CBSE: टूटा रिकॉर्ड, 14 साल में पहली बार 500 में से 499, 34 स्टूडेंट्स के 99%

जिस इकोनॉमिक्स की दोबारा परीक्षा हुई, उसका रिजल्ट 5 साल का बेस्ट, 1659 स्टूडेंट्स के 100% मार्क्स

एजुकेशन डेस्क,नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने शनिवार को 12वीं के नतीजे घोषित किए। नोएडा की मेघना अव्वल आईं। सबसे चौंकाने वाला रहा इकोनॉमिक्स का रिजल्ट। पेपर लीक के कारण दोबारा परीक्षा हुई थी। 
यह 5 साल में सबसे अधिक है। इस साल 83% स्टूडेंट्स पास हुए। जिसमें 88% लड़कियां और 79% लड़के हैं।


12 हजार स्टूडेंट्स के 95%
इस साल 12 हजार से ज्यादा बच्चों ने 95% से अधिक अंक हासिल किए हैं। इकोनॉमिक्स में आशंकाओं के उलट अच्छा रिजल्ट रहा। इस साल 99% लाने वालों की संख्या 34 है। पिछले साल सिर्फ 7 थी। टॉप-3 में शामिल 9 छात्रों को भूगोल, मनोविज्ञान, इतिहास और इकोनॉमिक्स में 100% अंक मिले हैं। लड़कियां छठे साल भी अव्वल रहीं। लड़कों से 9.32% अधिक पास हुई हैं। हालांकि लड़कों का पासिंग पर्सेंट बढ़ा है। टॉप-3 के 9 स्टूडेंट्स में साइंस से सिर्फ एक है। यह चौंकाने वाला है। लेकिन नया ट्रेंड भी दिखा कि मैथ्स, इकोनॉमिक्स, अकाउंट्स, केमिस्ट्री और साइकोलॉजी जैसे विषयों में भी बच्चों ने 100% मार्क्स हासिल किए हैं। 

4 बड़े सवाल : टॉप-3 के 9 स्टूडेंट्स में साइंस का सिर्फ एक, क्योंकि वे जेईई जैसे एग्जाम की तैयारी में 

1. साइंस स्ट्रीम का रिजल्ट खराब क्यों? 
साइंस के छात्र टॉप-3 में नहीं हैं। इसका मतलब ये नहीं है की उनका रिजल्ट खराब रहा। वे ज्यादातर कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स की तैयारी करते हैं। 12वीं टॉपर नहीं हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता। जरूरी है कि वह जेईई मेन और एडवांस्ड क्रैक कर सकें। दिल्ली पासिंग पर्सेंटेज के अनुसार तीसरे नंबर पर है। 

2. पासिंग पर्सेंटेज इस साल भी बढ़ा है, क्यों? 
इस बार का रिजल्ट बेहतरीन है। 12 हजार से ज्यादा बच्चों ने 95% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। बीते 6 साल में हर साल पासिंग पर्सेंटेज बढ़ा है। लड़के हों या लड़कियां, सब अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। दिव्यांग बच्चे भी बेहतरीन मार्क्स ला रहे हैं। इस साल 90% और इससे ज्यादा मार्क्स लाने वाले 141 छात्र दिव्यांग हैं। वहीं 25 छात्र 95% से ज्यादा मार्क्स लाए हैं।

3. आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज में 100% क्यों? 
आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज जैसे विषयों में 100% नंबर आ रहे हैं। दो साल से टॉपर भी इसी स्ट्रीम से है। इससे साफ है कि साइंस, मैथ्स के अलावा अन्य विषयों में भी अब अच्छे बच्चे आ रहे हैं। नीति में बदलाव का भी फायदा मिला है। सीबीएसई भी दूसरे विषयों को प्रोत्साहित कर रहा है। मैथ्स, साइंस के बच्चे आईआईटी, मेडिकल की तैयारी पर ज्यादा ध्यान देते हैं। उनका ध्यान विदेशी कॉलेजों में एडमिशन पर भी अधिक रहता है। 

