बीएसई 500 कंपनियों के 2017-18 के नतीजों की अध्ययन रिपोर्ट

सलाहकार फर्म इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज की रिपोर्ट

एजुकेशन डेस्क। देश की 75 कंपनियों के पास इतना अतिरिक्त कैश है कि वे लौटाएं तो शेयरधारक 1.10 लाख करोड़ रुपए अमीर हो सकते हैं। यह तथ्य बीएसई 500 सूचकांक में शामिल कंपनियों के डिविडेंड-बायबैक के आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया है। इसके लिए प्रॉक्सी सलाहकार फर्म इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज (आईआईएएस) ने इनके 2017-18 के वित्तीय नतीजों का विश्लेषण किया। प्रॉक्सी सलाहकार फर्म, शेयरहोल्डर मीटिंग में वोट करने के लिए शेयरधारकों को सेवाएं मुहैया कराती है।

नियां बैलेंस शीट में दिखाई नकदी का आधा हिस्सा डिविडेंड या बायबैक के जरिए शेयरधारकों में बांट सकती हैं। फर्म ने 1.10 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा 75 कंपनियों के टैक्स चुकाने के बाद हुए मुनाफे के आधार पर निकाला है। यह बीएसई 500 कंपनियों द्वारा दिए गए 62,100 करोड़ रुपए के डिविडेंड के अतिरिक्त है। आईआईएएस ने पिछले साल इन कंपनियों के पास 34,000 करोड़ रुपए अतिरिक्त कैश होने अनुमान जताया था। ताजा आंकड़ा इससे करीब तीन गुना अधिक है। 

रिपोर्ट के मुताबिक इन 75 कंपनियों का मुनाफा 2017-18 में 8% की रफ्तार से बढ़ा है। जबकि बीएसई 500 कंपनियों के औसत मुनाफे में 1% की गिरावट आई है। 75 कंपनियों का कैश 7% बढ़ा, जबकि बीएसई 500 कंपनियों के कैश में सिर्फ 2% की बढ़ोतरी हुई। 75 कंपनियों ने बीएसई 500 इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन इनमें से 37 कंपनियों के रिटर्न में सालाना आधार गिरावट देखने को मिली। 
 

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