CBSE: सैंपल पेपर से मिली सक्सेस, टॉपर्स डोनेट करेंगे नोट्स और बुक्स

90 से ज्यादा परसेंट हासिल करने वाले शहर के 50 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने लिया डिसीजन- लाइब्रेरी को डोनेट करेंगे नोट्स, इस साल 12वीं पढ़ने वालों को टॉपर्स के नोट्स से मिलेगी गाइडेंस

एजुकेशन डेस्क, रायपुर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने शनिवार को बारहवीं के रिजल्ट जारी कर दिए। शहर के स्कूलों का रिजल्ट लगभग 90% रहा। डीपीएस स्कूल की मैथ्स और कॉमर्स स्ट्रीम की हनी अग्रवाल ने 97% हासिल किए। सिटी को टॉपर्स में डिसीजन लिया की जूनीयर स्टूडेंट्स की हेल्प करने के लिए सभी टॉपर्स अपने नोट्स और बुक्स लाईब्रेरी में डोनेट करेंगे।

लगभग 25 स्टूडेंट्स को मिलें 95% मार्क्स
- ज्ञानगंगा स्कूल के राम शर्मा को 96.4, पारुल वर्मा को 96.2, शुभम मंडल को 96 परसेंट और स्वामी विवेकानंद स्कूल के अपूर्व सक्सेना को 95.8 परसेंट मिले।
- इनके अलावा होली हार्ट्स, मदर्स प्राइड, एनएच गोयल स्कूल सहित शहर के सभी सीबीएसई स्कूलों के 150 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 90 प्लस परसेंट हासिल किए हैं।
- लगभग 25 स्टूडेंट्स ऐसे रहे, जिन्हें 95 प्लस परसेंट मिले। 


दूसरें  स्टूडेंट्स की मदद के लिए डोनेट करेंगे बुक्स और नोट्स
- 90+ परसेंट वाले टॉपर्स और उनके पैरेंट्स ने डिसीजन लिया कि जूनियर स्टूडेंट्स की मदद के लिए वे अपने नोट्स और बुक्स भास्कर कैंपस में डोनेट करेंगे।
- इसका मकसद सत्र 2018- 19 में 12वीं की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को गाइड करना है। 
- सिटी टॉपर्स ने बताया कि एग्जाम टाइम में प्रेशर में पढ़ने के बजाय अपनी हॉबीज को बराबर टाइम देकर पढ़ाई की। बेहतर पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन और इंटरनेट का भी इस्तेमाल किया। 


सिटी टॉपर्स बोले- स्ट्रेस फ्री रहने हॉबीज पूरी करते हुए की पढ़ाई 

स्ट्रेस फ्री रहने सुनती थी म्यूजिक सॉल्व किए 10 सालों के पेपर - हनी

- पढ़ाई के वक्त आमतौर पर बच्चे एकांत में पढ़ना पसंद करते हैं, लेकिन 97 परसेंट हासिल करने वाली हनी अग्रवाल ने दूसरा तरीका अपनाया।
- स्ट्रेस फ्री रहने हनी रोज म्यूजिक सुनते हुए मैथ्स सॉल्व करती थीं। उन्होंने बताया कि पिछले 10 सालों के 60 से ज्यादा क्वेश्चन सॉल्व करने की स्ट्रेटजी की वजह से सक्सेस मिली।
- क्लास में टीचर जो भी पढ़ाते, नोट्स बनाकर मैं रोज रिवाइज करती। एग्जाम से पहले ही कोर्स कंपलीट कर लिया था, लिहाजा एग्जाम टाइम में सिर्फ रिवीजन पर फोकस किया।
- स्मार्टफोन और इंटरनेट की मदद से भी पढ़ाई की। अब सीए बनना चाहती हूं। मम्मी अनिता होममेकर और पिता सुभाष अग्रवाल बिजनेसमैन हैं। 

एग्जाम टाइम में भी खेला क्रिकेट जब मन किया तब की पढ़ाई - राम शर्मा

- राम शर्मा ने बताया, अच्छे मार्क्स के लिए फैमिली की ओर से भी कोई प्रेशर नहीं था। लिहाजा, जब मन किया तभी पढ़ाई की। शौक को भी पूरा समय दिया।
- एग्जाम टाइम में स्ट्रेस फ्री रहने क्रिकेट खेलता था। स्कूल में टीचर जो पढ़ाते, घर आकर वो रिवाइज करता था।
- सैंपल पेपर और पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर भी सॉल्व किए। पुराने पेपर सॉल्व करने से टाइम मैनेजमेंट में मदद मिली। ये भी समझ आया कि पेपर में किस तरह के क्वेश्चन पूछे जाते हैं।
- आगे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता हूं। जेईई मेंस क्वालिफाई कर चुका हूं। जेईई एडवांस के रिजल्ट का वेट कर रहा हूं। पिता राजेन्द्र शर्मा पेशे से इंजीनियर और मम्मी रेखा शर्मा हाउसवाइफ हैं। 


97 % स्टूडेंट बोले, मार्क्स के लिए नहीं था प्रेशर, 70 % ने कहा स्मार्टफोन से मिली मदद 

12वीं में 90 प्लस परसेंट लाने वाले 50 स्टूडेंट्स पर भास्कर ने किया लाइव सर्वे 

-  90 से ज्यादा परसेंट हासिल करने वाले 50 से ज्यादा स्टूडेंट्स को भास्कर ऑफिस इन्वाइट कर लाइव सर्वे किया। सभी से तीन सवाल पूछे गए। सर्वे में 70 फीसदी स्टूडेंट्स ने माना कि स्मार्टफोन से पढ़ाई में मदद मिली। वहीं, महज 30 परसेंट ने ये माना कि इससे पढ़ाई में डिस्टर्बेंस होता है। 97.30 परसेंट के अनुसार उन पर अच्छे मार्क्स के लिए पैरेंट्स ने जरा भी प्रेशर नहीं डाला। 

हमारे सवालों पर बच्चों के जवाब... 

1. स्टडी के दौरान स्मार्टफोन और इंटरनेट से मदद मिली या डिस्टर्ब हुए ? 
मदद मिली 70.27% 
डिस्टर्ब हुए 29.73% 

2. 12वीं के बाद किस फील्ड में करियर बनाना चाहेंगे ? 
अ. इंजीनियर, डॉक्टर, सीए या आईएएस ऑफिसर बनना चाहते हैं 64.86% 
ब. ट्रेडिशनल जॉब के बजाय कुछ क्रिएटिव बिजनेस या डिफरेंट जॉब करना चाहते हैं 35.14% 

3. अच्छे मार्क्स हासिल करने के लिए फैमिली की ओर से प्रेशर था या नहीं ? 
हां 2.70% 
नहीं 97.30% 

सीबीएसई 2018 का रिजल्ट चेक करने के लिए यहां क्लिक करें


 

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