CLAT 2020 / परीक्षा पैटर्न में एक और बदलाव, अगले महीने तक जारी होगा अंतिम प्रारूप

पेपर पैटर्न के बदलाव के बाद हर स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को प्रवेश में समान रूप से प्राथमिकता मिल सकेगी

एजुकेशन डेस्क। देश की 21 लॉ स्कूल्स के लिए आयोजित होने वाली कॉमन लॉ एंट्रेंस टेस्ट का नया पेपर पैटर्न अगले एक माह में जारी कर दिया जाएगा। हमारी ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। मैंने कन्सोर्टियम की बैठक में हुए फैसले के आधार पर मॉडल पेपर बनाकर प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

इस मॉडल पर कन्सोर्टियम की टीम एक बार फिर रिव्यू करेगी और संशोधन के बाद पेपर का अंतिम प्रारूप जारी किया जाएगा। हमारा पेपर पैटर्न में बदलाव का कारण यही है कि इस पेपर पैटर्न के बदलाव के बाद हर स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को प्रवेश में समान रूप से प्राथमिकता मिल सके। पहले मॉडल पेपर देखा जाएगा, उस पर फिर से कन्सोर्टियम की बैठक में चर्चा होगी तथा इसके बाद ही इस संबंध में आखिरी फैसला लिया जाएगा।

हमारी और से पेपर पैटर्न में बदलाव इसी क्लैट में कर दिया जाएगा। हां, यह तय है कि इस बार प्रश्नों की संख्या निश्चित रूप से कम कर दी जाएगी, ताकि स्टूडेंट्स को प्रश्न हल करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। वहीं मुझे क्लैट कन्सोर्टियम का प्रेसिडेंट बनाकर जो विश्वास जताया गया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।

क्लैट की परीक्षा में ऐसा होगा पेपर पैटर

  • मैथ्स के स्थान पर क्वांटिटेटिव टेक्नीक्स का पेपर होगा, जिसमें प्रतिशतता, औसत, टाइम वर्क से जुड़े प्रश्नों की जगह ग्राफ व टेबुलेशन से जुडे सवाल पूछे जाएंगे।
  • इंग्लिश के पार्ट में वॉकेब्लरी और ग्रामर पूछी जाती थी, लेकिन अब वॉकेब्लरी को हटा दिया जाएगा और अनसीन पैसेज व उससे जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे।
  • जीके व करंट अफेयर का पेपर होता था। जीके में हिस्ट्री, ज्योग्राफी व इकोनॉमिक्स से जुड़े प्रश्न पूछे जाते थे, लेकिन अब केवल करंट अफेयर के सवाल पूछे जाएंगे।
  • लीगल एप्टीट्यूट में लॉ, ट्रॉट, क्राइम व संविधान से जुड़े प्रश्न होते थे, लेकिन लॉजिकल रीजनिंग से जुडे़ सवाल होंगे तथा लॉ से जुड़ा भी अनसीन पैसेज आएगा।

क्लैट कन्सोर्टियम के अध्यक्ष की प्राथमिकताएं

  1. एंटी प्लेजिरिज्म सॉफ्टवेयर : देश की 21 लॉ यूनिवर्सिटी में होने वाली रिसर्च में कोई भी पुरानी रिसर्च को कॉपी नहीं की जा सके, इसके लिए अमेरिका से एंटी प्लजिरज्म सॉफ्टवेयर खरीदा जाना है।
  2. स्टैंडर्ड टैक्स्ट बुक्स एंड जनरल्स: सभी लॉ यूनिवर्सिटी में शिक्षा प्रणाली को और सुदृढ़ करने के लिए स्टैंडर्ड टैक्स्ट बुक्स एंड जनरल्स खरीदने की भी प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
  3. कॉन्फ्रेंस के लिए फंड : लॉ स्कूल्स में फंड की कमी से वहां की फेकल्टी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पेपर प्रेजेंटेशन करने नहीं जा पाते। इसके लिए हमारी ओर से प्लानिंग कर फेकल्टी के लिए फैलोशिप शुरू करने की भी प्लानिंग है।
  4. स्कॉलरशिप : लॉ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले मैरिटोरियस बच्चों के लिए यूनिवर्सिटी स्तर पर कोई स्कॉलरशिप नहीं है। विचार किया जा रहा है कि मेधावी स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप दी जा सके।
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