बीएड-एमएड में रजिस्ट्रेशन 3 चरणों में होंगे, 5 जुलाई को आएगी पहली लिस्ट

75% सीटें प्रदेश के छात्रों के लिए रहेगी। जबकि 25% सीटों पर अन्य राज्य के छात्र प्रवेश ले सकेंगे। 

एजुकेशन डेस्क।  बीएड-एमएड और बीपीएड-एमपीएड कोर्स में एडमिशन का पूरा शेड्यूल सोमवार को जारी कर दिया गया है। इस साल रजिस्ट्रेशन 3 चरणों में होंगे। पहला चरण 15 से 23 जून दूसरा चरण 12 से 17 जुलाई और तीसरा चरण 3 से 8 अगस्त को होगा। स्टूडेंट्स बीएड, एमएड जैसे कोर्सो में एडमिशन लेना चाहते है वे एमपी ऑनलाइन के जरिए 15 जून से रजिस्ट्रेशन करा सकते है। पहले रजिस्ट्रेशन की लिस्ट 5 जुलाई को जारी होगी। पहले चरण में जिन स्टूडेंट्स को कॉलेज अलॉट हुए है उन्हें फीस और डाक्यूमेंट्स 5 से 10 जुलाई तक जमा करना होगा।
   

12 से 17 जुलाई तक दोबारा होंगे रजिस्ट्रेशन 
- 12 से 17 जुलाई तक दोबारा रजिस्ट्रेशन की लिंक खुलेगी। इसमें वे छात्र रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे, जो पहले किसी वजह से नहीं करवा पाए थे। 
- यही नहीं पहली सूची में जिनका नाम नहीं आया या फिर पसंद का कॉलेज अलॉट नहीं हुआ, ऐसे छात्र दोबारा च्वॉइस फिलिंग कर सकेंगे। 
- 12 से 18 जुलाई तक दस्तावेज सत्यापन होगा। 27 जुलाई को दूसरे चरण की सूची जारी होगी। 1 अगस्त तक फीस व दस्तावेज जमा होंगे। 

तीसरा चरण भी होगा इस बार 
- बीएड में प्रवेश के लिए इस बार तीसरा चरण भी होगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 3 से 8 अगस्त तक होंगे, जबकि दस्तावेज सत्यापन 3 से 9 अगस्त तक होगा। बीएड कोर्स की प्रक्रिया में प्रवेश परीक्षा की अनिवार्यता खत्म करने की मांग उठाने वाले कॉलेज संचालक अभय पांडे का कहना है अब छात्रों को बिना परेशानी के एडमिशन मिलेंगे। मेरिट आधार पर उन्हें पसंद का कॉलेज अलॉट होगा। कॉलेज एसोसिएशन के कमल हिरानी के अनुसार इंदौर की 6400 सीटों के लिए कम से कम 15 हजार आवेदन आने की संभावना है, लेकिन पिछली बार फिर भी सीटें खाली रह गई थी। इस बार तीन काउंसलिंग होने का फायदा मिलेगा। 

25 फीसदी सीटें प्रदेश सेे बाहर के छात्रों के लिए 
- छात्र को ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में कुल 50% न्यूनतम अंक अनिवार्य है। हालांकि एससी-एसटी छात्रों को इसके 5% तक छूट रहेगी। 75% सीटें प्रदेश के छात्रों के लिए रहेगी। जबकि 25% सीटों पर अन्य राज्य के छात्र प्रवेश ले सकेंगे। 


माशिमं को संबद्धता देने के अंतरिम आदेश, कट ऑफ की तारीख 15 जून तक बढ़ाई 
- सुप्रीम कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को आदेश जारी किए हैं कि वह प्रदेश के डीएड कॉलेज को संबद्धता देने के लिए कट ऑफ की तारीख 15 जून तक बढ़ाए और संबद्धता प्रदान करे।
- माशिमं द्वारा कट ऑफ की तारीख बीतने के बाद कुछ कॉलेज को संबद्धता दी गई थी, जबकि 13 कॉलेज को इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ कॉलेज संचालक हाई कोर्ट गए थे।
- हाई कोर्ट ने माशिमं की कार्रवाई को सही बताकर कॉलेज संचालकों की अर्जी खारिज कर दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लगाई गई थी। 


प्रदेश के डीएड कॉलेज को सुप्रीम कोर्ट से राहत 
- सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आदर्श कुमार गोयल, जस्टिस अशोक भूषण की खंडपीठ ने माशिमं के आदेश पर रोक लगाते हुए संबद्धता प्रदान करने के अंतरिम आदेश जारी किए। 
- कॉलेज संचालकों की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता ने पैरवी की थी। माशिमं ने कट ऑफ की तारीख 10 मार्च निर्धारित की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 23 मई को माशिमं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 
- माशिमं ने सुप्रीम कोर्ट में अपने फैसले को सही बताया। अंतिम तारीख के बाद जिन्होंने आवेदन किए, उन्हें मान्य नहीं किया जा सकता।
-  इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कई कॉलेज को मान्यता मिली है। केवल हमारे साथ ही मनमाना व्यवहार किया है। 

कॉलेज के साथ छात्रों को भी मिलेगी राहत 
- इस फैसले से कॉलेज के साथ-साथ छात्रों को भी राहत मिलेगी। 13 कॉलेज को संबद्धता नहीं मिलती तो छात्रों को मिलने वाली डिग्री के कोई मायने नहीं रह जाते। 
- कारण यह कि जहां भी डिग्री के साथ नौकरी के लिए आवेदन करते तो यह देखा जाता है कि उस कॉलेज को माशिमं से संबद्धता है या नहीं। 
 

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