क्लैट 2018 में AIR-40 के साथ प्रखर पिपरइया बने सिटी टॉपर

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्री-शेड्यूल के अनुसार जारी हुआ क्लैट का रिजल्ट, राजधानी से शामिल हुए थे 3000 स्टूडेंट्स

एजुकेशन डेस्क, भोपाल। देश की 19 लॉ यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए हुए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट ।क्लैट। के दौरान एग्जाम सेंटर्स पर हुईं तमाम परेशानियों के बीच गुरुवार को क्लैट कमेटी ने तय शेड्यूल के अनुसार परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस परीक्षा में देशभर से करीब 54 हजार स्टूडेंट्स अपीयर हुए, जिसमें भोपाल से 7 टेस्ट सेंटर्स से करीब 3000 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में देशभर में लगी पिटीशन के बीच अंतत: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्लैट का रिजल्ट पूर्व निर्धारित शेड्यूल पर ही जारी किया गया। क्लैट की ऑल इंडिया रैंक के बाद कॉलेजों की सिलेक्शन लिस्ट 7 जुलाई को जारी होगी। 


सिटी के टॉप रैंकर्स 

प्रखर पिपरइया  AIR 40 
मन शर्मा  AIR 44 
ईशान भटनागर  AIR 45 
गगन बाजपेयी  AIR 50 
आदित्य कृष्णा  AIR 61 
उत्कर्ष राठी  AIR 74 
श्रेया अय्यर  AIR 76 
हिमांशु रघुवंशी  AIR 82 
केस्सिआ कुरिआकोसो  AIR 105 
प्रांजली मिश्रा  AIR 110 
श्रावणी शेंडे  AIR 120 
आहना राजन  AIR 138 
रशिका भारद्वाज  AIR 158 
लेवि जैन  AIR 171 
अदिति चंदेल  AIR 187 
वेदांत गुप्ता  AIR 211 
मोहित अग्रवाल  AIR 226 
रचित अग्रवाल  AIR 270 

क्लैट में सिटी के टॉप रैंकर्स के इंटरव्यू 

अपने डाउट्स क्लियर करने के लिए घंटों बैठता था सब्जेक्ट टीचर्स के पास - प्रखर पिपरइया, AIR 40

- 12 वीं के बाद मैं काफी कंफ्यूज्ड था तब पापा ने आईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज को कम्पेयर करके बताया कि मुझे क्लैट में जाना चाहिए। पिछले साल सिर्फ एक महीने की प्रिपरेशन कर क्लैट दिया था, जिसमें एआईआर-5000 मिली थी। एक साल ड्रॉप लिया और इंग्लिश व रीजनिंग को तैयार किया। मैं रोजाना 10 से 12 घंटे कोचिंग में बिताता था। मैं अपने डाउट क्लियर करने के साथ ही दूसरों के डाउट्स भी सुनने के लिए टीचर के पास घंटांे बैठा रहता था। मेरी इंग्लिश काफी वीक थी। मैं रोजाना करीब 2 घंटे इंग्लिश रीडिंग करता था, जिससे प्रोनन्सिएशन, ग्रामर और स्पीकिंग बेहतर हो सकी। 

बहन के सिविल सर्विसेस के नोट्स से की जनरल नॉलेज की तैयारी - मन शर्मा, AIR 44 

- क्लैट में आने वाले 5 सब्जेक्ट्स में सभी इतने वर्सेटाइल हैं कि रोज सभी को थोड़ा-थोड़ा पढ़ना जरूरी था। यही वजह है कि मैं कोचिंग के अलावा कोशिश करता था कि 8 से 9 घंटे सेल्फ स्टडी करूं और इस दौरान सभी सब्जेक्ट्स को टच करते हुए चलूं। मेरी इस रणनीति से मेरे सारे सब्जेक्ट्स धीरे-धीरे कम्प्लीट होते गए और मैं अपने डाउट्स भी क्लीयर करते चला। लगातार पढ़ने के कारण मुझे एग्जाम टाइम में तनाव आदि प्रॉब्लम भी नहीं हुई। मेरी बहन ऐश्वर्या सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रही हैं, उनके नोट्स से ही मैं जनरल नॉलेज की तैयारी करता था। 

टीवी-सोशल मीडिया से दूर रहा ताकि पढ़ाई पर फोकस कर सकूं - ईशान भटनागर, AIR 45 

- मैं इस एग्जाम में फ्रेशर में था और मेरा बैकग्राउंड भी पीसीएम का रहा है। ऐसे में मेरे पास दूसरे स्टूडेंट्स की तुलना में टाइम कम था। मैंने कोशिश की कि दो महीने में क्लैट का पूरा सिलेबस रिवाइज कर लूं। मेरी मैथ्स और इंग्लिश काफी स्ट्रॉन्ग थी, इसलिए मैंने तैयारियों की शुरुआत इन्हीं सब्जेक्ट्स से की। बाद में जीके को पूरे फोकस के साथ तैयार किया। इस दौरान टीवी और सोशल मीडिया से दूर रहा, ताकि डिस्ट्रैक्शन कम हो सके। मैं एनटीएसई का स्कॉलर रहा हूं, इसलिए हमेशा से ही सब्जेक्ट्स को समझने और पढ़ने को लेकर काफी सीरियस रहा हूं। 

पापा आर्मी में हैं तो उन्होंने मेरे लिए आर्मी जैसा ही टाइट शेड्यूल बनाया - गगन बाजपेयी, AIR 50 

- पापा आर्मी में हैं और उन्होंने ने ही क्लैट प्रिपरेशन के लिए स्पेशल आर्मी शेड्यूल बनाया। सुबह 5 बजे उठकर रोज मॉर्निंग वॉक, सुबह सेल्फ स्टडी, फिर कोचिंग और दो घंटे डाउट क्लीयर के साथ दो घंटे खेलने को दिए। मैं बास्केटबॉल का डिस्ट्रिक्ट लेवल प्लेयर भी हूं। पहले मैं एनडीए की तैयारी कर रहा था, जिसमें मुझे ऑल इंडिया 85 रैंक भी मिली, फिर फैमिली ने डिसाइड किया कि पापा आर्मी में पहले से ही हैं, इसलिए मुझे किसी सिविल बैकग्राउंड के प्रोफेशन को चुनना चाहिए। उस वक्त मैंने बिना प्रिपरेशन के क्लैट दिया, तब 2000+ रैंक आई थी। 

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