इतिहास में आज : 14 साल पहले चंदन तस्कर वीरप्पन मारा गया था

वीरप्पन ने तीन दशक तमिलनाडु और कर्नाटक की सरकारों की नाक में दम कर रखा।

एजुकेशन डेस्क।  2004 में आज ही के दिन (18/10/2018) कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। वीरप्पन ने तीन दशक तमिलनाडु और कर्नाटक की सरकारों की नाक में दम कर रखा। तमिलनाडु और कर्नाटक की सीमा से लगने वाले जंगलों में उसने दांतों के लिए 2000 हाथियों को मारा। साथ ही वो चंदन की लकड़ी की तस्करी भी करता था। 150 से ज्यादा हत्याएं की। अप्रैल 1990 में कर्नाटक सरकार ने वीरप्पन को पकड़ने के लिए स्पेशल टास्क का गठन किया था। मई 1993 में एसटीएफ ने वीरप्पन की पत्नी और बच्चे को गिरफ्तार किया। दिसंबर 1994 में उसने तमिलनाडु के एसपी समेत छह लोगों का अपहरण किया हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया। जुलाई 2000 में उसने मशहूर कन्नड़ फिल्म अभिनेता राजकुमार और तीन अन्य लोगों का गजानूर के पास अपहरण कर लिया था। उसके बाद ही उसे खोज निकालने का अभियान शुरू हुआ था।

खास : सरकार ने वीरप्पन पर पांच करोड़ रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। कुख्यात चंदन तस्कर का अंत अाईपीएस अधिकारी के विजय कुमार ने किया।

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