पसंद का काम हमेशा मोटिवेट करता है - नेहा कक्कड़

गायिका ने तंगहाली में भी अपने टैलेंट को जिंदा रखा और आगे बढ़ती रही।

FirstPerson। आसान कहानियां सबसे अच्छी कहानियां नहीं होतीं, जीवन में कैसी भी परिस्थिति आएं, उसका सामना खुशी से करना चाहिए। कुछ ऐसी ही सोच रखने वाली प्लेबैक सिंगर नेहा कक्कड़ अपनी कहानी साझा करते हुए कहती हैं कि एक समय था जब मेरे पिता मेरे स्कूल के सामने समोसे बेचते थे और वे चाहते थे कि मैं भी उनकी मदद करूं। रोजमर्रा का खर्च चलाना उनके लिए किसी संघर्ष से कम नहीं था। हम तीन भाई-बहनों की पढ़ाई के लिए भी पैसे नहीं थे। संगीत में हम तीनों की दिलचस्पी के चलते हमने जागरण में गाना शुरू किया ताकि हम अपने स्कूल की फीस भर सकें। अपने पुराने दिनों के अनुभवाें से मैंने यही सीखा है कि काम छोटा हो या बड़ा हमें कुछ न कुछ सिखाकर ही जाता है। आज हम सब जब उन सब स्थितियों काे याद करते हैं तो हमें लगता है कि उस समय ने ही हमें हमारे जीवन की अहमियत सिखाई है।

रिएलिटी शो ने पूरी तरह बदल दिया जीवन
स्कूल में ग्यारहवीं क्लास की पढ़ाई के दौरान मुझे सिंगिंग रिएलिटी शो इंडियन आइडल में हिस्सा लेने का मौका मिला। वहां से मेरी लाइफ बिल्कुल ही बदल गई। लोगों को मेरी आवाज न सिर्फ पसंद आई, बल्कि उन्हें वह अलग भी लगी। शो की शुरुआत में ही मुझे फिल्म में गाने का अवसर भी मिला। मैंने एेसे हर मौके को पूरी गंभीरता से लिया और अपने हर गाने में कुछ अलग करने की कोशिश की जो ऑडियंस को काफी पसंद भी आई। मैं दूसरी किसी भी बात से ज्यादा ध्यान अपने काम पर देती हूं। हर नए मौके को एक चुनौती की तरह लेती हूं जैसे कि एक जज के तौर पर नई पारी में शामिल होना इतना आसान नहीं है, लेकिन मैं कोशिश करती हूं कि इसे पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ निभा सकूं। मैंने सीखा है कि मेहनत रंग जरूर लाती है। अब मैं अपने सपने को जी रही हूं, इससे बड़ी खुशी मेरे लिए क्या हो सकती है?

आगे बढ़ने का प्रयास अब भी जारी है
अपने जीवन में संघर्षों का सामना करते हुए सफलता के मुकाम तक पहुंचने के अपने सफर से मैंने यही सीखा है कि सफलता भी दरअसल वहीं रुक जाती है जहां हम रुक जाते हैं। मुम्बई आने के कुछ साल पहले तो मुझे यह कॉन्फिडेंस जुटाने में ही लग गए कि मैं अच्छा गाती हूं, इसलिए अब जब मेरी एक पहचान बनी है, तो मैं मेहनत से इसे एक स्तर पर बनाए रखना चाहती हूं। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए मुझे मोटिवेशन अपने काम से ही मिलता है, क्योंकि यह मेरी पसंद का ही काम है।

Next News

आत्मविश्वास से भर देता है अभ्यास - हरमनप्रीत कौर

फिटरहने से अच्छी होती है परफॉर्मेंस

लाइफ अलग-अलग स्टेज पर रिहर्सल करवाती है - मनीष पॉल

एक्टर-कॉमेडियन मनीष मानते हैं कि परफॉर्म करने से पहले का डर उन्हें बेस्ट परफॉर्मेंस देने को प्रेरित करता है।

Array ( )