोटी है।

 

हार्ड वर्क करें, तभी सफलता
- कल्पना ने बताया कि तैयारी के दौरान उनका ज्यादातर फोकस सेल्फ स्टडी पर रहता था। हर दिन 12-13 घंटे पढ़ाई करती थी। इस दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रही। सेल्फ स्टडी के साथ-साथ रेफरेंस बुक व नोट्स का सहारा लेती थी। उन्होंने कहा कि जो भी मेडिकल की तैयारी कर रहे हैं उन्हें हार्ड वर्क पर सिर्फ फोकस करना चाहिए। हार्ड वर्क के अलावा दूसरी कोई चीज नहीं है जिससे आप सफल हो सकते हैं। पूरे दो साल तक कड़ी मेहनत करनी चाहिए, तभी सफल हो पाएंगे।

 

एम्स पहली च्वाइस
- कल्पना की इच्छा एम्स में पढ़ने की है। उन्होंने बताया कि एम्स का रिजल्ट नहीं आया है, अगर वहां रिजल्ट आता है तो एम्स में ही पढ़ाई करूंगी। नहीं तो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से पढ़ने की इच्छा है।

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