CBSE-ICSE का परफॉर्मेंस स्टेट बोर्ड से बेहतर: एनसीईआरटी सर्वे

एनसीईआरटी ने देशभर के स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्रों पर किया सर्वे

एजुकेशन डेस्क। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से पढ़ने वालों स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस बेहतर एनसीईआरटी द्वारा देशभर के स्कूलों पर किए गए नेशनल एचीवमेंट सर्वे के अनुसार सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के परफॉर्समें में कुछ हद तक कमी आई है, लेकिन ये अब भी राज्य बोर्ड से कहीं आगे हैं। सीबीएसई स्कूलों के छात्रों जहां लगभग सभी विषयों में औसतन 50 फीसदी से ज्यादा स्कोर मिला, वहीं शीर्ष राज्य बोर्ड के छात्रों को औसतन 40 से 45 फीसदी स्कोर ही मिला है, जो एक बड़ा अंतर दिखाता है। 


एनसीईआरटी ने देशभर के स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्रों पर किया सर्वे
- हाल ही में स्कूलों पर किए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि राज्य बोर्ड के संबद्ध स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्रों की अपेक्षा सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से पढ़ने वाले छात्र बेहतर परफॉर्म करते हैं। - हालांकि भले ही सीबीएसई स्कूलों के छात्रों का परफॉर्मेंस राज्यों की अपेक्षा बेहतर रहा है, लेकिन 2015 की तुलना में सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के परफॉर्मेंस में कमी देखने को मिली है।
- यह सर्वे नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) द्वारा देशभर के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के दसवीं के छात्रों पर किया गया था। इस सर्वे में 610 जिलों के 44 हजार 514 स्कूलों में पढ़ने वाले 15 लाख से ज्यादा छात्रों को
शामिल किया गया था।
-  फरवरी में किए गए इस सर्वे का उद्देश्य दो राष्ट्रीय स्तर के बोर्ड की अपेक्षा अन्य राज्य के बोर्ड की शिक्षा के बीच के फर्क का पता लगाना था। 

राष्ट्रीय बोर्ड के छात्रों की इंग्लिश अच्छी
- सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों ने इंग्लिश में सबसे ज्यादा स्कोर प्राप्त किया। सीबीएसई से पढ़ने वाले छात्रों को इंग्लिश में औसतन 62.28 फीसदी, तो आईसीएसई बोर्ड के छात्रों को 70 फीसदी से ज्यादा अंक मिले। 
- इसके अलावा इन दोनों बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने वाले दसवीं कक्षा के छात्रों को अन्य विषयों जैसे मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस में औसतन 50 से 60 फीसदी तक अंक मिले हैं। 

राज्यों में दिल्ली शीर्ष पर
- राज्य बोर्ड की बात की जाए तो दिल्ली बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का परफॉर्मेंस अन्य राज्य बोर्ड के छात्रों की अपेक्षा बेहतर है। 
- इसमें मैथ्स, साइंस, सोशल साइंस, इंग्लिश और मॉर्डन इंडियन लैंग्वेजेस में दिल्ली बोर्ड के छात्रों को औसतन 45.65 फीसदी स्कोर मिला है, जो किसी अन्य राज्य की अपेक्षा ज्यादा है।
-  दिल्ली के बाद बेहतर परफॉर्म करने वाले राज्यों में आंध्रप्रदेश, गोआ, कर्नाटक और राजस्थान बोर्ड से संबंद्ध स्कूलों के छात्र शामिल हैं।  


इंग्लिश के मामले में बिहार सबसे पीछे
- सर्वे के अनुसार राज्य बोर्ड में बिहार, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से पढ़ने वाले छात्रों का इंग्लिश का स्तर सबसे खराब है।
-  इन राज्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को इंग्लिश में क्रमश: 28.95 फीसदी, 29.65 फीसदी और 30.17 फीसदी स्कोर मिला है।
-  हालांकि यह पहली बार नहीं जब इन राज्यों में इंग्लिश का स्तर खराब सामने आया हो। इससे पहले भी विभिन्न सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है।
- ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों पर किए गए सर्वे ‘असर’ में यही बात देखने को मिली थी वहीं दूसरी तरफ मैथ्स और साइंस विषयों में मेघालय और सिक्किम बोर्ड के छात्रों को सबसे कम स्कोर मिला है। 

राज्यों में मैथ्स के मामले में आंध्रप्रदेश अागे
- दिल्ली राज्य बोर्ड में औसतन आगे है, लेकिन मैथ्स विषय के मामले में आंध्रपदेश बोर्ड के छात्रों ने सबसे बेहतर परफॉर्मकिया।
- आंध्रप्रदेश बोर्ड के छात्रों ने मैथ्स में औसतन 41.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं। हालांकि ये सीबीएसई की अपेक्षा कहीं कम है।
- सीबीएसई बोर्ड के छात्रों को मैथ्स में आसैतन 53 फीसदी से ज्यादा अंक मिले हैं। इस लिहाज से देखा जाए, तो सबसे बेहतर परफॉर्म करने वाले राज्य बोर्ड
भी राष्ट्रीय स्तर के बोर्ड से कहीं पीछे हैं। 


 

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