बीयू...7 कोर्स के लिए एक भी आवेदन नहीं, 15 में आए सिर्फ पांच

पहला राउंड -लॉ डिपार्टमेंट में सबसे ज्यादा रुझान, बीए-एलएलबी और एलएलएम की 93 सीटों के लिए 453 आवेदन

एजुकेशन डेस्क। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (बीयू) अभी तक पहले राउंड की ही एडमिशन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। आवेदन नहीं मिलने के कारण एडमिशन प्रक्रिया दो बार बढ़ाई जा चुकी है। सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण लागू होने के बाद पहले राउंड में ही 15 जुलाई तक आवेदन बुलाए गए हैं, लेकिन, बीयू में एडमिशन के लिए छात्र रुझान नहीं दिखा रहे हैं। यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट में संचालित लगभग 52 कोर्सेस में एडमिशन के लिए आवेदन बुलाए गए हैं। इसमें 7 कोर्स ऐसे हैं, जिनमें एक भी आवेदन नहीं मिला है। इसके अलावा 15 ऐसे कोर्स हैं, जिनमें 5 या 5 से कम छात्रों ने ही आवेदन किया है। बीयू में एडमिशन प्रक्रिया 15 मई से शुरू की गई है। बीयू में संचालित 28 डिपार्टमेंट के 52 कोर्सेस की करीब 1382 सीट्स के लिए सिर्फ 1647 आवेदन मिले हैं। खास बात यह है कि इनके आधे 800 आवेदन सिर्फ तीन डिपार्टमेंट में ही आए हैं।

आवेदनों की स्थिति

डिपार्टमेंट हैं यूटीडी में- 28

सीट हैं विवि में कुल- 1328

कोर्स संचालित होते हैं यहां- 52

कुल आवेदन आए पहले राउंड में- 1647

भोपाल में सिर्फ एनएलआईयू और बीयू में ही संचालित होते हैं बीए-एलएलबी कोर्स

छात्रों का सबसे अधिक रुझान लॉ डिपार्टमेंट में रहा है। यहां पर संचालित बीए-एलएलबी (ऑनर्स) कोर्स की 60 सीटों के लिए 298 आवेदन आए हैं। वहीं एलएलएम की 33 सीटों के लिए 155 आवेदन आए हैं। इसमें कुल 453 आवेदन आए हैं। शासकीय इंस्टीट्यूट की बात करें तो भोपाल में नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट के बाद बीयू के लॉ डिपार्टमेंट में ही बीए-एलएलबी कोर्स संचालित किया जाता है। यहां तक की राज्य शासन के स्टेट लॉ कॉलेज में भी बीए-एलएलबी कोर्स संचालित नहीं है। ऐसे में बीयू में सीट की अपेक्षा आवेदन की संख्या अधिक होती है। इसके अलावा योग डिपार्टमेंट में संचालित 6 कोर्सेस के लिए 222 और एप्लाइड एक्वाकल्चर एंड जूलॉजी डिपार्टमेंट के दो कोर्स में 135 आवेदन आए हैं।

हर दो से तीन साल में ट्रेंड बदलता है

ट्रेंड हर दो तीन साल में बदलते रहते हैं। छात्र अपनी पसंद के कोर्स में ही एडमिशन लेते हैं। अभी लॉ कोर्सेस में रोजगार की संभावनाएं अन्य ट्रेडिशन कोर्स की अपेक्षा अधिक हैं, इसलिए इसमें अधिक आवेदन आए हैं। इस बार हर एक डिपार्टमेंट का रिव्यू करेंगे और अगले सत्र से मार्केट की डिमांड के अनुसार कोर्स तैयार करेंगे। शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी।
- प्रो. आरजे राव, कुलपति, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय

एक्सपर्ट व्यू... छात्रों की रुचि के कोर्स नहीं है

बीयू में छात्रों की रुचि के कोर्स संचालित नहीं होते हैं। यह सब पढ़ाई का माहौल नहीं होने का असर है कि छात्र बीयू में एडमिशन लेने से परहेज करते हैं, जबकि छात्र यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना पसंद करते हैं। छात्रों की पसंद और रोजगार से जुड़े कोर्स शुरू करने होंगे तभी उनका रुझान विश्वविद्यालय की और बढ़ेगा। साथ ही शिक्षकों की भर्ती भी करना होगी।
- डॉ. यूसी जैन, रिटायर्ड अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा

 

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