सीबीएसई 2019 / स्केच बनाकर याद की हिस्ट्री और नॉवल्स पढ़कर मजबूत की इंग्लिश

सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा में भोपाल से 9,677 बच्चे शामिल हुए थे

एजुकेशन डेस्क। सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा में भोपाल से 9,677 बच्चे शामिल हुए थे। शहर में पहले स्थान पर 99.2% अंकों के साथ मिठी गोविंदराम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मृत्युंजय मेनारिया और सागर पब्लिक स्कूल के शौर्य श्रीवास्तव रहे। 99% अंकों के साथ दूसरे स्थान पर कार्मल कॉन्वेंट की आरुषि राहुल अग्रवाल और 98.8% के साथ कार्मल कॉन्वेंट स्कूल की ही नंदना नायर ने तीसरा स्थान हासिल किया। चौथे स्थान पर 98.6% के साथ सेंट जोसफ को-एड स्कूल गेहूंखेड़ा के कार्तिक श्रीवास्तव, सेंट जोसफ कॉन्वेंट की आकांक्षा सहगल, आईपीएस के ओजस्वी नगाइच रहे। पांचवें स्थान पर 98.4% के साथ कैम्पियन स्कूल के शाश्वत झा, कार्मल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मनस्वी तिवारी, जवाहर नवोदय स्कूल की हिमांशी बारस्कर रहीं। छठे स्थान पर 98.2% के साथ जवाहर नवोदय स्कूल के अप्रमेय त्रिपाठी, कार्मल कॉन्वेंट की पंखुड़ी गर्ग और अनुष्का गुप्ता रहीं। 7वें स्थान पर डीपीएस की लावण्या पंड्या ने 98% अंक हासिल किए। आठवें स्थान पर 97.8% के साथ कार्मल कॉन्वेंट सी.से. की सोनिया मारिया, आर्मी पब्लिक स्कूल की सौम्या मिश्रा, डीपीएस के नव्या अग्रवाल, संघमित्रा तोमर, आदित्य गुप्ता, सौम्या पंड्या और खुशी जैन व सागर पब्लिक स्कूल की तान्या पिपरसेनिया रहीं। नवें स्थान पर 97.6% लेकर केवी-1 के आयुष पुलिया, कार्मल कॉन्वेंट सी.से. की प्रतिभा पटेल, कैम्पियन के प्रथम कैलासिया, नवनिधि हस्सोमल लखानी की मीरा ‌वाधवानी रहीं। 10वें पर 97.4% के साथ डीपीएस की अनुष्का मारन व वंश उप्पल, जवाहर नवोदय के समर मीणा, कार्मल कॉन्वेंट सीसे की समृद्धि त्रिपाठी और शारदा विद्या मंदिर के अभिनव चौबे व अर्जव बारया रहे। 

99.2% सुखद संयोग- पहले तीन स्थानों पर Mrityunjay Menaria, Shaurya Srivastav, Arushi Agarwal और Nandana Nair हैं... इनके नामों पर गौर करें तो सभी के नाम और उपनाम के अक्षर एक ही हैं।

मृत्युंजय मेनारिया: बोर्ड पर जैसे टीचर पढ़ाते हैं... वैसे पढ़ता था

- मैंने अपनी कॉपी ऐसे लिखने की आदत डाली, कि कोई बिगनर भी कॉपी जांचे तो उसको सब समझ में आ जाए। आंसर को पैरा में लिखने के बजाय प्वाइंट- वाइज लिखा। बोर्ड की मार्किंग स्कीम को भी पढ़ा, ताकि उनको कॉपी में क्या- क्या स्टेप्स चाहिए यह समझ सकूं। मैं टेबल पर बैठकर कभी नहीं पढ़ता, बोर्ड पर जैसे टीचर पढ़ाते हैं, वैसे ही मैं पढ़ाते-पढ़ाते पढ़ता था। मैं घंटो बैठकर या कोई खास स्टडी रूटीन फॉलो नहीं करता। एनसीईआरटी बुक्स में जरूरी लाइन्स मार्क करता था और इनके आधार पर खुद सवाल बनाता था।

हॉबीज : शास्त्रीय संगीत में तबला व ढोलक बजाना, एस्ट्रोलॉजी - बर्थकार्ड पढ़ता हूं, संस्कृत की गीता व रामायण भी पढ़ना पसंद है।

