AICTE / अब इंजीनियरिंग कॉलेजों से भी कर सकेंगे बीए-बीएससी जैसे कोर्सेस

AICTE ने इंजीनियरिंग कॉलेजों की घटती संख्या को देखते हुए उठाया कदम

एजुकेशन डेस्क। देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में हर वर्ष बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं। इस कारण धीरे-धीरे इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या तेजी से घट रही है। इसको देखते हुए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद यानी एआईसीटीई ने घोषणा की है कि जिन इंजीनियरिंग कॉलेजों में आधी से अधिक सीटें खाली रह जाएंगी, वह कॉलेज अपने यहां बीए और बीएससीAICTE ने इंजीनियरिंग कॉलेजों की घटती संख्या को देखते हुए उठाया कदम जैसे कोर्स शुरू कर सकेंगे। इससे कॉलेज के संसाधनों का सही तरह से इस्तेमाल हो सकेगा और इन इंजीनियरिंग कॉलेजों को बंद करने की नौबत नहीं आएगी। इन कॉलेजों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स और बीए और बीएससी जैसे कोर्स के स्टूडेंट्स के लिए प्लेग्राउंड और बाकी संसाधन एक ही हो सकते हैं। 

पहले लेनी होगी जरूरी स्वीकृति और अनुमति
- इंजीनियरिंग कॉलेज में नए कोर्स शुरू करने से पहले अनुमति लेना आवश्यक है। इसके लिए एआईसीटीई के अप्रूवल के साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेजों को यूजीसी जैसे संबंधित नियामकों से अन्य स्वीकृतियां लेनी पड़ेंगी। कॉलेजों को संबंधित विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा निदेशालय से भी अनुमति लेना आवश्यक होगा। इसके बाद ही वे अपने कैंपस में यह कोर्स शुरू कर सकेंगे। वहीं बीएससी का कोर्स शुरू करने से पहले संस्थान को संबंधित प्रयोगशाला और उपकरणों के बारे में भी जानकारी देनी होगी।
 

Next News

CBSE / 10वीं का मैथ्स होगा आसान, 2020 से दो स्तरों में होगी गणित की परीक्षा

दो स्तर- मैथमेटिक्स स्टैंडर्ड और मैथमेटिक्स बेसिक की होंगी परीक्षाएं

Array ( )