कॅरिअर काउंसलर बनकर कर सकते हैं दूसरों को सही प्रोफेशन चुनने में मदद

बेहतर मार्गदर्शन के मिलने के साथ ही स्टूडेंट्स सक्रिय रूप से कॅरिअर सेक्टर्समें रुचि ले रहे हैं

एजुकेशन डेस्क। आज के दौर में स्टूडेंट्स के बीच सबसे बड़ी उलझन यह है कि वे कॅरिअर के लिए किस क्षेत्र का चुनाव करें। इस बीच यही उलझन कुछ एस्पिरेंट्स के लिए उन्हें खुद को स्थापित करने का अवसर प्रदान करती है और वे अपने आपको एक कॅरिअर काउंसलर के रूप में मार्केट में लॉन्च कर सकते हैं। हालांकि भारत में कॅरिअर काउंसलिंग को एक मुख्यधारा के जॉब के तौर पर नहीं देखा जाता है, फिर भी यह ध्यान देने वाली बात है कि यह क्षेत्र आपको लोगों से जुड़ने और आपकी कम्यूनिकेशन स्किल्स मजबूत बनाने के अवसर प्रदान करता है।

बढ़ रही है स्टूडेंट्स की रुची
कॅरिअर के खासे विकल्प मौजूद होने से स्टूडेंट्स अक्सर उलझन में रहते हैं कि वे किस क्षेत्र का चुनाव करें। अब पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी, डेटा साइंस, बायोस्टैटिस्टिक्स जैसे ऑफबीट व न्यू एज कॅरिअर्सके लिए तैयार कर रहे हैं। चूंकि बेहतर मार्गदर्शन के मिलने के साथ ही स्टूडेंट्स सक्रिय रूप से कॅरिअर सेक्टर्समें रुचि ले रहे हैं, ऐसे में उन्हें स्कूल स्तर पर ही कॅरिअर काउंसलिंग की आवश्यकता पड़ती है। 

इन स्किल्स काहोना आवश्यक
सभी कॅरिअर्सके प्रति आपकी बेहतर समझ और अच्छीकम्यूनिकेशन स्किल्स के साथ ही धैर्यवान होना, भावनाएं समझना, लोगों को काउंसल करना आदि आपको आना चाहिए। विभिन्न बैकग्राउंड्स के लोगों के साथ डील करने में आपको सहज रहना चाहिए। आपकी लिसनिंग स्किल्स भी दमदार होनी जरूरी हैं। आपको अपनी नॉलेज को एडवांस रखना होगा और बदलते ट्रेंड से खुद का जुड़ाव रखना होगा। अपने क्षेत्र का विशेषज्ञ बनने के लिए आप अंतरराष्ट्रीय स्तर का सर्टिफिकेट कोर्सकर सकते हैं।

यहां से कर सकते हैं पढ़ाई
इस क्षेत्र में बहुत-से कॉलेजेज और यूनिवर्सिटीज, कोर्सेज ऑफर करते हैं जिनमें से अधिकतर कोर्सेज डिप्लोमा या पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा स्तर पर उपलब्ध हैं। एनसीईआरटी, नई दिल्ली में गाइडेंस एंड काउंसलिंग में पोस्टग्रेजुएट डिग्री कोर्स उपलब्ध है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया, लॉस एंजेलिस (एक्सटेंशन) और यूनिवैरायटी की ओर से ग्लोबल कॅरिअर काउंसलिंग (ग्रीन बैल्ट सर्टिफिकेशन) पर ऑनलाइन कोर्स ऑफर किया जाता है।

दूसरे देशों से अधिक है हमें इनकी जरूरत
जागरुकता का अभाव, परिवार व साथियों के दखल से बढ़ती उलझन के साथ ही विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या के कारण यह कॅरिअर भारत में सबसे अधिक डिमांड में है। चूंकि भारत में अभी भी स्किल्स के बजाए ग्रेड्स को वैल्यू दी जाती है, इसलिए भी यहां कॅरिअर काउंसलिंग बेहद जरूरी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अमेरिका में जबकि हर स्कूल में इन-हाउस कॅरिअर काउंसलर्स और कॅरिअर कोचेज हैं, वहीं भारत में सिर्फ पांच प्रतिशत स्कूल्स में ही इनकी व्यवस्था है।
 

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