एनिमेशन इंडस्ट्री में स्पेशलिस्ट की बढ़ेगी मांग, जानिए इस फील्ड में जॉब के अवसर

2020 तक 270 बिलियन डॉलर की होगी एनिमेशन इंडस्ट

एजुकेशन डेस्क (सिद्धार्थ सराठे)। 91 साल पहले 1928 में एक एनिमेटेड कैरेक्टर आया, जिसका नाम था मिक्की माउस। इस कैरेक्टर को अमेरिकी आंत्रप्रेन्योर व एनिमेटर वॉल्ट डिज्नी ने तैयार किया था, जिन्हें सेना की नौकरी से निकाल दिया गया था। लगभग नौ दशक बाद भी यह कैरेक्टर लोगों के जेहन में है। तकनीक के दिन प्रतिदिन हो रहे विकास के बाद आज लगभग हर दिन नए-नए एनिमेटेड कैरेक्टर्स देखने को मिल रहे हैं। मनोरंजन के लिए इन कैरेक्टर्स की लगातार बढ़ रही मांग के चलते एनिमेशन इंडस्ट्री में जबर्दस्त ग्रोथ हो रही है।

संस्था रिसर्च एंड मार्केट की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में ग्लोबल एनिमेशन इंडस्ट्री ने 259 बिलियन यूएस डॉलर का आंकड़ा का पार कर लिया था। 2020 तक इसके 270 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। जहां तक भारत की बात है इस इंडस्ट्री में 9 प्रतिशत की दर से ग्रोथ हो रही है। जल्द ही यह 1 बिलियन यूएस डॉलर के आंकड़े को पार कर लेगी। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में अभी भी ऐसे कैरेक्टर बनाने वाले आर्टिस्ट्स की कमी है, जो दुनियाभर में अपनी पहचान बना सके।

ऐसे में युवाओं के लिए इस इंडस्ट्री में कॅरिअर बनाने का यह सही समय है। एनिमेशन इंडस्ट्री के विस्तार से अब यह विषय एक स्ट्रीम के रूप में उभर रहा है। यही वजह है कि अन्य फील्ड्स की तरह यहां भी ऐसे स्टूडेंट्स को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्होंने एनिमेशन की किसी एक ब्रांच में स्पेशलाइजेशन किया हो। अन्य कॅरिअर विकल्पों की तरह स्टूडेंट्स यदि इस फील्ड को भी गंभीरता से लेते हैं तो निश्चित ही यहां जॉब के ढेरों विकल्प हैं। एनिमेशन फील्ड में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, स्पेशलाइजेशन कोर्स व इसके सभी जरूरी पहलुओं के बारे में बता रहे हैं मणिपाल यूनिवर्सिटी में एनिमेशन विभाग के विभागाध्यक्ष एसी बालाजी। 

  • स्कूल में ऐसे चुनें स्ट्रीम : एनिमेशन के फील्ड में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स के सामने स्ट्रीम चुनना काफी कठिन होता है। इंजीनियरिंग, मेडिकल जैसे फील्ड्स के लिए जिस तरह स्ट्रीम निर्धारित हैं, एनिमेशन के लिए ऐसा नहीं है। हालांकि इसके लिए आर्ट स्ट्रीम को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। क्योंकि एनिमेशन कोर्स का फाउंडेशन आर्ट पर ही आधारित होता है। किंतु यदि स्टूडेंट्स एनिमेशन के किसी खास स्पेशलाइजेशन में जाना चाहते हैं तो उसके बारे में जानकारी जरूर जुटा लें और फिर स्ट्रीम चुनें। इससे सब्जेक्टिव नॉलेज उस स्पेशलाइजेशन में काम आएगा। 
  • ग्रेजुएशन : 12वीं के बाद एनिमेशन सब्जेक्ट से बीएससी कर सकते हैं। इस ग्रेजुएशन कोर्स में एनिमेशन के बेसिक टॉपिक्स से लेकर प्रोफेशनल टॉपिक्स तक शामिल होते हैं। इसके साथ ही फिल्म, टेलिविजन, वीएफएक्स, एडवरटाइजिंग और गेमिंग इंडस्ट्री का नॉलेज भी कोर्स में मिलेगा। बीएससी के अलावा एनिमेशन से बीएफए (बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स) का ग्रेजुएशन कोर्स भी कर सकते हैं। कई इंस्टीट्यूट्स एनिमेशन एंड मल्टीमीडिया सब्जेक्ट से बीए भी कराते हैं।
  • पोस्ट ग्रेजुएशन : एनिमेशन से बीएससी करने के बाद इसी सब्जेक्ट से एमएससी भी की जा सकती है। वहीं अगर आपको इसकी किसी एक ब्रांच में स्पेशलाइजेशन करना है तो मल्टीमीडिया, ग्राफिक डिजाइन, ग्राफिक्स एंड एनिमेशन, विजुअल कम्युनिकेशन, विजुअल आर्ट्स जैसे विषयों से एमएससी भी कर सकते हैं।
  • डिग्री और डिप्लोमा में क्या है बेहतर : एनिमेशन में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स के बीच सबसे बड़ा सवाल डिग्री और डिप्लोमा कोर्स में से किसी एक के चुनाव से जुड़ा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार स्टूडेंट्स अगर एनिमेशन को कॅरिअर की तरह देख रहे हैं तो डिग्री कोर्स ही बेहतर है। दरअसल एनिमेशन का सामान्य डिप्लोमा कोर्स सिर्फ बेसिक्स की जानकारी देता है। वहीं अगर डिग्री कोर्स से कॅरिअर की शुरुआत की जाती है तो बेसिक नॉलेज के साथ एनिमेशन से जुड़े हर पहलू की इनडेप्थ जानकारी का अवसर मिलता है। जिसकी फील्ड में मांग है। वहीं एनिमेशन में ग्रेजुएशन के बाद इसके किसी स्पेशलाइजेशन में डिप्लोमा करते हैं तो यह कॅरिअर के लिए और बेहतर होगा। 

