भोपाल / सरकारी होम्योपैथी कॉलेज में शुरू होंगे 20 स्पेशिएलिटी सर्टिफिकेट कोर्स

मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद ने दी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की अनुमति

एजुकेशन डेसक। राजधानी के सरकारी हाेम्याेपैथी मेडिकल काॅलेज में छह-छह महीने के 20 स्पेशिएलिटी फैलाेशिप सर्टिफिकेट काेर्सशुरू करेगी। इन काेर्सेस में सरकारी और निजी हाेम्योपैथी काॅलेजों से बीएचएमएस करने वाले स्टूडेंट्स काे एडमिशन दिया जाएगा।

काेर्स की शुरुआत से पहले मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन के पैरामीटर्स पर हाेम्याेपैथिक काॅलेज का निरीक्षण करेगी। ताकि काेर्सशुरू हाेने के बाद स्टूडेंट्स पढ़ाई के दाैरान संबंधित स्पेशिएलिटी में प्रैक्टिस कर सकें। यह निर्णय मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद ने लिया है। यूनिवर्सिटी काे हाेम्याेपैथी काॅलेज प्रबंधन ने संस्थान में 20 स्पेशिएलिटी सर्टिफिकेट काेर्सशुरू करने के लिए अावेदन किया था।

मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डाॅ. अारएस शर्मा ने बताया कि सरकारी और निजी हाेम्याेपैथी काॅलेजों से बीएचएमएस करने के बाद 80% स्टूडेंट्स पीजी नहीं करते। इसकी वजह काॅलेजाें में क्लीनिकल विषयाें में पीजी सीट्स की संख्या नाॅन क्लीनिकल सब्जेक्ट की अपेक्षा कम हाेना है। डाॅ. शर्मा ने बताया कि अभी स्पेशिएलिटी सर्टिफिकेट काेर्स पायलट प्राेजेक्ट के रूप में शुरू किए जा रहे हैं।

पायलट प्राेजेक्ट... बीएचएमएस कर चुके स्टूडेंट ले सकेंगे दाखिला

  • प्रत्येक स्पेशिएलिटी सर्टिफिकेट काेर्स में रहेंगी पांच-पांच सीट काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. एसके मिश्रा ने बताया कि अक्टूबर 2019 से संस्थान में शुरू हाेने वाले छह-छह महीने के प्रत्येक स्पेशिएलिटी सर्टिफिकेट काेर्स के पहले शैक्षणिक सत्र में पांच-पांच सीटें रहेंगी। इन काेर्स में एडमिशन के लिए सरकारी और निजी हाेम्याेपैथी काॅलेज से बीएचएमएस की डिग्री कंपलीट कर चुके स्टूडेंट दाखिला ले सकेंगें।

इन स्पेशिएलिटी में शुरू होंगे काेर्स

  • डायबिटीज मैनेजमेंट, अाेबेसिटी मैनेजमेंट, जिरियाटिक केयर, लाइफ स्टाइल डिसअार्डर एंड वेलनेस, रियूमेटाेलाॅजिकल डिसअार्डर, डर्मेट्राेलाॅजी, गेस्टाेइंटेस्टाइनल डिसअार्डर, अाप्थेल्माेलाॅजिकल डिसअार्डर, नाॅन कम्युनिकेबल डिसीज, कम्युनिकेबल डिसीज, हाॅस्पिटल मैनेजमेंट, गायनिकाेलाॅजिकल डिसअार्डर, फार्माकाेविजीलेंस, हाेलिस्टिक केयर, कार्डियाे पल्माेनरी, फिजियाेथैरेपी फाॅर जिरियाटिक केयर, फिजियाेथैरेपी फाॅर अार्थाेपेडिक रिहेब, याेगा एंड नेचुरापैथी, फिजियाेथैरेपी फाॅर न्यूराेलाॅजिकल डिसअार्डर।

पढ़ाई के दाैरान स्टायपेंड भी मिलेगा

  • काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. एसके मिश्रा ने बताया कि छह महीने के सर्टिफिकेट काेर्स की ट्यूशन फीस 55 हजार रुपए तय की गई है। काेर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स काे यूजी पीजी स्टूडेंट की तरह ही स्टायपेंड भी दिया जाएगा। जाे करीब 5 हजार रुपए प्रतिमाह हाेगा।

जीएमसी सहित सभी 13 सरकारी मेडिकल काॅलेजों में खुलेंगे गर्भ संस्कार डिपार्टमेंट

  • यूनिवर्सिटी कार्यपरिषद सदस्य एवं डेंटल सर्जन डाॅ. चंद्रेश शुक्ला ने बताया कि भाेपाल के जीएमसी सहित राज्य के सभी 13 सरकारी मेडिकल काॅलेजों में गर्भ संस्कार डिपार्टमेंट सितंबर 2019 से शुरू किए जाएंगे। इस डिपार्टमेंट में गर्भवती महिलाअाें की जांच और इलाज का जिम्मा गायिनकाेलाॅजी और पीएसएम डिपार्टमेंट के डाॅक्टर्स का हाेगा। डाॅ. शुक्ला के मुताबिक इस डिपार्टमेंट में गर्भवती महिलाओं की जांच, इलाज का काम स्त्री एवं प्रसूति राेग विशेषज्ञ डाॅक्टर करेंगे, जबकि महिला की हेल्दी डाइट, गर्भावस्था के दाैरान गर्भस्थ शिशु की देखभाल एवं घर व अासपास के माहाैल काे लेकर काउंसलिंग पीएसएम डिपार्टमेंट के डाॅक्टर करेंगे। उन्हाेंने बताया कि सरकारी मेडिकल काॅलेजों में गर्भ संस्कार डिपार्टमेंट शुरू करने का फैसला राज्यपाल अानंदीबेन पटेल के निर्देश पर यूनिवर्सिटी कार्यपरिषद ने लिया है।
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