शिक्षा नीति में बदलाव, अब चार साल का होगा बी.एड कोर्स

नई नीति स्कूल एजुकेशन और हायर एजुकेशन को जोड़ने का काम करेगी

एजुकेशन डेस्क। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में सोमवार को भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्मदिन राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान मुख्य वक्ता क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के प्राचार्य नित्यानंद प्रधान ने नई शिक्षा की जानकारी दी और कहा कि इससे छात्र-शिक्षकों को लाभ होगा। अभी तक स्कूल एजुकेशन और हायर एजुकेशन में कोई लिंक नहीं था। अब नई नीति में इसे जोड़ने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि बीएड का प्रोगाम पहले एक साल का होता था और वर्तमान में दो साल का है, जो अब चार साल का इंटीग्रेटेड प्रोग्राम होगा। 

वहीं नई शिक्षा नीति में प्रावधान किया गया है कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाया जा सकता। इसके अलावा नेशनल रिसर्चफाउंडेशन होगा, जो रिसर्च के लिए फडिंग करेगा। सभी विवि को नियंत्रण करने के लिए एक ही संस्था होगी। कुलपति प्रो. आरजे राव ने कहा कि हमारा देश शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा से अग्रणी रहा है। शिक्षा की गंभीरता को समझते हैं। इस बात को इससे समझा जा सकता है कि यूनेस्को ने 2018 में इंटरनेशनल एजुकेशन डे पहली बार मनाया, जबकि हमारे देश में 2008 में नेशनल एजुकेशन-डे मना लिया गया था। शिक्षा प्राप्त करना हर व्यक्ति का अधिकार है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि हम सबको भी शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के काम करने के लिए आगे बढ़ना होगा, ताकि हमारे विद्यार्थी हमें हमेशा याद करें। भाषा विभाग के प्रमुख प्रो. केबी पण्डा सहित शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए।

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