हायर एजुकेशन / पोर्टल खुलते ही यूजी कोर्स में पहले दिन हुए 5 हजार 866 रजिस्ट्रेशन

किसी भी राउंड में अब छात्राओं से नहीं लिया जाएगा पोर्टल शुल्

एजुकेशन डेस्क। मध्य प्रदेश के 1250 सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में संचालित अंडर ग्रेजुएशन कोर्स के लिए एडमिशन प्रक्रिया सोमवार को शाम 4 बजे शुरू हो सकी। इसके बाद 5 हजार 866 रजिस्ट्रेशन हुए। इसमें 3 हजार 996 छात्राएं हैं। पोर्टल के देरी से शुरू होने का कारण छात्राओं को पोर्टल शुल्क से दी गई छूट को बताया जा रहा है। इसके लिए एमपी ऑनलाइन को सॉफ्टवेयर में बदलाव करना पड़ा है।

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के मुताबिक सत्र 2019-20 के लिए आयोजित एडमिशन काउंसलिंग में अब छात्राओं से रजिस्ट्रेशन कराते समय एमपी-ऑनलाइन का पोर्टल शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में विभाग ने सोमवार को आदेश जारी कर दिया है। यूजी व पीजी में एडमिशन के लिए एमपी ऑनलाइन के लिए प्रति छात्र 50 रुपए पोर्टल शुल्क लेना तय किया गया था।

एमपी ऑनलाइन को छात्राओं के संपूर्ण पोर्टल शुल्क एवं छात्रों के अतिरिक्त पोर्टल शुल्क की प्रतिपूर्तिराज्य शासन द्वारा पंजीयन शुल्क के माध्यम से की जाएगी। पोर्टल शुरू नहीं होने के कारण छात्र-छात्राएं कॉलेज और कियोस्क सेंटर के चक्कर काटते हुए परेशान होते रहे। लेकिन, रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके। रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं होने से शिक्षा विभाग के हेल्पलाइन पर भी कॉलेज और छात्रों के लगातार कॉल पहुंचते रहे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने का लिंक पोर्टल पर शाम 4 बजे जारी किया गया। पोर्टल शुरू होने की जानकारी लगने के बाद छात्रछात्राओं ने कियोस्क पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना शुरू कर दिया। मंगलवार को यह आंकड़ा 20 हजार से अधिक हो सकता है। 

समय कम मिलने से होगी परेशानी
- इधर शेड्यूल को लेकर अभा विद्यार्थी परिषद द्वारा भी सवाल खड़ेकिए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया प्रदेश भर के कॉलेजों के लिए सेंट्रलाइज्ड लेवल पर होती है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बंटी चौहान का कहना है कि इस मामले जल्द ही उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को ज्ञापन सौंपकर छात्रहित में निर्णय लेने की मांग करेंगे।

पहले राउंड : 16 तक रजिस्ट्रेशन 
- 16 जून तक रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तारीख है। वही, दस्तावेज का सत्यापन 17 जून तक होगा। रजिस्ट्रेशन और सत्यापन करा लेने वाले छात्रों को 27 जून को अलॉटमेंट लेटर जारी होंगे। वहीं संबंधित कॉलेज में आवश्यक दस्तावेज जमाकर ऑनलाइन फीस का भुगतान कर 28 से 1
जुलाई तक एडमिशन लेना होगा। 

दूसरा राउंड : 3 जुलाई से
- 3 जुलाई : पहले राउंड के बाद खाली सीट की लिस्ट जारी होगी।
- 4 से 7 जुलाई : ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
- 4 से 8 जुलाई : दस्तावेजों का सत्यापन और पहले राउंड में खाली रह गई सीटों के लिए पुन: कॉलेज, कोर्सव विषय की च्वाॅइस लॉक करना
- 15 जुलाई : सीट अलॉटमेंट करना
- 15 से 19 जुलाई : अलॉट किए गए कॉलेज में आवश्यक दस्तावेज जमा कर ऑनलाइन फीस का भुगतान करना।

पहले राउंड में रजिस्ट्रेशन के लिए 7 और सत्यापन के लिए 8 दिन मिलेंगे
- एडमिशन काउंसलिंग के पहले राउंड में रजिस्ट्रेशन के लिए 7 दिन, और सत्यापन के लिए आठ दिन का समय छात्रों को दिया गया है। लेकिन, इसके बाद अलॉटमेंट जारी करने के लिए 10 दिन का समय लिया गया है। ताकि, उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो। जबकि, व्यवस्था सेंट्रलाइज्ड व ऑनलाइन ही है। इसी प्रकार दूसरे राउंड में रजिस्ट्रेशन के लिए 4 दिन और सत्यापन के लिए 5 दिन का समय दिया है। वहीं इसके बाद अलॉटमेंट 7 वें दिन जारी होगा। इस बार उच्च शिक्षा विभाग एमपी ऑनलाइन के माध्यम से एडमिशन प्रक्रिया संचालित करा रहा है। दावा है कि इससे छात्रों को सुविधा मिलेगी।

छात्रों को मिले पर्याप्त समय
- छात्रों को रजिस्ट्रेशन के लिए पर्याप्त मिलना चाहिए। बच्चों को उतना समय तो मिलना ही चाहिए जितना समय यह अलॉटमेंट के लिए ले रहे हैं। क्योंकि, आॅनलाइन एडमिशन प्रक्रिया सॉफ्टवेयर के माध्यम से होती है इसलिए सीट अलॉटमेंट में इतना समय नहीं लेना चाहिए। प्रो.केएम जैन, पूर्व संयुक्त संचालक उच्च शिक्ष

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