31 मई को ही आएगा क्लैट का रिजल्ट, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

ऑनलाइन हुए इस एग्जाम में कई बार कंप्यूटर हैंग और बंद होने जैसी समस्याएं आईं थीं।

एजुकेशन डेस्क। देशभर की 19 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन के लिए 13 मई को हुए कॉमल लॉ एंट्रेंस टेस्ट (क्लैट) का एग्जाम दोबारा कराए जाने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये एग्जाम का रिजल्ट गुरुवार को ही घोषित करने का आदेश भी दिया। दरअसल, इस साल क्लैट एग्जाम ऑनलाइन हुआ था, जिस वजह से स्टूडेंट्स को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसीलिए देशभर के स्टूडेंट्स ने री-एग्जाम कराए जाने की मांग की थी। बता दें कि इस साल क्लैट का एग्जाम नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (NUALS), कोच्चि की तरफ से कराया गया था।

NUALS की रिपोर्ट के बाद दिया आदेश

- क्लैट एग्जाम को लेकर छात्रों की तरफ से दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने NUALS को 31 मई को ही रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया। 
- दरअसल, इससे पहले सुनवाई के दौरान जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की बेंच ने क्लैट एग्जाम में गड़बड़ी की शिकायत के लिए NUALS को एक ऑनलाइन ईमेल बनाने का आदेश दिया था, जिसपर छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकते थे।
- इस ईमेल पर मिली शिकायत की रिपोर्ट NUALS ने सुप्रीम कोर्ट में सौंपी, जिसके बाद जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस मोहन एम शांतनागौदार की बेंच ने रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया।

छात्रों की शिकायत की पड़ताल करेगी कमेटी

- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (NUALS) कोच्चि ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई है।
- इस कमेटी के प्रमुख केरल हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एमआर हरिहरन नायर हैं। उनके अलावा इसमें कोच्चि यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के एचओडी संतोष कुमार शामिल है।
- छात्रों की शिकायत की जो रिपोर्ट NUALS ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है, अब उसकी जांच यही कमेटी करेगी।

हाईकोर्ट में सुनवाई पर पहले ही लग चुकी है रोक

- सुप्रीम कोर्ट ने क्लैट को लेकर विभिन्न हाईकोर्टों दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई से रोक पहले ही लगा दी है। अभी इस मामले की सुनवाई सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में ही हो रही है। 
- इस मामले को लेकर छात्रों ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट, कलकत्ता हाईकोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं।

छात्रों को ये आई थी दिक्कतें

- क्लैट में गड़बड़ी को लेकर 251 छात्रों ने याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि परीक्षा के दौरान कई बार ब्लैंक स्क्रीन सामने आई। 
- कई बार हैंगिंग/क्रैशिंग/रुकावट/पावर कट की समस्याएं रहीं, लेकिन इस दौरान टेस्ट टाइमर चलता रहा। 
- ऑनलाइन हुए इस एग्जाम में कुछ जगहों पर स्क्रीन पर क्वेश्चन पेपर ही दिखाई नहीं दिया। 
- वहीं क्वेश्चंस सॉल्व करने के लिए अलग-अलग स्टूडेंट्स को अलग-अलग समय दिया गया। इससे बहुत से स्टूडेंट्स एग्जाम पूरी तरह से नहीं दे पाए।

क्या होता है क्लैट एग्जाम?

- क्लैट एक तरह का ऑल इंडिया कॉमन लॉ एंट्रेंस एग्जाम है, जिसे देशभर की 19 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs) में से किसी एक यूनिवर्सिटी की तरफ से कंडक्ट कराया जाता है।
- इस एग्जाम के जरिए एलएलबी और एलएलएम कोर्सेस के लिए एडमिशन होता है। इस साल NUALS, कोचि की तरफ से इस एग्जाम को कंडक्ट कराया गया था।


 

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