नॉन टेक्निकल जॉब्स के भी हैं अवसर 
आमतौर पर एनिमेशन को टेक्निकल फील्ड के रूप में जाना जाता है जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है। एनिमेशन में कई स्टूडेंट्स ऐसे होते हैं जो सब्जेक्ट के बेसिक्स को तो समझते हैं लेकिन उन्हें 3डी, ग्राफिक्स डिजाइन विषयों में रुचि नहीं होती । इन स्टूडेंट्स के पास एनिमेशन सेक्टर में मैनेजमेंट से जुड़ी जॉब्स के अवसर होते हैं। अगर आपका इंटरेस्ट रिकॉर्डिंग मैनेजमेंट जैसे कामों में है और एनिमेशन के बेसिक्स के साथ एक्सेल, पॉवर पॉइंट का नॉलेज रखते हैं तो इस सेक्टर में मैनेजर के रूप में काम कर सकते हैं।

इंटरेस्ट को समझकर चुनें स्पेशलाइजेशन 

  1. एनिमेशन में स्पेशलाइजेशन पूरी तरह से रुचि और एजुकेशनल बैकग्राउंड पर निर्भर करता है। अगर आर्ट में रुचि है और ड्रॉइंग स्किल्स हैं तो ग्राफिक डिजाइनिंग, कैरेक्टर डिजाइनिंग जैसे स्पेशलाइजेशन चुन सकते हैं। 
  2. अगर मैथ्स में रुचि है या स्कूल में यह सब्जेक्ट पढ़ चुके हैं तो एनिमेशन मॉडलर को स्पेशलाइजेशन के रूप में चुन सकते हैं। एनिमेशन मॉडलर का काम बिल्डिंग, कार, हाइवे, फ्लाइओवर जैसे मॉडल ऑब्जेक्ट्स को डिजाइन करना होता है।
  3. अगर बायोलॉजी में इंटरेस्ट है तो मेडिकल एनिमेशन में स्पेशलाइजेशन के साथ बेहतर कॅरिअर बना सकते हैं। दवाओं के विज्ञापन में भी मेडिकल एनिमेशन के जरिए बताया जाता है कि किस तरह दवाई शरीर के अंदर जाकर असर करती है। इस स्पेशलाइजेशन के लिए क्रिएटिविटी के साथ ही सब्जेक्ट का बेसिक नॉलेज भी जरूरी है।

इन सेक्टर्स में हैं कॅरिअर के बेहतरीन अवसर
एनिमेशन के फील्ड में जॉब के अवसर सिर्फ एंटरटेनमेंट सेक्टर तक सीमित नहीं हैं। आज लगभग हर सेक्टर में इसका प्रयोग बढ़ रहा है। यहां तक कि मेडिकल फील्ड में भी एनिमेशन के जरिए कई बार डॉक्टर्स यह समझने की कोशिश करते हैं कि दुर्घटना किस तरह हुई होगी। इसी तरह न्यूज चैनल्स में भी एनिमेशन के जरिए कई बार घटना को दिखाया जाता है। इसके अलावा गेमिंग इंडस्ट्री, सॉफ्टवेयर कंपनी, इंश्योरेंस, ई-कॉमर्स कंपनियों, मूवी प्रोडक्शन आदि में जॉब के ढेरों अवसर हैं। इन सेक्टर्स में आप इन-बिटवीन एनिमेटर, मॉडलर, क्लीनअप आर्टिस्ट, 3डी एनिमेटर, इमेज एडिटर, लाइटिंग आर्टिस्ट, की-फ्रेम एनिमेटर आदि के रूप में काम कर सकते हैं। 

यहां से कर सकते हैं एनिमेशन में यूजी/पीजी

  • क्वांटम इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज एंड डिजाइन, उत्तराखंड
  • मणिपाल यूनिवर्सिटी 
  • सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता
  • पिकासो एनिमेशन कॉलेज, जयपुर
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