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सीए vs सीएमए / जानिए दोनों कोर्सेज एक दूसरे से कैसे अलग हैं

10+2 करने के बाद आप कॉमन प्रोफिशियंसी टेस्ट (सीपीटी) दे सकते हैं

एजुकेशन डेस्क। चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) और कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंसी (सीएमए), अकाउंटिंग फील्ड से जुड़े कोर्सेज होने के बावजूद कई मामलों में एक-दूसरे से अलग हैं। जहां सीए को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया गवर्न करता है, वहीं सीएमए की गवर्निंग बॉडी है, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया।

जॉब प्रोफाइल
- एक सीए को अकाउंटिंग, ऑडिटिंग व टैक्सेशन की पूरी जानकारी होती है, साथ ही वे जोखिम का अंदाज लगाकर प्रभावी फाइनेंशियल सिस्टम डिजाइन करते हैं। इनकी प्रोफाइल में इंटरनल ऑडिट, स्टैच्युट्री ऑडिट, डायरेक्ट व इनडायरेक्ट टैक्सेशन, इंवेस्टमेंट डिसिजंस जैसे काम शामिल होते हैं। एक सीएमए को कॉस्ट व फाइनेंशियल मैनेजमेंट की जानकारी से ऑर्गनाइजेशन के व्यय और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन बनाना होता है। ये फंड्स की उपलब्धता से यह देखते हैं कि कोई प्रोजेक्ट व्यावहारिक है या नहीं। इनकी प्राेफाइल में कॉस्ट ऑडिटिंग, फाइनेंशियल प्लानिंग, बिजनेस एप्लिकेशंस, बिजनेस एनालिसिस, स्ट्रैटजिक मैनेजमेंट जैसे काम शामिल होते हैं।

एलिजिबिलिटी
10+2 करने के बाद आप कॉमन प्रोफिशियंसी टेस्ट (सीपीटी) दे सकते हैं। इसके बाद आपको आईपीसीसी के दो ग्रुप्स पास करने होंगे। फिर किसी प्रैक्टिसिंग सीए के निर्देशन में तीन वर्ष की आर्टिकलशिप के बाद आप सीए फाइनल के एग्जाम्स दे पाएंगे। फाउंडेशन लेवल में आपको 10वीं पास होने पर प्रवेश दिया जाता है, वहीं इंटरमीडिएट लेवल के लिए फाउंडेशन कोर्स के साथ 10+2 करने की जरूरत होगी। हालांकि अगर आप ग्रेजुएट हैं (फाइन आर्ट्स के अलावा) तो आप सीधे इंटरमीडिएट लेवल के लिए अप्लाई कर सकते हैं।


कॅरिअर प्रॉस्पेक्ट्स

सीए के पास किसी ऑडिट या कंसल्टेंसी फर्म से जुड़कर प्रैक्टिस करने का विकल्प होता है या फिर वे कोई कंपनी जाॅइन कर उसकी ऑडिटिंग का काम कर सकते हैं। सरकारी व निजी सेक्टर्स के साथ ही बैंकिंग व फाइनेंस सेक्टर, डेवलपमेंटल एजेंसीज, एजुकेशन, ट्रेनिंग व रिसर्च सेक्टर के साथ पब्लिक यूटिलिटी सेक्टर में कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स की डिमांड है। अपनी खास नॉलेज व ट्रेनिंग की बदौलत ये पब्लिक व प्राइवेट सेक्टर एंटरप्राइजेज में प्रमोट होकर टाॅप मैनेजमेंट पोजीशंस संभाल सकते हैं।

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