क्लैट / 93.25% के साथ सौम्य टॉपर, पहली बार टॉप-10 में भोपाल के चार

पहली मेरिट लिस्ट भी जारी, 19 जून तक होगी काउंसलिंग

एजुकेशन डेस्क। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट यानी क्लैट-2019 का रिजल्ट शुक्रवार शाम जारी कर दिया गया। इसमें उदयपुर के सौम्य सिंह 199 में से 177.25 (93.25%) अंक हासिल कर देश में टॉपर रहे। सबसे चौंकाने वाला परिणाम भोपाल का रहा। यहां के चार स्टूडेंट्स ने पहली बार टॉप-10 में जगह बनाई। इनमें हर्ष तोमर को ऑल इंडिया दूसरी, अनुराग तिवारी को तीसरी, मौली जैन को 5वीं और सिद्धांत आर्या को 7वीं रैंक मिली। 

2550 सीटें भरी जाएंगी
रिजल्ट के साथ ही पहली मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी गई है। देश की 21 सरकारी और 51 निजी लॉ यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए इसी साल 26 मई को ऑफलाइन एग्जाम हुआ था। कुल 2550 सीटों के लिए परीक्षा हुई थी।

23 तक जारी होगी दूसरी एडमिशन लिस्ट अब काउंसलिंग होगी, जो 19 जून तक चलेगी। 23 जून को दूसरी एडमिशन लिस्ट जारी की जाएगी। काउंसलिंग के लिए 23 से 26 जून तक फीस जमा करनी होगी।

177.25 अंक हासिल कर उदयपुर के सौम्य टॉपर...
- चारों ड्रॉपर बैच के हैं यानी सभी ने 12वीं बोर्ड एग्जाम के बाद एक साल गैप लेकर क्लैट की तैयारी में बिताया और फिर एग्जाम पास किया। वहीं जोधपुर के यश कावड़िया 173.50 अंक के साथ छठे नंबर पर रहे। इस बार के क्लैट का स्कोर 43 दूसरे एजुकेशन और दो पब्लिक सेक्टर इंस्टीट्यूट्स में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

CLAT : ड्रॉपर से टॉपर बने ये चार
- हर्ष तोमर, अनुराग तिवारी, मौली कौशल जैन और सिद्धांत आर्या... ये चारों ड्रॉपर बैच के हैं, जो क्लैट के टॉपर बन गए हैं। लीगल एज के एक्सपर्ट हर्ष गंगरानी ने बताया कि, ज्यादातर बच्चे पहले अटेम्प्ट में जब अच्छा नहीं कर पाते, तो कोशिश करते हैं कि एक साल रुक कर इत्मिनान से परीक्षा की तैयारी करें और अच्छे स्कोर के साथ टॉप एनएलयू में जगह बनाएं। यही अच्छा निर्णय भी है। जानते हैं इन टॉपर्स ने कैसे की तैयारी और कैसे इंस्पायर हुए -

हर्ष तोमर
- बीए-एलएलबी कर रही बहन ने किया प्रेरित पेरेंट्स - विनोद सिंह तोमर एडवोकेट , बबिता तोमर होममेकर 
- शुरू में कभी लॉ में इंट्रेस्ट नहीं था। 11वीं में पीसीएम लिया था, मगर लगा मुझे जेईई नहीं करनी है। फिर बीए-एलएलबी कर रही बहन ने सुझाया लॉ ही ट्राय करो। मैंने लॉ की कई किताबें पढ़ीं, इंटरनेट पर सर्च किया। पहले साल बिना प्रिपरेशन के एग्जाम दिया ताकि समझ सकूं कि कैसी तैयारी की जरूरत है। पिछले साल 2000 से ज्यादा रैंक थी। करेंट अफेयर्स की खूब तैयारी की। रोज पजल्स सॉल्व करके रीजनिंग मजबूत की।

अनुराग तिवारी
- मॉक टेस्ट्स में भी 10 बार मेरी रैंक तीन ही आई थी
- पेरेंट्स - संजय तिवारी गवर्नमेंट जॉब, स्नेहलता तिवारी होममेकर
- एक रिलेटिव एनएलयू जोधपुर में पढ़ रहे हैं। उनसेमिलकर तय किया कि मुझे भी लॉ में ही जाना है। पिछले साल खास तैयारी नहीं की तो 3000 रैंक आई और इस बार 3 रैंक। कोचिंग में छह महीनों में 10 बार मेरी मॉक टेस्ट में तीसरी रैंक आई। मेरे सारे साथी मुझे चिढ़ातेथेकि इस बार तुम्हारी तीसरी रैंक आएगी और हुआ भी यही। छह महीनों में 80 से ज्यादा मॉक टेस्ट दिए। वर्ड पावर बुक पढ़कर अंग्रेजी को मजबूत किया। 

मौली कौशल जैन
- रोज 5-6 पैराजम्बल्स हल करके टाइम को सुधारा
- पेरेंट्स - संदेश जैन बिजनेसमैन, सीमा जैन होममेकर 

- इंग्लिश बोलने का घर में कल्चर नहीं है, तो इंग्लिश काफी कमजोर थी। इसके लिए मैंने पहले वोकैब्लरी पर ध्यान दिया, उन शब्दों को पढ़ना शुरू किया, जो क्लैट में बार-बार आते हैं। मैंने पैराजम्बल्स की तैयारी की। रोज 5-6 पैराजम्बल्स हल करती थी। इन सवालों को पढ़ने में काफी समय लगता। ऐसे में कोशिश की कि पैराजम्बल्स को जितने कम समय में कर पाऊं, उतना ज्यादा अच्छा रहे। जीके की भी रेगुलर तैयारी की। 

सिद्धांत आर्य
- आखिरी दो महीनों में मैंने 20 मॉक टेस्ट दिए
- पेरेंट्स - रवि आर्या प्राइवेट जॉब, अंजू आर्या होममेकर 
- 12वीं के बाद मुझे नहीं पता था कि क्या करना है। दोस्त ने सलाह दी क्लैट ट्राय करो। एक कोचिंग में 28 दिनों का क्रैश कोर्स कर एग्जाम दिया, तो 12000 रैंक आई। इस क्रैश कोर्स ने इस फील्ड में इंट्रेस्ट बढ़ा दिया। पेरेंट्स ने कहा तैयारी कर लो। मैंने पिछले दस सालों के मॉक टेस्ट को दो-दो बार हल किया। आखिरी दो महीनों में 20 मॉक टेस्ट दिए, जिसके कारण स्पीड बढ़ी। कोचिंग के माहौल से भी फायदा मिला।

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