आप जो काम करते हैं उससे खुशी मिलना जरूरी है- सुशांत सिंह राजपूत

स्वभाव से इंट्रोवर्ट एक्टर सुशांत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर डांस शुरू किया, यहीं से उनके लिए एक्टिंग की राह खुली

FirstPerson। मैं पटना में पला-बढ़ा हूं। भाई-बहन सभी एकेडमिक्स में थे और परिवार के बाकी मेंबर्स डॉक्टर्स या लॉयर्स थे। घर में पढ़ाई के माहौल के चलते मैं एकेडमिक्स में अच्छा था और इसी वजह से मुझे इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन मिल सका। हालांकि बचपन से मैं एस्ट्रोनॉट या एयरफोर्स पायलट बनने का सपना देखा करता था और काफी इंट्रोवर्ट था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक्टिंग फील्ड में आगे बढूंगा, लेकिन आज जब उन दिनों को याद करता हूं, तो मुझे लगता है कि लाइफ आपको आगे होने वाले बदलावों के लिए तैयार करती है। 

डांस जारी रखने के लिए छोड़ा कॉलेज
- इंजीनियरिंग के लिए दिल्ली के एक कॉलेज में आया, तब तक मेरा ध्यान एकेडमिक्स की ओर ही था। फिर दोस्तों के कहने पर मैंने श्यामक डावर का डांस ग्रुप जॉइन कर लिया। वहीं से मेरी कहानी बदल गई। मुझे डांस इतना पसंद आया कि इसमें आगे बढ़ने के लिए मैंने न केवल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप छोड़ दी, बल्कि कॉलेज भी ड्रॉप कर दिया। इसके बाद मैं मुम्बई के वर्सोवा में आकर छह और लोगों के साथ एक रूम में रहने लगा। मेरे परिवार के लिए यह सब बहुत चौंका देना वाला था। दरअसल मुझे डांस करना बहुत ही अच्छा लगने लगा था। आगे चलकर मैं श्यामक के स्पेशल पोटेंशियल बैच के लिए सलेक्ट हो गया। एक दिन श्यामक ने मुझे कहा कि मुझेथिएटर करना चाहिए। मैं महसूस कर रहा था कि तब तक मैं अपने शर्मीले स्वभाव से बाहर आ रहा था और मैं वह सब करने लगा था जो मैं करना चाहता था।

लगातार करता रहा अपने आपको ग्रूम
श्यामक की सलाह मानते हुए मैंने बेरी जॉन की एक्टिंग क्लास को जॉइन कर लिया। मेरे तीन महीने के डिप्लोमा कोर्स में जहां सभी को सी ग्रेड मिला, मुझे बी ग्रेड मिला। यही वह मौका था जब मैंने एक्टिंग के बारे में गंभीरता सेसोचना शुरू किया। लोग जिसे मेरा स्ट्रगल पीरियड कहते हैं, दरअसल मैं उस समय हर चीज को एंजॉय कर रहा था। मैं वह सब कर रहा था जिसे मैं एंजॉय करता हूं। उस दौरान मैं थिएटर कर रहा था, कास्टिंग्स के लिए जाता था, मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग कर रहा था, बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम कर रहा था और अपने आस-पास के लोगों सेफिल्मों के बारे में बात कर रहा था। मैं यह सब एंजॉय कर रहा था।

काम को एंजॉय करना जरूरी
- मुझे लगता है कि मेरी सफलता का मजबूत कारण यही है कि मैंने अपनी पसंद के काम को पहचाना और उसके लिए मैंने समय पर लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए, साथ ही लगातार खुद को बेहतर बनाने के लिए काम भी किया। ऐसा नहीं है कि मेरे लिए सफलता महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन उससे कहीं अधिक जरूरी है कि आप जो काम कर रहे हैं, वह आपको कितनी खुशी देता है। एक्टिंग में कॅरिअर बनाने वाले नए लोगों को मैं यही सलाह देता हूं कि उन्हें बहुत एनालिटिकल नहीं होना चाहिए। लोग आपसे कहेंगे कि इसके लिए आपको मेहनत, समर्पण और बहुत-सी दूसरी स्किल्स की जरूरत होगी, लेकिन मेरे ख्याल से सबसे जरूरी है, वह यह है कि आप जो भी करें, उससे प्यार जरूर करें। सबसे खास आपको बस यह पता होना चाहिए कि आपको क्या हासिल करना है।
 

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