पहचानिए अपनी अद्भुत क्षमताओं को : आयुष्मान खुरान

हर स्थिति में आपको खुद ही समझना होता है कि सिर्फ एक रिजेक्शन से सब कुछ खत्म नहीं होगा।

एजुकेशन डेस्क। लगभग चौदह साल पहले मैं सिनेस्टार की खोज नामक रिएलिटी शो में रिजेक्ट हो गया था। इस रिजेक्शन की वजह से मैं पूरी रात सो नहीं पाया। वह समय मेरे लिए काफी मुश्किल था। मेरे दोस्त मुझे बताते थे कि मैं बहुत कुछ कर सकता हूं। स्कूल और कॉलेज में भी मुझे बहुत से अवाॅर्ड मिलते थे। इसी वजह से मुझे यकीन था कि मैं एक्टिंग में अपना कॅरिअर बना सकता हूं। ऐसे में जब अचानक ही पता चला कि मैं रिजेक्ट हो गया हूं तो काफी दुख हुआ।

लेकिन फिर धीरे-धीरे समझ आया कि यह सब काम का हिस्सा है। हर लक्ष्य तक पहुंचने की प्रक्रिया में ऐसा होता रहता है, कई बार आपका एनर्जी लेवल कम होता है, बहुत बुरा भी लगता है, लेकिन सच यह है की इस स्थिति में आपको खुद ही समझना होता है कि सिर्फ एक रिजेक्शन से सब कुछ खत्म नहीं होगा। इस दौरान हमें अपनी सोच को स्पष्ट रखना होता है। चाहे सक्सेस मिले या फेलियर हमें उस पर रिएक्ट नहीं करना होता। साथ ही हमें यह भी सोचना चाहिए कि जो होता है अच्छे के लिए होता है।

जैसा अब मैं सोचता हूं कि जब मैंने सिने स्टार की खोज के लिए ऑडिशन दिया था तब मैं स्क्रीन पर आने के लिए तैयार ही नहीं था। उस असफलता के बाद मैंने वीजे के साथ-साथ थिएटर किया और एंकर बन गया। इस तरह एंकरिंग और थिएटर के अनुभव के बाद एक्टर बनना मेरे लिए ज्यादा आसान हो गया था। अब मैं कह सकता हूं कि मैं आज जो कुछ भी हूं उन्हीं सालों में की गई मेहनत की वजह से हूं।

साबित कर दें कि कोई फेलियर मायने नहीं रखता
वर्षों बाद मैं सिनेस्टार की खोज शो में जज के रूप में गया। जहां से रिजेक्ट हुआ था वहां जज बनकर जाना बहुत ही खास था। वहां फेल होने वाले कैंडिडेट्स के लिए भी मेरे मन में कुछ अलग ही विचार थे। मुझे लगा कि वह फेलियर उनके लिए कोई नई राह लेकर आएगा। इसीलिए आज जब भी कोई मेरे सामने असफल होता है तो उसके लिए मेरे पास एक ही मैसेज होता है कि साबित करो कि जज का निर्णय गलत है। याद रखें आपको हमेशा अपनी तैयारी पूरी रखनी चाहिए और मौका आपके हाथ में न हो तो भी तैयारी करते रहें। न जाने किस अवसर पर आप खुद को कुशल साबित कर दें। 

एक उपलब्धि पर रुक न जाएं, कोशिश लगातार जारी रखें
अाज भी मैं बहुत कुछ करना चाहता हूं। मैं अपनी एक्टिंग और सिंगिंग में सुधार करना चाहता हूं और इसके लिए मैं रोज नई चीजें सीख रहा हूं। मैं अपने अनुभवों और लर्निंग्स से अलग जाकर फिल्में करने की कोशिश करता हूं। इस दौरान मिली चुनौतियां और प्रयोग आपको आगे बढ़ने में बहुत मदद करते हैं। असल में ये प्रयोग हमें हमारी नई और अद्भुत क्षमताओं से परिचित कराते हैं। इनकी बदौलत आप ऐसा कुछ भी कर सकते हैं जिसके बारे में आपने कल्पना भी नहीं की होगी। इसके लिए बस लगातार चलते रहिए, रास्ते खुदबखुद खुल जाएंगे।

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हमेशा कुछ नया करने के लिए स्वयं को प्रेरित करते रहिए।

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