इंडियन स्टेटिस्टिकल सर्विस एग्ज़ाम-2019, जानें किस तरह बेहतर बनाएं स्कोर

रीडर्स के लिए यह जानकारी दे रहे हैं एग्ज़ाम एक्सपर्ट सौरभ दास

एजुकेशन डेस्क। यूपीएससी 28 से 30 जून तक इंडियन स्टटेिस्टिकल सर्विस एग्ज़ाम करवा रही है। ऐसे में इस परीक्षा में स्कोर को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है के रीडर्स के लिए यह जानकारी दे रहे हैं एग्ज़ाम एक्सपर्ट..

बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स भारतीय प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ना चाहते हैं, लेकिन जिन उम्मीदवारों की दिलचस्पी आंकड़ों व संख्याओं में है उनके पास इंडियन स्टेटिस्टिकल सर्विस (आईएसएस) के रूप में भी एक विकल्प है। एक आईएसएस ऑफिसर सरकार के सांख्यिकी प्रबंधन से जुड़ा काम देखता है। वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में स्टेटिस्टिकल प्लानिंग, पॉलिसी व प्रोग्राम्स को तैयार करने, उन्हें लागू करने और उनकी निगरानी से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं। इस साल यूपीएससी आईएसएस एग्ज़ाम 28 से 30 जून तक होगा।

आईएसएस एग्ज़ाम में छह पेपर होंगे जिनमें जनरल इंग्लिश, जनरल स्टडीज़, स्टेटिस्टिक्स I,II,III,IV शामिल हैं। यूपीएससी के नोटिफिकेशन के मुताबिक जूनियर टाइम स्केल पर कुल 65 वेकेंसी निकाली गई हैं। इनमें से 32 पद भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के हैं और शेष 33 पद भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) के हैं। इसके लिए चयन लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के आधार पर होगा। ऐसे में अब जब परीक्षा में कुछ ही समय बचा है और आप तैयारी में जुटे हैं तो यहां दी गई गाइडेंस आपके लिए मददगार साबित हो सकती है।

2016 से 2018 के आईएसएस पेपर्स का विश्लेषण

जनरल इंग्लिश
यह पेपर कुल 100 मार्क्स का है। तीनों सालों में सेक्शंस के अनुसार मार्क्स का डिवीजन लगभग समान रहा है। इसमें 30 मार्क्स एस्से राइटिंग, 30 मार्क्स प्रेसी राइटिंग, 10 मार्क्स पैराग्राफ राइटिंग, 10 मार्क्स सेंटेंस राइटिंग के हैं। हालांकि बचे हुए 20 मार्क्स सेंटेंस राइटिंग और सेंटेंस करेक्शन के लिए होते हैं। इस सेक्शन में अधिकतम मार्क्स के लिए आपको सेंटेंस मेकिंग, सेंटेंस करेक्शन और फ्रेजल वर्ब में ज्यादा से ज्यादा स्कोर करना होगा।

ये तीनो सेक्शंस पूरे मार्क्सलाने में मददगार होते हैं। पैराग्राफ राइटिंग अक्सर प्राेवर्ब्स पर आधारित होता है। इसलिए इनकी प्रैक्टिस मददगार साबित हो सकती है। ऐसे में 40 मार्क्स सेक्शन में स्कोरिंग सरल है और आपको इस सेक्शन को पहले अटैम्प्ट करना चाहिए। इसके बाद प्रेसी व एस्से को अटैम्प्ट करें। जिन स्टूडेंट्स की वोकैबलरी अच्छी होती है वे प्रेसी में बेहतर स्कोर कर सकते हैं।

ऐसे बढ़ेगा स्कोर : 40 मार्क्स वे स्टूडेंट्स स्कोर कर सकते हैं जिन्होंने ग्रामर की अच्छी प्रैक्टिस की है। प्रेसी व एस्से में स्कोर करने के लिए अखबारों के एडिटोरियल पढ़ें। इससे इंग्लिश के फ्लो पर पकड़ मजबूत बनेगी व ताजा घटनाओं की समझ भी बढ़ेगी। डिफिकल्टी लेवल यहां ग्रेजुएशन है।

जनरल स्टडीज़ :
यह पेपर 100 मार्क्स का है। पिछले तीन साल में ट्रेंड के मुताबिक इसमें 25 मार्क्स हिस्ट्री, 25 इकोनॉमिक ज्योग्राफी, 25 करंट नेशनल व इंटरनेशनल अफेयर्स और 25 मार्क्स पॉलिटिकल साइंस व इकोनाॅमिक्स के सवालों के लिए होते हैं। सवाल ऑब्जेक्टिव नहीं होते लेकिन वे कॉन्सेप्ट आधारित होते हैं, इसलिए इन-डेप्थ कॉन्सेप्ट नॉलेज जरूरी है।
ऐसे बढ़ेगा स्कोर
यहां 4 सेक्शंस हैं और हरेक सेक्शन में 5 सवाल पूछेजाते हैं। सभी सवालों के जवाब देना अनिवार्य है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा सवाल हल करें।


