नेटवर्किंग से ज्यादा अहम है अच्छा काम : राजकुमार राव

हमेशा कुछ नया करने के लिए स्वयं को प्रेरित करते रहिए।

First Person।  मैं एक सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार से था। एक समय ऐसा भी था जब दो साल तक मेरे टीचर ने मेरी स्कूल फीस दी थी।असल में मुश्किलें हमेशा मेरे साथ बनी रहीं लेकिन कुछ भी मुझे हतोत्साहित नहीं कर पाया। बचपन से ही मेरा रुझान एक्टिंग में था और इसके लिए मैंने हर संभव तैयारी भी की। मार्शल आर्ट्स व डांस सीखा और इंग्लिश सीखने के लिए तो अपना स्कूल तक बदल दिया। हालांकि यह सब उतना आसान भी नहीं रहा जितना यह नजर आता है। यही वजह है कि मैंने अपनेसपने को पूरा करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया।

दरअसल एक बार जब आप फैसला ले लेते हैं कि आपको कहां पहुंचना है तो आपको पता होता है कि अब किस दिशा में मेहनत करनी है। मुझे यह भी अंदाजा था कि अपनी पसंद के काम के लिए इंतजार करते हुए बैठे रहना सही स्ट्रैटजी नहीं है। उस दौरान भी आपको काम करतेरहना चाहिए।


छोटी-छोटी कोशिशें देती हैं बड़े रिस्क का साहस
- जब मैं कॉलेज में था तो सुबह साढ़े सात बजे रोडवेज बस से गुड़गांव से दिल्ली जाता था। कॉलेज के बाद नाटक की प्रैक्टिस के लिए जाता था, जहां से रात 11 बजे तक घर लौटता था। ये यात्राएं लंबी और थका देने वाली होती थीं। इसके बावजूद मैं कुछ और भी करने की कोशिश करता था। मैं लोगों को ऑब्जर्व करता था और अपनी डायरी में उनके बर्ताव के बारे में नोट्स लेता था। एक बार मैं सड़क पर जादूगर के वेश में एक्टिंग करने लगा और भीड़ इकट्ठी हो गई। आज भी मुझे अपने उन अनुभवों की बदौलत ऊर्जामिलती है। लगातार की गई वह मेहनत अब भी मेरा हौसला बढ़ाती है। देखा जाए तो इस तरह के छोटे-छोटे प्रयोग करने से ही मैं बड़े रिस्क लेने की हिम्मत जुटा पाया। 

प्लान बी हमेशा तैयार रखें
- आत्मविश्लेषण जरूरी है और अगर आप यह नहीं करते तो मान लीजिए कि आप रुक जाने वाले हैं और आगे बढ़ने के रास्ते भी आपके लिए बंद हो जाने वाले हैं। मुझे इसी आत्मविश्लेषण ने हमेशा आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है। मुझे लगता है हम तब अपना बेस्ट दे पाते हैं जब हम पैसे की तुलना में खुद के आनंद के लिए काम करते हैं और यकीन मानिए ऐसा होने पर पैसा खुद-ब-खुद आने लगता है।

हमेशा कुछ नया करने के लिए स्वयं को प्रेरित करते रहिए। यह नया करने की प्रेणा आपको बार-बार अपने कंफर्ट जोन को तोड़ने का साहस देगी। आगे बढ़ने का यही तरीका है कि आप अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें और अपनी क्षमताओं को बढ़ाते रहें। इसके साथ ही हमेशा एक प्लान बी तैयार रखें क्योंकि यह आपको असफलता से लड़ने में काम आता है। यह प्लान बी आपको काॅन्फिडेंस देता है और इसकी बदौलत आप कोशिश करने से हार नहीं मानते। यह एक अच्छे दोस्त की तरह आपको संबल देता है।

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