4. हर साल ऊंचा होता कटऑफ 
99% और 100% नंबर आना अच्छा है। इसकी वजह है सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन में मिली छूट। मूल्यांकन के दृष्टिकोण में बदलाव के भी अच्छे नतीजे मिले हैं। पर सीबीएसई और राज्य बोर्ड के नंबरों में अंतर कायम है। इससे कॉलेजों में एडमिशन में राज्य बोर्ड के छात्रों को दिक्कत आती है। सिलेबस में समानता जरूरी है। 


14 साल में पहली बार 500 में 499 नंबर 
न ट्यूशन ली, न कोचिंग की, पर पढ़ाई के घंटे भी नहीं गिने... 
पढ़ाई करते कभी घंटे नहीं गिने। सालभर एक जैसी पढ़ाई की। स्टडी टेबल के सामने बोर्ड लगाया था। उस पर रोज टारगेट लिखती और उसे पूरा करने तक पढ़ती। -मेघना 

यह है मेघना की मार्कशीट 
- इंग्लिश कोर 99 
- हिस्ट्री 100 
- जियोग्राफी 100 
- साइकोलॉजी 100 
- इकोनॉमिक्स 100 

पिछले साल से 1% ज्यादा 
- 1.84 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, 9.19 लाख पास हुए, 2.65 लाख फेल 
- 95% से ज्यादा नंबर 12 हजार 737 स्टूडेंट्स को (2017 से 0.25% ज्यादा )
- 90% से ज्यादा नंबर 72 हजार 599 स्टूडेंट्स को (2017 से 0.36% ज्यादा )
- टॉप-3 रीजन: त्रिवेंद्रम 97.32%, चेन्नई 93.87%, दिल्ली 89% रिजल्ट 
- पहली बार: टॉप-3 में 9 स्टूडेंट्स , इनमें 7 लड़कियां, 8 स्टूडेंट्स आर्ट्स से। 

इस साल के भोपाल के टॉपर
1. नाम- शब्दिता तिवारी 
प्रतिशत- 98.6% 
स्कूल- डीपीएस 

2. नाम- आयुध सक्सेना 
प्रतिशत- 98% 
स्कूल- डीपीएस 

3. नाम- इशिता जैन 
प्रतिशत- 97.4% 
स्कूल- कार्मल कॉन्वेंट 

कब हुए थे एग्जाम?

- 12वीं के एग्जाम 5 मार्च से 13 अप्रैल तक हुए थे, जिसमें 11,86,306 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

- इस साल देश में 4,138 और अन्य देशों में 71 सेंटर बनाए गए थे।

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टॉप-3 पोजिशन पर 9 स्टूडेंट्स, जिसमें से 7 लड़कियां

- सीबीएसई 12वीं में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मार ली है। टॉप-3 पोजिशन पर 9 स्टूडेंट्स हैं, जिनमें से 7 लड़कियां हैं। टॉप-2 पोजिशन पर गाजियाबाद की मेघना श्रीवास्तव ने 500 में से 499 नंबर (99.8%) और अनुष्का चंद्रा 498 नंबर (99.6%) प्राप्त किए।

- टॉपर मेघना श्रीवास्तव गाजियाबाद सेक्टर 132 स्थित स्कूल स्टेप बाई स्टेप की छात्रा हैं जबकि अनुष्का चंद्रा एसएजे स्कूल सेक्टर 14 सी की छात्रा हैं।

- दिव्यांग श्रेणी में तीसरे स्थान पर डीपीएस आरके पुरम की लावण्या झा ने अपना नाम दर्ज कराया है।

- तीसरी रैंक पर सात विद्यार्थी रहे हैं। इन सभी के 497-497 अंक हैं।

- 72,599 उम्मीदवारों के 90 प्रतिशत या उससे ऊपर अंक आए हैं। 12,737 विद्यार्थियों के 95 प्रतिशत या उससे ऊपर अंक हैं।

 

 

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