जेईई मेन्स / फॉर्मूला बेस्ड रहे फिजिक्स-केमेस्ट्री के क्वेश्चन, मैथ्स में कैल्कुलेशन ज्यादा

इस एग्जाम को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आयोजित किया

एजुकेशन डेस्क। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने पहली बार जेईई एग्जाम आयोजित किया है, जिसके तहत जनवरी में होने वाले पहले अटैम्प्ट में पेपर-1 के एग्जाम शेड्यूल की शुरुआत बुधवार से हुई। भोपाल में करीब 1700 स्टूडेंट्स पहले दिन दोनों शिफ्टों में एग्जाम में अपीयर हुए। 

यह पहला मौका था, जब कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी की बजाय इस एग्जाम को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आयोजित किया। इस एग्जाम के पैटर्न को लेकर कोई खास एनाउंसमेंट तो नहीं किए गए थे, लेकिन अधिकतर स्टूडेंट्स को उम्मीद थी कि इस बार एनटीए की होस्टिंग में एग्जाम का पैटर्न अलग होना चाहिए। पहले दिन हुए एग्जाम के पैटर्न, स्टैंडर्ड और डिफिकल्टी लेवल को देखते हुए कहा जा सकता है कि एनटीए ने पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया है, बल्कि कोशिश की कि आसान सवाल ही पूछे जाएं। ऑनलाइन हो रहा यह एग्जाम 12 जनवरी तक जारी रहेगा। इस बार सिर्फ इस एग्जाम के लिए शहर में एक ही एग्जाम सेंटर बनाया गया।


एक्सपर्ट ने इस तरह किया सेक्शन वाइज पेपर एनालिसिस 

फिजिक्स
-120 नंबर के 30 सवाल पूछे गए, जिनका डिफिकल्टी लेवल तो सामान्य था, लेकिन थोड़े ज्यादा समय लेने वाले थे। सेक्शन में 5 सवाल मॉर्डन फिजिक्स के, 3 सवाल थर्मोडायनामिक्स और 2 सवाल वेव्स के चैप्टर से भी पूछे गए। इसके अलावा कुछ सवाल मोशन ऑफ इनर्शिया और मैग्नेटिज्म से भी रहे। मैकेनिक्स और मैग्नेटिक फील्ड से पूछे गए सवाल थोड़े ट्रिक बेस्ड थे।

केमेस्ट्री
- 120 नंबर का यह सेक्शन पेपर का सबसे आसान पोर्शन था। इसमें ऑर्गेनिक केमेस्ट्री से काफी सवाल पूछे गए, अधिकतर सवाल एनसीईआरटी से डायरेक्ट पूछ लिए गए, जिनके आंसर देना आसान था। पी-ब्लाॅक और कोऑर्डिनेट कम्पाउंड्स से ज्यादा सवाल पूछे गए। पेपर किसी भी तरह आउट ऑफ सिलेबस नहीं लगा।

मैथ्स
- 120 नंबर का यह सेक्शन फिजिक्स और केमेस्ट्री तुलना में कुछ लंबा था। पेपर में स्टेटिस्टिक्स से एक भी सवाल नहीं आया, जबकि अधिकतर चेप्टर्स से 2-2 सवाल पूछे गए। लिमिट्स से आए सवाल थोड़े कंफ्यूज करने वाले थे। अधिकतर सवाल एप्लीकेशन 
बेस्ड थे। सबसे ज्यादा 4 सवाल कोऑर्डिनेट ज्याॅमेट्री से पूछे गए।

एनसीईआरटी बेस वालों के लिए स्कोरिंग होगा मैथ्स सेक्शन
- एक्सपर्ट अनिमेश रघुवंशी ने पहली शिफ्ट के पेपर-1 का एनालिसिस किया। उनके मुताबिक 360 मार्क्स के पेपर में मैथ्स का सेक्शन कैल्कुलेशन के कारण थाेड़ा ज्यादा समय लेने वाला रहा। फिजिक्स और केमेस्ट्री में ज्यादातर सवाल डायरेक्ट फॉर्मूला बेस्ड थे, जिनके कारण ओवरऑल पेपर आसान रहा। वहीं एक्सपर्ट अभिषेक पाण्डेय ने बताया कि मैथ्स सेक्शन में कई सवाल जेईई के सिलेबस की बजाय एनसीईआरटी से पूछे गए, ऐसे में ने एनसीईआरटी को बेस बनाकर तैयारी करने वालों के लिए मैथ्स सेक्शन खास स्कोरिंग होगा

Next News

जेईई मेन्स / ड्रॉइंग बेस्ड सवाल से चेक की क्रिएटिविटी, प्रोपोर्शन

पेपर में दिया गया छोटे बच्चे के कमरे के लिए पर्दे, फेवरेट एक्टर को स्केच करने का टास्क - मैथ्स सेक्शन में थे 11वीं के सवाल ज्यादा

JEE Main / दूसरा दिन की पहली शिफ्ट में मैथ्स फिजिक्स का सेक्शन टफ

वहीं शिफ्ट-2 में केमेस्ट्री का पोर्शन स्टूडेंट्स को मुश्किल लगा

Array ( )