AIIMS: फिजिक्स ने किया परेशान, केमेस्ट्री-बायोलॉजी रही स्कोरिंग

इस साल एमबीबीएस की 807 सीटों के लिए 2 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स नें एग्जाम दिया जिसके लिए देशभर में 171 सेंटर्स बनाए गए थे।

एजुकेशन डेस्क, भोपाल। दो दिनों तक 4 स्लॉट्स में आयोजित हुए एम्स के एंट्रेस एग्जाम में इस बार फिजिक्स ने स्टूडेंट्स को खासा परेशान किया। 200 अंकों के पेपर में स्टूडेंट्स को 200 सवाल हल करने थे, जिसमें फिजिक्स का पोर्शन खासा लेंदी और टाइम टेकिंग रहा, जिसके कारण वे स्टूडेंट्स काफी निराश हुए, जिन्होंने फिजिक्स को पेपर की शुरुआत में हल करने का निर्णय लिया था। 

पेपर रहा लेंदी

मेडिकल प्रिपरेशन एक्सपर्ट शीनू जॉन ने बताया कि 200 अंकों के पेपर में 200 सवाल पूछे गए। 0.33 मार्क्स की निगेटिव मार्किंग भी थी। जिसके कारण स्टूडेंट्स को काफी सतर्कता के साथ सवाल हल करने थे। फिजिक्स का पोर्शन टफ रहा। स्टूडेंट्स ने फील किया कि फिजिक्स के सवाल लॉजिकल और ट्रिकी थे, जिनके कारण इनको सॉल्व करने में लंबा समय लगा। यही वजह रही कि जिन स्टूडेंट्स ने फिजिक्स को पहले अटैम्प्ट किया, उनके पीछे के सवाल छूट गए। इसके अलावा जीके के 20 सवालों में इस बार मेंटल एबिलिटी के सवाल ज्यादा संख्या में नजर आए। केमेस्ट्री और बायोलॉजी के सवाल एवरेज थे, जिसके कारण स्टूडेंट्स का स्कोर संभल जाएगा। भोपाल में एम्स एग्जाम के लिए दो टेस्ट सेंटर्स बनाए गए थे, जहां करीब 5000 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए। 

नागपुर-गुंटूर में एम्स खुलने से 100 सीटें बढ़ीं 

इस साल डॉक्टर बनने का मौका पहले से ज्यादा मिलेगा। नागपुर और गुंटूर में दो नए एम्स खुलने से 100 सीटों का इजाफा हुआ है। देश के 9 एम्स में एमबीबीएस की कुल 807 सीटें हैं। इन सीटों पर आरक्षण होने से जनरल कैटेगरी को 450, ओबीसी को 243, एससी को 135 और एसटी को 72 सीट्स पर सिलेक्शन मिलेगा। सभी कैटेगरीज में 3% सीटों पर स्पेशली एबल्ड लोगों को प्रवेश मिलेगा। 

2 शिफ्टों में हुआ एग्जाम

- एग्जाम को दो शिफ्ट में रखा गया था। मॉर्निंग शिफ्ट 9:00 से 12:30 बजे और दोपहर शिफ्ट 3:00 से शाम 6:30 बजे की थी।

कब हुआ एग्जाम

- AIIMS में एडमिशन के लिए एंट्रेस टेस्ट दो दिन चला।
- एग्जाम 26 मई व 27 मई 2018 को कंडक्ट कराया गया।

एग्जाम से यहां मिलेगा एडमिशन

- इस एग्जाम से उम्मीदवारों को दिल्ली, पटना, भोपाल, जोधपुर, भुवनेश्वर, ऋषिकेश, रायपुर, गुंटुर और नागपुर कैंपस में एडमिशन दिया जाएगा।

ऐसे भरी जाएंगी सीटें 

- ये सभी सीटें इंटर कंबर्टेबल हैं अर्थात ओपन राउंड में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित सीटों पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने पर ये सीटें सामान्य वर्ग को स्थानांतरित कर दी जाती है।
- एम्स-2018 का एग्जाम परिणाम 18 जून को घोषित होगा। 2017 में ऑल इंडिया रैंक 1500 तक के स्टूडेंट्स को एम्स में एडमिशन मिला था। 
- प्रत्येक साल की स्थिति को देखते हुए 2018 में ऑल इंडिया रैंक 1300-1400 तक के स्टूडेंट्स को एम्स में एडमिशन मिलने की संभावना है। 

कितनी है आरक्षित सीटें

- AIIMS में सामान्य वर्ग के लिए 400, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 215, एससी वर्ग के लिए 119, एसटी वर्ग के लिए 64 तथा पीएच वर्ग के लिए 40 सीटें आरक्षित है हालांकि ओपन राउंड में यह सभी सीटें इंटर कंवर्टेबल है यानी कि एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग की सीटों पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने पर सामान्य वर्ग को स्थानांतरित कर दी जाती है।

807 सीट्स के लिए हुआ एग्जाम

- एम्स एमबीबीएस 2018 प्रवेश परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को नौ अलग-अलग एम्स संस्थानों में 807 सीटों के लिए एग्जाम लिया गया।

कॉलेज सीट्स
एम्स दिल्ली 107
एम्स भोपाल 100
एम्स भुवनेश्वर 100
एम्स जोधपुर 100
एम्स पटना 100
एम्स रायपुर 100
एम्स ऋषिकेश 100
एम्स नागपुर 50
एम्स गुंटूर 50

 

18 जून को आएगा रिजल्ट, काउंसलिंग 3 जुलाई से

- AIIMS में एमबीबीएस कोर्स के लिए हो रहे एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट 18 जून को घोषित किया जाएगा। जबकि काउंसलिंग 3 जुलाई से शुरू होगी।
- काउंसलिंग का पहला चरण 3 से 6 जुलाई, दूसरा चरण 2 अगस्त से और तीसरा चरण 4 सितंबर को होगी।
- इसके बाद ओपन काउंसलिंग 27 सितंबर से शुरू होगी। 


 

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