वर्कप्लेस पर करना है ग्रोथ, तो तनाव को कहें ना

वर्कप्लेस पर लोग अकसर पूरा दिन ऑफिस में रहने और दिनों दिन काम के बढ़ते प्रेशर के कारण तनाव में आ जाते हैं। यह स्थिति तब और अधिक बढ़ जाती है जब हम अपने डेली रूटीन को सही तरीके से मैनेज नहीं कर पाते।

विशेषज्ञों के मुताबिक हमारी जिंदगी के 90,000 घंटे ऑफिस में काम करते हुए बीतते हैं। ऐसे में शारीरिक सेहत के साथ-साथ मेंटल हेल्थ का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। काम के दौरान कई बार ऐसा होता है जब चिंता या असहजता की भावना वर्कप्लेस पर आप पर हावी हो जाती है। इस वक्त अपनी संवेदनाओं के साथ तालमेल बिठाना बेहद जरूरी है। हाउ वी वर्क की राईटर लेह वीज का मानना है कि ऐसे में हमें अपनी संवेदनाओं को दबाना नहीं चाहिए बल्कि प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी है कि वे खुद को लचीला रखें और अपने दिल और दिमाग दोनों को ट्रेनिंग दें। यहां कुछ तकनीकें दी गई हैं जो प्रोफेशनल लाइफ में तनाव से दूर रखने और तरक्की हासिल करने में आपके काम आएंगी।

अपने इमोशंस को समझें  
अगर आप अपसेट हैं तो गहरी सांसें लीजिए। विज्ञान के मुताबिक जब हम अपसेट होते हैं तो शरीर फाइट या फ्लाइट मोड में चला जाता है, यानी हम ज्यादा रिएक्टिव होते हैं। ऐसे में अपनी संवेदनाओं से सामंजस्य बिठाना तनाव को दूर करेगा।

सपोर्ट को महसूस करें 
जब नर्वस हों या किसी काम की चिंता कर रहे हों तो अपना अटेंशन अपने पैरों पर लाएं। अपने पैरों को जमीन पर टिकाएं और उससे मिलने वाले सपोर्ट को महसूस करें, जिस कुर्सी पर बैठे हों उसके सपोर्ट को महसूस करें। यह आपको फिक्र से बाहर
निकलने और खुद को शांत महसूस करवाने में काम आएगा।

चहलकदमी करें 
जब कभी दिमाग को ब्लॉक महसूस करें तो वॉक के लिए निकल जाएं, लंच ब्रेक लें या फिर डेस्क से कॉन्फ्रेंस रूम तक चहलकदमी कर लें। वीज कहती हैं, जो भी बात आपको अपसेट कर रही हो उसे दिमाग से हटाने के लिए चलना आपकी मदद करेगा। अपनी गति को महसूस करना आपका ध्यान दूसरी दिशा में ले जाएगा। 

Next News

जब तक आप संतुष्ट हैं, तब तक आराम से हैं: प्लॉटस के 20 मोटिवेशनल कोट्स

मशहूर नाटककार टाइटस मैक्सियस प्लॉटस को "प्लॉटस' के नाम से भी जाना जाता है। प्लॉटस कहते हैं - जिन चीजों की उम्मीद ही न की हो वो ना चाहते हुए भी समय से

शीर्ष पर रहते हुए चीजों को छोड़ना सीखिए-दीपक रविंद्रन

लुकअप के फाउंडर दीपक रविंद्रन तीन स्टार्टअप्स पर काम कर चुके हैं। बिजनेस से जुड़े दीपक के ये अनुभव आंत्रप्रेन्योर्स के काम के हैं।

Array ( )