सीबीएसई 10वीं बोर्ड में फ्रेंच और जर्मन भाषा में 15% डाउन रहा रिजल्ट

सीबीएसई 10वीं बोर्ड में इस बार हिंदी का रिजल्ट 8 परसेंट बढ़ा है। पिछले पांच सालों की तुलना में स्टूडेंट्स की रुचि हिंदी में बढ़ी है, वहीं तीसरी भाषा की परफॉर्मेंस में कमी आई है।

एजुकेशन डेस्क, कोटा। सीबीएसई 10वीं बोर्ड के रिजल्ट में इस बार पिछले साल की तुलना में ऑलओवर दो परसेंट तक गिरावट आई है। अगर सब्जेक्ट वाइज बात करें तो इस बार मैथ्स और हिंदी में सबसे ज्यादा रिजल्ट की बढ़ोतरी हुई है। इंग्लिश में 4 परसेंट की गिरावट आई है, वहीं साइंस, सोशल साइंस में भी 5 परसेंट रिजल्ट कम रहा है। ओवल ऑल सब्जेक्ट की बात करें तो जो स्टूडेंट्स बी1, बी2 ग्रेड वाले थे। वे खुद में इम्प्रूवमेंट करके 81 से 90 वाले मार्क्स में शामिल हो गए। इस बार सप्लीमेंट्री और फेल होने वालों की संख्या एक स्कूल में तीन या चार ही है। 87 परसेंट से भी ज्यादा स्टूडेंट्स फ़र्स्ट डिवीजन में शामिल हुए हैं। जो कि अच्छे रिजल्ट का सूचक है। गौरतलब है कि नौ साल बाद सीबीएसई ने बोर्ड शुरू किया है। अब बोर्ड एग्जाम में स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस सब्जेक्ट वाइज बेहतर हुई है। तीसरी भाषा जर्मन और फ्रेंच में रुचि कम हो रही है। यही वजह है कि 15 परसेंट रिजल्ट डाउन रहा है। पहले बच्चे फ्रेंच और जर्मन भाषाओं को तवज्जो देते थे।

91 से 100 के बीच लाने वालों की संख्या घटी 

- सीबीएसई के एनालिसिस के अनुसार 80 से 90 के बीच लाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ी है, लेकिन 90 से 100 के बीच लाने वालों की संख्या में गिरावट आई है।
- पिछले साल के मुकाबले 2 परसेंट कम हुए हैं। भले ही फ़र्स्ट डिवीजन लाने वाले बढ़े हैं, लेकिन 90 से 100 के बीच सब्जेक्ट वाइज नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स कम हुए हैं। 

पिछले साल ऐसा रहा था 10वीं का रिजल्ट

- पिछले साल 10वीं में 16,67,573 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। पिछले साल का ओवरऑल पासिंग परसेंटेज 90.95% रहा था।
- 2017 में लड़कों का पासिंग परसेंटेज 93.40% रहा था, जबकि लड़कियों का 92.50% रहा था।
- वहीं 2016 में 96.21% स्टूडेंट्स पास हुए थे। इनमें से 96.36% लड़कियां और 96.11% लड़के पास हुए थे। 

5 मार्च से 4 अप्रैल तक हुए थे 10th के एग्जाम

- इस साल 10th बोर्ड के एग्जाम 5 मार्च से शुरू हुए थे, जो 4 अप्रैल तक चले थे।
- इस साल 16,38,428 स्टूडेंट्स बोर्ड एग्जाम में शामिल हुए थे।

लगातार तीसरे साल गिरा पासिंग परसेंटेज

- इस साल ओवरऑल पासिंग परसेंटेज 86.70% रहा, जो पिछले साल से 4.25% कम है। ये लगातार तीसरा साल है, जब 10वीं क्लास का पासिंग परसेंटेज गिरा है।
- 2017 में पासिंग परसेंटेज जहां 90.95% रहा था, वहीं 2016 में 96.21% स्टूडेंट्स पास हुए थे। जबकि 2015 में 98.64% स्टूडेंट्स पास हुए थे।

 

इस साल के आंकड़े

- 92.55% रहा दिव्यांग स्टूडेंट्स का पासिंग परसेंटेज
- दिव्यांग वर्ग में गाजियाबाद की सान्या गांधी के भी 489 नंबर आए
- दिव्यांग वर्ग में गुरुग्राम की अनुष्का पांडा ने मारी बाजी, 489 नंबर के साथ रहीं टॉप पर
- ओवरऑल पासिंग परसेंटेज 86.70% रहा, जो पिछले साल से 4.25% कम है।
- इस साल 88.67% लड़कियां और 85.32 लड़कों पास हुए।
- 95% मार्क्स वाले 27,476 स्टूडेंट्स रहे।
- 90% मार्क्स पाना वाले 1,31,493 स्टूडेंट्स रहे।
- 99.60% के साथ तिरुवनंतपुरम का सक्सेस रेट रहा देश में सबसे ज्यादा 
- चेन्नई 97.37% के साथ फिर से दूसरे स्थान पर रहा। पिछले साल भी 99.62% के साथ दूसरे स्थान पर था।
- इस साल नवोदय विद्यालय 97.31% के साथ टॉप पर रहा।
- इस साल सरकारी स्कूलों का सक्सेस रेट 63.97% रहा।
- इस साल टॉप 3 में 25 स्टूडेंट्स आए, जिसमें पहले स्थान पर 4, दूसरे स्थान पर 7 और तीसरे स्थान पर 14 स्टूडेंट्स रहे।
- 11.45 फीसदी बच्चों की कंपार्टमेंट आई

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