मैथ्स

99

साइंस

100

इंग्लिश

97

संस्कृत

100

सोशल साइंस

100


यहां कटे नंबर 
- मैथ्स :
 पहला ही पेपर था। मैं थोड़ा नर्वस हो गया था, इसी वजह से माइनर कैल्कुलेशन मिस्टेक से एक नंबर कटा। 
- इंग्लिश : क्रिएटिव राइटिंग का हिस्सा था और टीचर को हमेशा ही बेहतर का स्कोप नजर आ ही जाता है। 


99.0% आरुषि अग्रवाल: कराते और कथक से दूर किया स्ट्रेस
- पूरे साल पुराने पेपर हल किए, सिलेबस पूरा होने का इंतजार नहीं किया। चैप्टर से जुड़े सवालों को लिखकर हल करती थी और फिर इन्हें अपने स्कूल टीचर से चेक करवाती थी। मैं ढेर सारी नॉवल्स पढ़ती थी, ताकि अपनी लैंग्वेज और कम्युनिकेशन स्किल्स पर कमांड बढ़ा सकूं।

- हॉबीज : कराते में ब्लैक बेल्ट, कथक में सीनियर डिप्लोमा हासिल किया है। डिबेट में हिस्सा लेती हैं।

मैथ्स

100

साइंस

97

इंग्लिश

100

संस्कृत

100

सोशल साइंस

98


यहां कटे नंबर 
- इंग्लिश, संस्कृत और मैथ्स में 100 में 100 नंबर मिले। साइंस में 3 नंबर कटे, सोशल साइंस में 2 नंबर कटे। इन दोनों में भी मैंने काफी अच्छा किया था, माइनर गल्तियों से नंबर कटे।

99.2% शौर्य श्रीवास्तव: हिंदी के स्लैंग से रोचक बनाया साइंस को मैंने 10वीं की शुरुआत से ही अपने नोट्स तैयार किए, जिसमें टॉपिक को याद करने के लिए उनको कार्टून या स्केच के रूप में तैयार कर लेता था। जैसे इतिहास को याद करने के लिए उसमें जो भी चैप्टर होता था उसे कॉमिक्स की तरह कार्टून स्केच के रूप में तैयार कर लेता था। साइंस को इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए हिंदी के स्लैंग इस्तेमाल करता था। मैं सुबह 7.30 बजे उठता था, कुछ देर टाइमपास के बाद पढ़ने बैठता था। मैं महीने के हिसाब से टार्गेट सेट करता था। 

हॉबीज : थिएटर और कविताएं लिखना। स्कूल में फूड मेकिंग कॉम्पीटिशन में हिस्सा लिया है।

मैथ्स

100

साइंस

100

इंग्लिश

98

हिंदी

99

सोशल साइंस

99

यहां कटे नंबर
- इंग्लिश: लिट्रेचर पार्ट में 2 नंबर कटे।
- हिंदी : राइटिंग बिगड़ी तो एक नंबर कटे।
- सोशल साइंस : खेतों पर बारिश का असर, इसे मैं ठीक से नहीं लिख पाया था।


98.8% नंदना नायर: सोशल साइंस के सवाल खुद बनाकर की तैयारी
- सोशल साइंस में सवाल सीधे नहीं पूछे जाते, एक टॉपिक पूरी किताब में बिखरा होता है। मैं इसके सवाल खुद बनाकर जवाब अपने ढंग से जुटाकर लिखती थी। पेपर के पैटर्न को मैंने अच्छे से एनालाइज किया ताकि स्टेप्स के बीच भी कोई गलती ना हो। पिछले साल के पेपर भी खूब हल किए।

हॉबी - 9वीं क्लास तक मैं स्विमिंग करती थी, लेकिन 10वीं में छोड़ दिया था। अब दोबारा शुरू करने की सोच रही हूं।

मैथ्स

97

साइंस

98

इंग्लिश

99

संस्कृत

100

सोशल साइंस

100

यहां कटे नंबर
- मैथ्स: एक सवाल में मैंने एंगल मेंशन नहीं किया था। कैल्कुलेशन में माइनर गलतियां हो गई थी।
- इंग्लिश : 200 वर्ड लिमिट वाले सवाल को ज्यादा लंबा लिखा था।
साइंस : डाईग्राम में कहीं कोई कमी रह गई होगी। 

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