इतिहास में आज (15/01/2019) / 85 साल पहले बिहार में 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था, इससे 20 हजार लोगों की मौतें हुई थी

भूकंप का केंद्र पूर्वी नेपाल से करीब 10 किलोमीटर दूर माउंट एवरेस्ट के दक्षिण में था

1934 - आज के दिन (15/01/2019) भारत और नेपाल ने अब तक का सबसे खतरनाक भूकंप झेला था। उसकी तीव्रता 8.7 थी। इस भूकंप से बिहार में 20 हजार लोगों की मौत हुई थी। भूकंप का केंद्र पूर्वी नेपाल से करीब 10 किलोमीटर दूर माउंट एवरेस्ट के दक्षिण में था। पूर्व में पूर्णिया से पश्चिम में चंपारण तक करीब 320 किलोमीटर के क्षेत्र और उत्तर में काठमांडू से दक्षिण में मुंगेर तक इसका प्रभाव देखने को मिला। यह भारतीय प्रायद्वीप में अब तक का सबसे खतरनाक भूकंप माना जाता है। नेपाल में काठमांडू, भक्तापुर और पाटन को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ और सड़कों में गहरी दरारें पड़ गईं थीं। हालांकि प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर को नुकसान नहीं हुआ। भूकंप में मुजफ्फरपुर और मुंगेर शहर पूरी तरह बर्बाद हो गए और मोतीहारी और दरभंगा शहरों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। भूकंप का असर मुंबई, असम और पंजाब में भी रहा। महात्मा गांधी भी इस घटना के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने बिहार गए थे। 

खास : रिंग ऑफ फायर पर बसा इंडोनेशिया 17 हजार द्वीपों का देश है। वहां कई सक्रिय ज्वालामुखी हैं। उसने 2018 में 11 हजार से ज्यादा भूकंपों का सामना किया था। 
 

Next News
Array ( )