अपने सपनों के लिए बनाइए मास्टर प्लान : एनी दिव्या, दुनिया की यंगेस्ट कमांडर

First person: हमारे शहर में लड़कियों को अनजानी जगहों पर जाने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता था। तब इंटरनेट की पहुंच भी सीमित थी। मैं अपने आसपास के लोगों से अक्सर यह सवाल करती थी कि पायलट कैसे बनते हैं तो वे मेरी हंसी उड़ाते थे।

करियर डेस्क । जब मैं अपने अासपास के लोगों से कहती थी कि मुझे पायलट बनना है तो वे मुझ पर हंसते थे। इस स्थिति में कई बार आप अपना आत्मविश्वास खो बैठते हैं। लेकिन एक बार मेरे एक टीचर की नजर मुझ पर पड़ी। उन्होंने मुझसे कहा, एक लिस्ट बनाओ और उस पर वे दस बातें लिखो जो तुम करना चाहती हो। तब मैंने कहा कि दस चीजें मैं कैसे कर सकती हूं। तब उन्होंने कहा कि कैसे करोगी इस बारे में बाद में सोचना, लेकिन पहले यह तय करो कि आखिर करना क्या है। मैंने 10 पॉइंट्स में सबसे पहले पायलट बनने का सपना लिखा। इसके बाद उन्होंने 10 पॉइंट का मास्टर प्लान बनाने के लिए कहा। आगे चलकर उनकी उस सलाह ने मुझे अपने लक्ष्यों को पूरा करने में काफी मदद दी।


बेहतरीन सलाह का इंतजार 

हमारे शहर में लड़कियों को अनजानी जगहों पर जाने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता था। तब इंटरनेट की पहुंच भी सीमित थी। मैं अपने आसपास के लोगों से अक्सर यह सवाल करती थी कि पायलट कैसे बनते हैं तो वे मेरी हंसी उड़ाते थे। लेकिन मैंने हार नहीं मानी और न ही इस अपमान को अपने सपनों पर हावी होने दिया। आखिरकार किसी ने मुझे इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए एक बेहतरीन सलाह दी और मैंने 17 साल की उम्र में फ्लाइंग एकेडमी जॉइन की

लर्निंग से मिलेगा कॉन्फिडेंस 

एक बार एकेडमी में मेरी एक सीनियर ने मुझसे एक सवाल किया जिसका जवाब मुझे नहीं आता था। मुझे पता था कि मेरी हंसी उड़ेगी और ऐसा ही हुआ। उस वक्त मैं वहां से चली गई लेकिन जाते ही मैंने उस सवाल का जवाब खोजा। हालांकि मैंने उन्हें नहीं बताया, लेकिन मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और मैं निरंतर लर्निंग के लिए प्रोरित हुई।


अपने डर से बाहर निकलिए 

हम कई बार महत्वपूर्ण फैसले इसलिए नहीं ले पाते क्योंकि हमें लगता है कि लोग हमें जज करने लगेंगे। हम परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते तो सबसे पहले ख्याल आता है कि लोग क्या सोचेंगे। जबकि हमें इस वक्त सोचना चाहिए कि एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने से हमारे आगे के जीवन पर क्याप्रभाव पड़ेगा। सिर्फलोगों द्वारा आकलन किए जाने के डर से हम निर्णय भी उन्हीं की सोच के मुतािबक लेते हैं। इस डर से जब बाहर निकलेंगे तो अपने सपनों को जीना सीख जाएंगे।  


कोई रुकावट न रोके रास्ता 

जब मैं अंतरराष्ट्रीय जेट फ्लाइट की ट्रेनिंग के लिए मुंबई में थी तब बहुत कम लोग इस स्तर तक पहुंचे थे। उस वक्त मेरे लड़की होते हुए भी इस पड़ाव तक पहुंचने पर कई अफवाहें उड़ाई गईं। इसके चलते डिप्रेशन में मैंने दो साल निकाले, फिर मुझे लगा कि ऐसी गॉसिप को मुझे अपने रास्ते की रुकावट नहीं बनने देना चाहिए। फिर धीरे-धीरे मैंने बाहर निकलना शुरू किया, नए दोस्त बनाए और सीखना जारी रखा। ऐसा करके मैंने अपनी ताकत पहचानी।


 

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