एक ही सेगमेंट में बंधकर नहीं रहना चाहती : मृणाल ठाकुर

टीवी शो से कॅरिअर की शुरुआत करने वाली यह अभिनेत्री अब बड़ी स्क्रीन पर पहचान बना रही ह

First Person। मेरा जन्म एक मराठी हिंदू परिवार में हुआ था। मैंने अपनी स्टडी जर्नलिज्म के क्षेत्र में की। कॉलेज के दिनों से ही थिएटर और एक्टिंग के क्षेत्र में मेरी रुचि पैदा होने लगी और मैंने ऑडिशंस देने शुरू कर दिए। इसके बाद मेरे कॅरिअर की शुरुआत मराठी फिल्म्स और सीरियल्स से हुई। सीरियल कुमकुम भाग्य में बुलबुल का रोल निभाकर मुझे एक अलग पहचान मिली। इसके बाद मैंने इंडो-अमेरिकन फिल्म लव सोनिया की जिसके बाद से मैं अपने काम के प्रति एक नए तरह की गंभीरता महसूस कर पाई हूं। दरअसल आज देखा जाए, ताे किसी भी तरह का काम करने के लिए बहुत ही अच्छा समय है। हम गैर-पारम्परिक और साहसिक किरदार निभा सकते हैं। जैसे किसी बिजनेस में समय और डिमांड का महत्व होता है, वैसे ही कला के क्षेत्र में भी दर्शकों की रुचि और समय का बहुत महत्व होता है। आपको उसे ध्यान में रखते हुए अपने लिए काम चुनना होता है।

बदलते दौर के अनुसार खुद को ढालना जरूरी
कॅरिअर की शुरुआत में मुझे पारंपरिक किरदार निभाने से जुड़ी सलाहें दी गईं जिनमें हल्के-फुल्के, रोमांटिक और ग्लैमरस रोल्स शामिल थे। हालिया दौर में दर्शक वर्ग का नजरिया बदल चुका है और वे एक्टर का लुक देखने की बजाए उसका काम देखने जाते हैं। आज सभी क्षेत्रों के लिए नियम-कायदे बदल रहे हैं, ऐसे में मैं खुद भी अपने आपको बांधकर नहीं रखना चाहती। मैं वे सभी रोल्स करना चाहती हूं जो एक अच्छे कंटेंट को सिनेमा स्क्रीन पर उतार सकते हैं।

धैर्य रखें और अपने लक्ष्यों का निर्धारण करें
सलेक्शन आपके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। आपके जीवन में घटनाएं तभी घटती हैं जब उनका सही समय आता है। इसके लिए धैर्य रखना सबसे खास बात है। यदि आप अपने स्तर पर कुछ खास करना चाहते हैं, तो सबसे पहले लाइन्स में खड़े रहने के दबाव से खुद को दूर कर लीजिए। इसके बाद ही आप अपने लक्ष्य तय कर पाएंगे।

अपने निर्णयों को प्राथमिकता देती हूं
मैं मानती हूं कि सफलता पूरी तरह से हमारे विश्वास पर निर्भर करती है। आपको बस धैर्य रखने की जरूरत होती है। दरअसल मैंने पहले से ही यह तय कर रखा था कि मैं अपने निर्णयों को ही सबसे अधिक प्राथमिकता दूंगी, चाहे मुझे कितनी भी सलाहें क्यों न मिलें। इस बारे में मैं सोचती हूं कि यदि हम सभी की सलाहों को मानने लगेंगे, तो कुछ भी नहीं कर पाएंगे और अपने लक्ष्य से भटक जाएंगे।
 

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