जेईई / फेवरेट स्ट्रीम न मिलेता तो ड्रॉप न लें, गेट के जरिए IIT से मास्टर्स करें

अच्छी आईआईटीज में एडमिशन न मिलने पर दोबारा जेईई देने का फैसला ले रहे हैं स्टूडेंट्स

एजुकेशन डेस्क। जाेसा की आईआईटी  और एनआईटीज सीट्स एलोकेशन के तीन राउंड पूरे हाे चुके हैं। सात राउंड में पूरी हाेने वाली ये एडमिशन प्राेसेस 22 जुलाई तक चलेगी। असल में हर साल 45 परसेंट स्टूडेंट्स अच्छी रैंक न मिलने के कारण जेईई एग्जाम काे रिपीट कर रहे हैं। 

एक्सपर्ट का कहना है कि ये हैरत वाली बात है कि जिन स्टूडेंट्स काे आईआईटी नहीं मिली ताे वाे एनआईटीज की सीट काे छाेड़कर जेईई एग्जाम देते हैं। जबकि उनकाे अपना एक साल खराब करने की जरूरत नहीं है, क्याेंकि आईआईटी की कुल 10 हजार सीट्स हैं और हर साल जेईई में करीब चार लाख बच्चे रिपीट हाेते हैं। एेसे में इस बात की श्याेरिटी नहीं है कि स्टूडेंट्स काे अगले अटेम्प्ट में आईआईटी में अपने पसंद की ब्रांच मिल ही जाएगी।

10 हजार सीट्स में से हर साल करीब 6 हजार सीट्स पर फर्स्ट अटेम्प्ट वाले स्टूडेंट्स कब्जा कर लेते हैं। बाकी चार हजार सीटें 4 लाख रीपिटर्स के हिस्से अाती हैं। इसलिए एक्सपर्ट का कहना है कि 50 हजार तक रैंक वाले या इससे ऊपर रैंक वाले अपनी चाॅइस काे लाॅक करें। ड्राॅप लेकर अपना एक साल खराब करने का निर्णय ना लें, क्याेंकि स्ट्रीम बेसिस पर प्लेसमेंट नहीं हाेते बल्कि अच्छा पैकेज इंस्टीट्यूट के नाम से दिया जाता है। 

50 हजार से नीचे रैंक तो रीअटेम्प्ट से बचे
एक्सपर्ट सुहाग कारिया कहते हैं कि जेईई मेंस या एडवांस में अच्छी रैंक न आने पर स्टूडेंट्स रिपीट सिर्फ एक कंडीशन पर करें, अगर सिलेक्शन मार्जिनल मार्क्स से रह जाता है। लेकिन मार्क्स में गैप ज्यादा है और रैंक 50,000 से पीछे है तो रिपीट न करें। प्राइवेट कॉलेज के बारे में डिसीजन लें। प्राइवेट काॅलेज से बीटेक के दाैरान फर्स्ट ईयर के बाद तीन साल तक गेट की तैयारी भी शुरू करें।

आमतौर पर पर एनआईटीज में कम्प्यूटर साइंस में एमटेक एडमिशन के लिए गेट में 550 तक स्कोर करना होता है। वहीं आईआईटीज व टॉप 5 एनआईटीज के लिए कटऑफ 750 मार्क्स तक हाेती है। गेट में ये स्काेर करना आसान अासान हाेता है। इससे दाे फायदे हाेंगे पहला एमटेक की डिग्री अच्छी आईआईटीज से मिल जाएगी और दूसरा अच्छा प्लेसमेंट मिलेगा। दूसरी ब्रांचेज में एडमिशन कटऑफ 300 मार्क्स तक भी रहता है।

उदाहरण के ताैर पर अगर आप किसी एनआईटी से बीटेक कर रहे हैं ताे सेकंड ईयर से गेट की तैयारी करें। बीटेक के बाद आप प्लेसमेंट की जगह गेट काे प्रिफरेंस दें और एमटेक के लिए मुंबई जैसी आईआईटी से मास्टर्स डिग्री लें जहां 25 लाख तक के पैकेज पर अच्छा प्लेसमेंट ले सकते हैं। 


जोसा की काउंसलिंग मेंप्रदेश के किस इंस्टीट्यूट मेंक्या रैंक (सामान्य वर्ग)

आईआईटी इंदौर

ओपन 

कॉलेज

कम्प्यूटर साइंस

640

1020

सिविल इंजीनियरिंग

6355

7137

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

1868

3346


मैनिट भोपाल 

ओपन कॉलेज

कम्प्यूटर साइंस

2193

7714

इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन

8107

11989

इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग

9952

15283

सिविल इंजीनियरिंग

10634

24052

कैमेकिल इंजीनियरिंग

15367

23324


 

आईआईआईटी भोपाल

ओपन कॉलेज

इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी

12931

27164

कम्प्यूटर साइंस

14874

25519

इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन

24364

30902


 

आईआईआईटी ग्वालियर

ओपन कॉलेज

कम्प्यूटर साइंस

7774

9919

इंटीग्रेटेड बीटेक एंड एमटेक

10263

15034

 

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