कॉमर्शियल पायलट बनकर पहुंच सकते हैं नई ऊंचाइयों पर

कॅरिअर का यह ऑप्शन अपनाना चाहते हैं तो बारहवीं में मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री पढ़ने होंगे।

एजुकेशन डेस्क। भारत में एविएशन इंडस्ट्री 18.5 प्रतिशत की अप्रत्याशित दर से बढ़ रही है, साथ ही आगामी 15 से 20 वर्षों में सरकार भी 200 नए एयरपोर्ट तैयार करने की योजना बना रही है। इसका सीधा-सा मतलब है कि इस क्षेत्र में रोजगार के अभी बहुत-से विकल्पों की संभावनाएं बाकी हैं। इस क्षेत्र के सबसे अधिक पे-रोल वाले जॉब्स में कॉमर्शियल पायलट भी शामिल है। यह एक आकर्षक कॅरिअर होने के साथ ही प्रॉमिसिंग ऑप्शन भी है।

एक लाइसेंसशुदा कॉमर्शियल पायलट को एयरक्राफ्ट उड़ाने के लिए भुगतान किया जाता है। हालांकि जरूरी नहीं  कि एक कॉमर्शियल पायलट, एयरलाइन पायलट के रूप में ही काम करे, बल्कि वे कार्गो पायलट, टूर पायलट या बैककंट्री पायलट की भूमिकाएं भी निभा सकते हैं। इसके साथ ही फ्लाइट इंस्ट्रक्टर्स, फेरी या ग्लाइडर टो पायलट जैसे रोल्स भी इनके लिए ही उपलब्ध होते हैं।

कैसे बन सकते हैं पायलट
- कॉमर्शियल पायलट किसी एयरलाइन के लिए विशेष एयरक्राफ्ट उड़ाने की योग्यता रखते हैं। इसके लिए लाइसेंस की आवश्यकता पड़ती है। भारत में डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए), नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत नागरिक उड्डयन के लिए सरकारी रेगुलेटरी बॉडी है, जो यह लाइसेंस जारी करती है। एविएशन क्षेत्र को कॅरिअर के रूप में अपनाने के लिए आपके पास बारहवीं क्लास में फिजिक्स, मैथ्स और केमिस्ट्री के साथ साइंस स्ट्रीम होनी आवश्यक है। स्टूडेंट पायलट लाइसेंस के लिए कैंडिडेट्स की उम्र कम से कम 16 साल होनी जरूरी है, वहीं प्राइवेट पायलट लाइसेंस के लिए यह कम से कम 17 साल है। कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस 18 वर्ष से कम उम्र के कैंडिडेट्स को नहीं दिया जा सकता।

दो स्टेप में पूरी होती है प्रक्रिया

स्टेप 1
- सबसे पहले आपको किसी फ्लाइंग स्कूल से एविएशन में बीएससी करनी होगी। इस कोर्स में एडमिशन के लिए आपको इस प्रक्रिया से गुजरना होगा- 

लिखित परीक्षा : 10+2 स्टडी मटीरियल पर आधारित इस परीक्षा में इंग्लिश, मैथ्स, फिजिक्स और रीजनिंग शामिल किए जाते हैं।

पायलट एप्टीट्यूड टेस्ट :
- यह टेस्ट एयर रेगुलेशन, एयर नेविगेशन, एविएशन, मीटियरोलॉजी, एयरक्राफ्ट और इंजन नॉलेज जैसे विषयोंपर आपकी पकड़कितनी है, यह जांचने के लिए लिया जाता है।

पर्सनल इंटरव्यू और डीजीसीए मेडिकल एग्जाम :
लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को मेडिकल एग्जाम प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसका आयोजन डीजीसीए की ओर से किया जाता है।

स्टेप 2
स्टूडेंट पायलट लाइसेंस प्राप्त करना :
यह लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम और ओरल टेस्ट देने पड़ते हैं। ये एग्जाम्स एविएशन स्कूल के चीफ इंस्ट्रक्टर या डीजीसीए के प्रतिनिधि की ओर से आयोजित किए जाते हैं। यह लाइसेंस प्राप्त करने के बाद आप फ्लाइंग ट्रेंनिंग का हिस्सा बन सकते हैं, साथ ही यह लाइसेंस आपको ग्लाइडर्सपर फ्लाइट टेक ऑफ करने या फ्लाइंग क्लब्स से मान्यता प्राप्त छोटे प्लेन्स उड़ाने की योग्यता प्रदान करता है। कैंडिडेट्स ध्यान रखें कि कोर्स कम्प्लीट करने के साथ ही एक कॉमर्शियल पायलट के लिए कम से कम 250 घंटे की फ्लाइट भी कम्प्लीट हो जाना जरूरी है, क्योंकि इतनी उड़ान पूरी करने के बाद ही आप कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते है।

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