स्टेटिस्टिक्स पेपर I
यह 200 मार्क्स का पेपर है जिसमें मल्टीपल आंसर क्वेश्चंस पूछेजाते हैं। सवालों की संख्या 80 है। इसमें सभी सवाल करना जरूरी है। पिछले सालों में यहां सवाल बर्नोली, पॉइसन, प्रोबैबलिटी सेक्शन में रैंडम वैरिएबल्स जैसे टॉपिक्स से पूछे गए हैं। स्टेटिस्टिकल मैथड सेक्शन में मेज़र्स ऑफ लोकशन, डिस्पर्शन, स्क्यूनिस एंड कुर्टोसिस, न्यूमेरिकल एनालिसिस, इंटरपोलेशन फॉर्मूला, रैंक ऑर्डर स्टेटिस्टिक्स आदि से जुड़े सवाल पूछेजाते हैं। ये महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट्स हैं और इनमें से सवाल पूछेजाने की संभावना अच्छी है।

स्टेटिस्टिक्स पेपर II
- इस पेपर में भी 200 मार्क्स के 80 मल्टीपल चॉइस क्वेश्चंस पूछेजाते हैं, जिन्हें करना अनिवार्य होता है। पिछले सालों में इस पेपर में गॉस-मार्कऑफ सेटअप, टेस्ट फॉर रिग्रेशन कोएफिशिएंट्स, मिनिमम वैरिएंस, हाइपोथिसीस टेस्टिंग, नेमैनपीयरसन फंडामेंटल लेमा, असेप्टेंस सैम्पलिंग बाय एट्रीब्यूट्स, मल्टीवैरिएट नॉर्मल डिस्ट्रीब्यूशन जैसे सेक्शंस से सवाल पूछे गए हैं। इसलिए इनकी तैयारी महत्वपूर्ण है।

स्टेिस्टिक्स पेपर I,II में ऐसे बढ़ेगा स्कोर : हर गलत जवाब के लिए एक तिहाई मार्क कटेगा, इसलिए अनुमान न लगाएं। उन सवालों पर भी समय बर्बाद न करें जिनके सही जवाब की आपको उम्मीद नहीं है। जितना जल्दी हो सके अगले सवाल की ओर बढ़ें। इससे आप ज्यादा से ज्यादा जवाब दे पाएंगे।


स्टेटिस्टिक्स पेपर III
यह कुल 200 मार्क्स का डिस्क्रिप्टिव पेपर है जिसमें सवालों के विकल्प होते हैं। सभी सवाल या तो 10 मार्क्स या 15 मार्क्स के होते हैं। इसे तीन घंटे में पूरा करना होता है। इस पेपर के लिए कॉस एंड वैरिएंस फंक्शंस, सैम्पलिंग विद प्रोबैबलिटी प्रपोरशनल टू साइज, फैक्टोरियल एक्सपेरिमेंट्स एंड कोफाउंडिंग इन 2n एंड 3n एक्सपेरिमेंट्स, एनालिसिस ऑफ कोवैरिएंस, एनालिसिस ऑफ मिसिंग एंड मिक्स्ड प्लॉट डेटा, ऑटोग्रेसिव मॉडल्स ऑफ फर्स्ट एंड सेकंड ऑर्डर, पैरेटो एंड एंगल कर्व्स, कॉन्सन्ट्रेशन कर्व, डिमांड इलास्टिसिटीज कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स हैं जिनमें से सवाल पूछेजाते हैं।

ऐसे बढ़ेगा स्कोर : दिए गए टॉपिक्स की प्रैक्टिस से आपको सवालों का प्रकार समझने में मदद मिलेगी, इसलिए ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करें। डिफिकल्टी लेवल मास्टर्स है।


स्टेटिस्टिक्स पेपर IV
यह भी 200 मार्क्स का डिस्क्रिप्टिव पेपर है। इसमें सात सेक्शंस में 14 सवाल होते हैं। आपको कोई दो सेक्शन चुनकर सवालों के जवाब देने होंगे। इस पेपर के महत्वपूर्ण टॉपिक्स में स्पेसिफिकेशंस ऑफ ए स्टोकेस्टिक प्रोसेस, मार्कोव चेन्स, पॉइसन प्रोसेस, प्रिंसिपल्स ऑफ ड्यूएलिटी, सिम्प्लेक्स प्रोसीजर, जनरल स्टिम्युलेशन प्रॉब्लम्स, स्टेबल एंड स्टेशनरी पॉपुलेशन शामिल हैं। मोर्टेलिटी रेट्स, स्टैन्डर्डाइज्ड डेथ रेट, कॉन्सेप्ट ऑफ सिस्टम सपोर्ट प्रोग्राम, बेसिक्स ऑफ डेटा स्ट्रक्चर आदि भी पढ़ें।

ऐसे बढ़ेगा स्कोर
सेवन सेक्शंस में ऑपरेशन रिसर्च एंड रिलाइएबिलिटी, डेमोग्राफी एंड वाइटल स्टेटिस्टिक्स, सर्वाइवल एनालिसिस एंड क्लिनिकल ट्रायल, क्वालिटी कंट्रोल, मल्टीवैरिएट एनालिसिस, डिजाइन एंड एनालिसिस ऑफ एक्सपेरिटमेंट्स व कम्प्यूटिंग विद सी एंड आर शामिल हैं। चूंकि इन सात सेक्शंस में से किन्हीं दो के जवाब आपको देने होते हैं, ऐसे में अगर आप तीन सेक्शंस की भी मजबूत तैयारी कर लें तो आप बेहतर स्कोर कर सकते हैं। 
 

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