इतिहास में आज (24/01/2018) / 69 साल पहले संविधान सभा ने जन गण मन को भारत के राष्ट्रगान के तौर पर स्वीकारा था

इसके पहले इसे 27 दिसंबर 1911 को कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गाया गया था

1950- आज ही के दिन (24/01/2018) संविधान सभा ने जन गण मन को भारत के राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया था। इसके पहले इसे 27 दिसंबर 1911 को कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गाया गया था। रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे मूलत: बांग्ला में लिखा था। बाद में हिंदी में अनुवाद किया गया। जन गण मन के गायन की अवधि लगभग 52 सेकंड है। पूरे गान में पांच पद हैं। राष्ट्रगान देशप्रेम से पूर्ण संगीत रचना होती है। इसमें देश के इतिहास, सभ्यता, संस्कृति और उसकी जनता के संघर्ष की व्याख्या की जाती है। सबसे पुराना राष्ट्रगान ब्रिटेन का ‘गॉड सेव द क्वीन’ है। इसे 1825 में राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया था। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रगान में पांच देशों की 11 भाषाओं के शब्द हैं।

खास : रवींद्रनाथ टैगोर इकलौते कवि हैं, जिन्होंने दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखा। उनकी रचना ‘आ

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